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एक नवंबर से बगैर फिटनेस सर्टिफिकेट के वाहनों को चलाना गैरकानूनी

परिवहन आयुक्त ने जारी की सूचना

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Ranchi: राजधानी रांची में बगैर फिटनेस सर्टिफिकेट के वाहनों को चलाना गैरकानूनी करार दिया गया है. राजधानी में व्यावसायिक वाहनों के परिचालन के लिए फिटनेस का होना जरूरी कर दिया गया है. परिवहन आयुक्त ने राजधानी में सभी तरह के व्यावसायिक वाहन ऑटो, कार, जीप, 407, ट्रक, बस के लिए यह सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया है. इस सर्टिफिकेट में मोटर वेहीकल इंस्पेक्टर (एमवीआइ) का काउंटर साइन (प्रतिहस्ताक्षर) भी जरूरी कर दिया गया है. राज्य सरकार का यह नियम एक नवंबर 2018 से लागू किया गया है. राज्य में एमवीआइ की कमी की वजह से काउंटर साइन नहीं हो पा रहा है. राज्य भर में सिर्फ पांच एमवीआइ हैं. रांची के एमवीआइ अवधेश कुमार सिंह पांच जिलों के प्रभार में हैं. ये 31 दिसंबर को सेवानिवृत हो रहे हैं. वर्क लोड की अधिकता की वजह से इनके पास कई फाइल लंबित रहते हैं, जिनका समय पर निबटारा नहीं हो पाता है.

वाहनों का फिटनेस टीयूभी-एसयूडी से हो रहा है जारी

सभी व्यावसायिक वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट राजधानी के ओरमांझी में जापान के सहयोग से निर्मित टीयूभी-एसयूडी साउथ एशिया से जारी किया जायेगा. इस फिटनेस केंद्र की स्थापना छह करोड़ की लागत से की गयी है. इस सेंटर पर स्वचालित मशीनों से वाहनों के फिटनेस की जांच की जाती है. रांची में मॉडल फिटनेस केंद्र की स्थापना की गयी है. इसके सफल होने पर सभी जिलों में फिटनेस केंद्र खोले जायेंगे.

गाड़ियों के दस्तावेज के अलावा फिटनेस भी जरूरी

व्यावसायिक वाहनों में गाड़ियों के दस्तावेज के अलावा फिटनेस सर्टिफिकेट भी अनिवार्य कर दिया गया है. वाहनों में पथ कर, पर्यावरण प्रदूषण सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के निबंधन संबंधी पेपर, बीमा के दस्तावेज रखना जरूरी कर दिया गया है. इसके अलावा रूट परमिट भी वाहनों में रखना अनिवार्य किया गया है.

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