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मोदी सरकार की आक्रामक नीति से बढ़ी भारत – पाक संबंधों में खटास :  इमरान खान

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 Islamabad :  पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ प्रमुख और क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान ने कहा कि पद से हटाये गये प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत–पाक संबंधों को बेहतर करने की कोशिश की थी, लेकिन भारत की मोदी सरकार के पाकिस्तान विरोधी आक्रामक रवैये ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच गतिरोध को बढा दिया.  इमरान खान ने यह भी कहा कि देश की जटिल राजनीतिक सच को समझने वाला व्यक्ति ही प्रधानमंत्री आवास में जायेगा. 65 वर्ष के खान ने डॉन अखबार को दिये साक्षात्कार में कहा कि शरीफ ने भारत के साथ संबंधों को बेहतर बनाने की अपनी सर्वश्रेष्ठ कोशिश की.

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नवाज शरीफ ने नरेंद्र मोदी को अपने घर पर बुलाया

इमरान ने कहा कि नवाज शरीफ ने नरेंद्र मोदी को अपने घर पर बुलाया. उन्होंने कहा, लेकिन उन्हें लगता है कि पाकिस्तान को अलग–थलग रखना नरेन्द्र मोदी सरकार की नीति है. उनका पाकिस्तान विरोधी एक बहुत ही आक्रामक हावभाव है कोई भी इस तरह के रवैये पर क्या कर सकता है. बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर 2015 में पाकिस्तान गये थे लेकिन जनवरी 2016 में पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले और फिर सितंबर में उरी में हुए हमले ने दोनों देशों के बीच संबंधों को तनावपूर्ण कर दिया.

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जहां सुरक्षा की समस्या होगी, वहां थल सेना शामिल हेागी

पाकिस्तान की विदेश नीति में सेना के प्रभाव पर खान ने कहा, जहां सुरक्षा की समस्या होगी, वहां थल सेना को शामिल किया जायेगा. यदि आप अफगानिस्तान में अमेरिका की नीति को देखें, तो कई अमेरिकी – अफगान नीतियां पेंटागन से प्रभावित हुई हैं. यहां तक कि जब बराक ओबामा ( पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति) ने अफगानिस्तान में युद्ध जारी नहीं रखना चाहा, तब उन्हें इसे जारी रखना पड़ा क्योंकि उन्हें पेंटागन ने इसके लिए मनाया.

 

पाकिस्तान की सेना ने देश की राजनीति में अहम भूमिका निभाई

पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना ने देश की राजनीति में हमेशा ही एक अहम भूमिका निभाई है. सेना ने पाकिस्तान के 70 साल के इतिहास में 33 साल से अधिक समय तक शासन किया है. खान ने कहा,  पाकिस्तान में राजनीति पर सेना का प्रभाव रहा है क्योंकि हमारे पास बदतर राजनीतिक सरकारें थी. मैं इसे उचित नहीं ठहरा रहा लेकिन जहां खाली जगह होगी, उसे कुछ ना कुछ तो भरेगा ही.  उसे कुछ ना कुछ तो भरेगा ही. उन्होंने कहा, आप चुनाव जीतने के लिए लड़ते हैं. मैं जीतना चाहता हूं.

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