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धड़ल्ले से काटे जा रहे वन, जनसंवाद केन्द्र में शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं

Dumka: सूबे के मुखिया रघुवर दास वनों के संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध दिखते हैं. मुख्यमंत्री ने वनरोपण अभियान और नदी महोत्सव अभियान चला रखा है. लेकिन शिकारीपाड़ा जिले में वन पदाधिकारियों के उदासीन रवैये से पहाड़ों का अस्तित्व खतरे में है.

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धड़ल्ले से वनों को कटवा रहे हैं भ्रष्ट अधिकारी ?

जिले के लोग आरोप लगाते हैं कि वन अधिनियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर वनों की कटाई हो रही है. अवैध लकड़ी का व्यापार, अवैध पत्थर खनन और कोयला खनन कर करोड़ों के वारे न्यारे हो रहे हैं. आरोप है कि वन विभाग के कई अधिकारी पैसे लेकर इन गैर कानूनी कामों को सह दे रहे हैं. कई अधिकारी तो कारोबार के हिस्सेदार बन बैठे हैं.

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बंगाल सीमा से सटे होने का फायदा उठा रहे हैं तस्कर

वन विभाग द्वारा अधिग्रहित क्षेत्र में कारोबार के फलने-फूलने से स्थानीय प्रशासन सहित खनन विभाग भी अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला बता कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं. सबसे गंभीर समस्या जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड से सटे पश्चिम बंगाल के सीमा पर कुलकुलीडंगाल के गोसाईं पहाड़ी की है. यहां लकड़ी, पत्थर और कोयला तस्करों का जाल है. ये लोग बंगाल में भी अवैध कारोबार करते हैं.

कभी यहां घने जंगल थे, अभी खेखले पहाड़ नजर आते हैं
कभी यहां घने जंगल थे, अभी खेखले पहाड़ नजर आते हैं

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कारोबारियों की ऊंची पहुंच, पक्ष-विपक्ष के नेता भी हैं नहीं उठाते सवाल

ग्रामीणों की माने तो अवैध खनन को लेकर माफिया पहाड़ों को नष्ट कर रहे हैं. कारोबारी बड़े-बड़े पेड़ को काटने के लिए मशीनों का उपयोग करते हैं. जेसीबी से जंगलों को रौंदा जा रहा है. कारोबारियों की पहुंच कितनी मजबूत है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सत्तापक्ष और विपक्षी दलों के नेता भी उनके खिलाफ आवाज नहीं उठाते. ग्रामीणों का आरोप है कि नेताओं को भी अवैध धंधे में कमीशन मिलता है.

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मुख्यमंत्री जनसंवाद केन्द्र में शिकायत का भी असर नहीं

स्थानीय ग्रामीण माफियाओं के भय से खुलकर तो कुछ नहीं कहते लेकिन उन्होने डाक द्वारा शिकायत की बात कही है. ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन का विरोध करने पर उन्हे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता है. मामले में स्थानीय लोग, वन प्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्त्ताओं ने मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में भी शिकायत की है, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई नहीं की गई.

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बीडीओ के घर के पिछवाड़े से मिली 15 लाख की अवैध लकड़ी

हाल ही में सरैयाहाट के बीडीओ के सरकारी आवास के पिछवाड़े से 15 लाख रुपये की कीमती लकड़ी बरामद की गई थी. 15 लाख की कीमती लकड़ी बीडीओ के सरकारी आवास के पीछे (नजदीक) एक कारोबारी का लकड़ी रखने का अड्डा था. जहां से पुलिस बरामद कर कारोबारी के तीन पुत्र को पूछताछ के लिए मुख्यालय लायी थी. वह लकड़ी लेकर बिहार सप्लाई करता था. इस मामले में जेवीएम के नेताओं ने जिला प्रशासन से लेकर सीएम तक से शिकायत करने की बात कही है.

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