न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

इमरान खान को एक फोन एप और पांच करोड़ वोटरों के डेटाबेस ने जिताया!

पाकिस्तान में हुए आम चुनाव को लेकर एक नयी खबर आयी है.

234

Islamabad : पाकिस्तान में हुए आम चुनाव को लेकर एक नयी खबर आयी है. कहा जा रहा है कि इमरान खान की जीत में अमेरिका में रहने वाले दो पाकिस्तानी मुस्लिमों द्वारा बनाया एप का येागदान रहा. खबरों के अनुसार इस फोन एप और पाकिस्तान के पांच करोड़ वोटरों के डेटाबेस ने इमरान को जीत दिला दी. समाचार एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने इस एप के जरिये वोटरों को टारगेट किया. कहा कि वोटिंग के दिन वोटरों को मोबलाइज कर बूथ सेंटर पर पहुंचने में ऐप ने मदद की. रायटर्स के अनुसार  25 जुलाई को मतदान से पूर्व तक पीटीआई के बड़े नेता इस प्लान के संबंध में चुप्पी साधे रखी.

इसे भी पढ़ें- पांच साल में झारखंड से गायब हुए 2789 बच्चे, लगभग आधे का नहीं मिल सका सुराग

पीटीआई नेताओं ने प्लान की भनक विपक्षी पार्टियों को नहीं लगने दी

पीटीआई नेताओं ने प्लान की भनक विपक्षी पार्टियों को नहीं लगने दी. क्योंकि विपक्षी दल इस प्लान को जान कर उसकी काट निकाल सकते थे. बता दें कि इस एप को कॉस्टीट्यूएंसी मैनेजमेंट सिस्टम का नाम दिया गया था.  आमिर मुगल नाम के शख़्स को इस एप और डेटाबेस के इस्तेमाल का उत्तरदायित्व दिया गया था.  आमिर मुगल के अनुसार इसका बहुत बड़ा असर देखने को मिला. बताया कि  इस एप में किसी भी वोटर का नंबर डालने से उसके बारे में सारी सूचना मिल सकती थी, जैसे कि उसका पता, उसके घर में कितने वोटर्स हैं, इत्यादि इसके जरिये पीटीआई नेता मतदाताओं को टारगेट कर सकते थे.

जान लें कि चुनाव से पूर्व इमरान खान ने  पीटीआई कैंडिडेट को व्हाट्सएप के जरिये वीडियो संदेश भेज कर उन्हें सीएमएस अपनाने को कहा था.  इमरान के अनुसार  उन्होंने  महसूस किया कि यह कैसे काम करता है. इमरान ने इसे आपे पांचों संसदीय क्षेत्र में इस्तेमाल किया. बता दें कि  पाकिस्तान में मतदान के दिन इस एप पर कुल दो करोड़ सर्च किये जाने की बात कही गयी.

इसे भी पढ़ें- ‘सरकार की कारगुजारियां उजागार करने वाले को देशद्रोही का तमगा देना बंद करें रघुवर सरकार’

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें
स्वंतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकट लगातार गहराता जा रहा है. भारत के लोकतंत्र के लिए यह एक गंभीर और खतरनाक स्थिति है.इस हालात ने पत्रकारों और पाठकों के महत्व को लगातार कम किया है और कारपोरेट तथा सत्ता संस्थानों के हितों को ज्यादा मजबूत बना दिया है. मीडिया संथानों पर या तो मालिकों, किसी पार्टी या नेता या विज्ञापनदाताओं का वर्चस्व हो गया है. इस दौर में जनसरोकार के सवाल ओझल हो गए हैं और प्रायोजित या पेड या फेक न्यूज का असर गहरा गया है. कारपोरेट, विज्ञानपदाताओं और सरकारों पर बढ़ती निर्भरता के कारण मीडिया की स्वायत्त निर्णय लेने की स्वतंत्रता खत्म सी हो गयी है.न्यूजविंग इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरोकार की पत्रकारिता पूरी स्वायत्तता के साथ कर रहा है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि इसमें आप सब का सक्रिय सहभाग और सहयोग हो ताकि बाजार की ताकतों के दबाव का मुकाबला किया जाए और पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा करते हुए जनहित के सवालों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए. हमने पिछले डेढ़ साल में बिना दबाव में आए पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखा है. इसे मजबूत करने के लिए हमने तय किया है कि विज्ञापनों पर हमारी निभर्रता किसी भी हालत में 20 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो. इस अभियान को मजबूत करने के लिए हमें आपसे आर्थिक सहयोग की जरूरत होगी. हमें पूरा भरोसा है कि पत्रकारिता के इस प्रयोग में आप हमें खुल कर मदद करेंगे. हमें न्यूयनतम 10 रुपए और अधिकतम 5000 रुपए से आप सहयोग दें. हमारा वादा है कि हम आपके विश्वास पर खरा साबित होंगे और दबावों के इस दौर में पत्रकारिता के जनहितस्वर को बुलंद रखेंगे.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Open

Close
%d bloggers like this: