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 आदिम जाति के दुखन परहिया के आधार कार्ड में नहीं हो रहा सुधार, डेढ़ वर्ष से है परेशान

अंतिम पायदान पर खड़े आदिम जनजाति परिवार को नहीं मिल रहा है कोई सरकारी सुविधा

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Manoj Dutt  Dev

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Latehar : लातेहार के चंदवा प्रखंड के ग्राम चटुआग परहैया टोला निवासी आदिम जाति के वृद्ध दुखन परहिया (68) व उनकी पत्नी फुलमनियां परहिन अपने आधार कार्ड के मारे हुए हैं.  दुखन ने क्षेत्र भ्रमण कर रहे पूर्व कामता पंचायत समिति सदस्य फहमीदा बीवी व माकपा नेता सह चतरा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके अयूब खान को अपनी समस्यायों से अवगत कराया.  दुखन ने बताया कि आधार मे पता लोहरदगा, पिता का नाम गड़बड़ है.  पत्नी का आधार कार्ड ही नहीं बना है.  आधार कार्ड में नाम दुखन परहिया, पिता महरू परहिया पता अम्बा पावा, शिरम, मक्का, किसको लोहरदगा है.

कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए लोहरदगा अपने रिश्तेदारों के यहां गया था, आधार कार्ड वहीं बना लिया.  अब इससे यहां कोई काम नहीं होता है.  मैं करीब दो दशक से चटुआग में रह रहा हूं.  स्थानीय प्रशासन सरकारी सुविधा देने के लिए यहां का आधार कार्ड मांगता है. तत्कालीन बीडीओ देवदत्त पाठक के निर्देश पर राशन डीलर शाहिद खान, मुखिया पति नरेश भगत ने चंदवा प्रखंड मुख्यालय में आधार कार्ड के लिए  06-12-2017 तथा 17-05- 2018 को मेरा नामांकन करवाया था.

उसमें दुखन परहिया, पिता स्व0 मंगरा परहिया ग्राम चटुआग, पोस्ट कामता, प्रखंड चंदवा, जिला लातेहार है. लेकिन मेरे आधार कार्ड में सुधार नहीं हो पाया है.  थक- हारकर मैं घर में निराश होकर पड़ा रहता हूं.  अयूब खान ने बताया कि वृद्ध दुखन ही अपनी बूढ़ी पत्नी का सहारा हैं. वह बांस की सूप बनाकर बाजार में बेचकर अपना तथा पत्नी का भरण पोषण करता है.

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सरकारी सुविधाओं में आधार कार्ड बाधक बन गया है

अयूब खान ने बताया कि मेरे हस्तक्षेप के बाद एमओ के निर्देश पर आज भी इस परिवार को बिना राशन कार्ड के नि: शुल्क 35 किलो खाद्यान्न राशन डीलर शाहिद खान उपलब्ध करा रहा है.  लेकिन आधार कार्ड नहीं देने पर राशन बंद करने की बात कही जा रही है. राशन के अलावा उन्हें और भी सरकारी सुविधाओं की जरूरत है, राशन बंद हुआ तो इस परिवार में भूख से मौत हो सकती है. आधार कार्ड में सुधार नहीं होने से बैंक में खाता नहीं खुल पा रहा है, वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं.

प्रधानमंत्री आवास से दुखन  वंचित हैं, आयुष्मान भारत का कार्ड नहीं है इनके पास. उज्जवला योजना आदि सभी सरकारी सुविधाओं से यह परिवार अबतक महरूम है.  अयूब खान ने उपायुक्त राजीव कुमार, सीओ मुमताज अंसारी, बीडीओ अरविंद कुमार से दुखन परहिया के आधार कार्ड को सुधार करवाने, पत्नी फुलमनियां परहिन का नया आधार कार्ड बनवाने, बैंक में खाता खोलवाकर सभी सरकारी सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है.

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