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बेखौफ होती बालू की अवैध ढुलाई, ना बालू के पेपर- ना ही ड्राइवर के पास लाइसेंस

खनन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण बेखौफ हैं बालू माफिया !

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Dhanbad/Sindari: धनबाद के झरिया में बालू उठाव का अवैध धंधा धड़ल्ले से जारी है. शहर के भौंरा जहाज टांड़ में अवैध बालू उठाव और ट्रांसपोर्टिंग पूरे जोरशोर से चल रही है. दामोदर नदी से बालू उठा कर बड़े ही आराम से उसे खपाया जा रहा है. बालू उठाव कर रहे ट्रैक्टर चालकों के पास ना तो इसके कागजात होते हैं, ना ही चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस. इसके बावजूद खुलेआम बालू उठाव को गोरखधंधा जारी है, जो कहीं-ना कहीं प्रशासन की अनदेखी का नतीजा लगता है.

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डीसी के निर्देश का नहीं दिखता असर

कुछ दिन पूर्व ही धनबाद के उपायुक्त ने कड़े शब्दों में थाना के अधिकारी और सीओ को निर्देश दिया था कि कोयले और बालू की अवैध ढुलाई पर लगाम लगाये. अगर किसी भी क्षेत्र से अवैध बालू या कोयले की ढुलाई होती है तो इसकी जवाबदेही उस क्षेत्र के सीओ और थाना प्रभारी की होगी.

लेकिन न्यूजविंग ने आपको बताया कि किस तरह से इलाके में बालू की ढुलाई जारी है. इस वीडियो को देख कर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह झरिया क्षेत्र के जिला प्रशासन अपने उच्चअधिकारी के निर्देश का पालन कर रहे हैं.

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पुलिस-प्रशासन का नहीं डर

जहाजटांड़ इलाके में जिस तरह से बालू की धड़ल्ले से ढुलाई की जा रही है. बगैर किसी कागजात के ट्रैक्टरों से बालू उठाव हो रहा है. इतना ही नहीं ट्रैक्टर चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं होता, लेकिन ये बेखौफ हैं. मानो पुलिस-प्रशासन, किसी तरह की कार्रवाई का कोई डर ही नहीं हो.

जहाजटांड़ बालू घाट की नहीं हुई नीलामी

यूं तो कार्रवाई के नाम पर कई बार पुलिस बालू लदे अवैध गाड़ियों को पकड़ती है. लेकिन इसके बाद बालू माफिया का सिंडिकेट इस कदर एक्टिव हो जाता है कि बाद में खनन विभाग की ओर से इन गाड़ियों को क्लीन चिट मिल जाती है. जिसके बाद गाड़ियों को छोड़ दिया जाता है.

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लेकिन बड़ी बात ये है कि जहाजटांड़ बालू घाट की अबतक नीलामी नहीं हुई है. ऐसे में खनन विभाग द्वारा इस घाट से उठाये गये बालू को क्लीन चिट देना, अपने आप में सवाल खड़े करता है.

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