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तिसरी में अवैध माईका लदे ट्रक को वन प्रमंडल ने जब्त किया, ट्रक चालक पिता-पुत्र को भेजा गया जेल

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Giridih: माइका के अवैध कारोबारियों के बढ़ते मनोबल ने गिरिडीह वन प्रमंडल को सुस्त कर दिया है. माईका के अवैध कारोबारी गांवा-तिसरी की वनभूमि से उत्खन्न कर माईका लेकर निकल जाते हैं.

इसकी भनक भी वन प्रमंडल पदाधिकारियों को भी नहीं लगती. इसी वातावरण में वन प्रमंडल के पदाधिकारियों को एक कामयाबी मिली है. मंगलवार को ऐसा ही कुछ हुआ, जब तिसरी के वनभूमि क्षेत्र से निकला ढिबरा लदा मालवाहक वाहन को जब्त करने के साथ ट्रक चालक मो नूर और उसके बेटे अरबाज अंसारी को दबोचने में सफलता मिली.

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20 टन माईका है जब्त ट्रक में

जब्त ट्रक में करीब 20-22 टन माईका लोड होने की बात कही जा रही है. वन विभाग के पदाधिकारियों के हत्थे चढ़ा ट्रक चालक मो नूर और उसके बेटे अरबाज से पूछताछ में कई और बातें मालूम हुई हैं.

चालक मो नूर के फर्द बयान के आधार पर गांवा रेंजर शंकर पासवान ने गिरिडीह वन प्रमंडल कार्यालय में केस दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया. इधर ढिबरा मालिक सिंकदर बर्णवाल भागने में सफल रहा. पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.

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पीछा कर पकड़ा गया ट्रक को

गांवा रेंजर शंकर पासवान को मिली गुप्त सूचना के बाद रेंजर ने तिसरी के वनपाल जीतनारायण समेत अन्य विभागीय कर्मियों के साथ अवैध माईका लदे वाहन का पीछा किया. इस बीच चालक जब ट्रक को लेकर खिजूरी के समीप पहुंचा, तो अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया.

गिरफ्तार ट्रक चालक मो नूर ने बताया कि ढिबरा मालिक सिंकदर बर्णवाल शहर के किसी बड़ी माईका कंपनी में इसे पहुंचा रहा था. इसके लिए सिकंदर बर्णवाल ने एक ट्रक मालिक से बातकर कर माईका कारखाना तक ढिबरा पहुंचाने को कहा था. पूछताछ में चालक मो नूर ने बताया कि सिकंदर कई दिनों से वनभूमि क्षेत्र से माईका का अवैध कारोबार करता आ रहा है.

कहां जा रहा था ट्रक  

ट्रक मालिक जमुआ के द्वारपहरी का निवासी खजरत अंसारी बताया जा रहा है. चालक मो नूर ने पूछताछ में यह भी खुलासा कि सिकंदर वनभूमि से निकलने के बाद खिजूरी से पहले उतर गया था.

इस दौरान सिकंदर ने चालक को बता दिया था कि वह जब तेलोडीह पहुंच जायेगा. विभागीय कर्मियों की मानें तो ढिबरा लदे ट्रक को पचंबा के ही किसी कारखाने में डंप होना था.

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