JharkhandMain SliderRanchi

IFS संजय कुमार और राजीव लोचन बख्शी पर वित्तीय अनियमितता के आरोप की जांच हो या न हो मंतव्य नहीं दे रहा वन विभाग

विज्ञापन

Pravin Kumar

Ranchi : भ्रष्टाचार के मामले के आरोपी दो आईएफएस अफसरों पर जांच हो या ना हो, इस पर वन विभाग पिछले तीन माह से अपना मंतव्य नहीं दे रहा है. आरोपी अफसरों में आईएफएस संजय कुमार और राजीव लोचन बख्शी का नाम शामिल है.

संजय कुमार अभी वन विभाग में प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह वन बल प्रमुख के पद पर पदस्थापित हैं और राजीव लोचन बख्शी प्रदूषण विभाग में सदस्य सचिव व वन संरक्षक पद पर पदस्थापित हैं. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दोनों के खिलाफ जांच शुरु करने के लिये सरकार से आदेश मांगा है.

advt

मंत्रिमंडल निगरानी ने इसे लेकर वन विभाग से मंतव्य मांगा है. रिमाइंडर भी भेजा है. जब तक सरकार जांच शुरु करने का आदेश नहीं देती है, तब तक दोनों अफसरों पर लगे भ्रष्टाचार की जांच शुरु भी नहीं हो सकती.

इसे भी पढ़ेंःNEWS WING IMPACT:  बालू लूट पर सचिव ने DC-SP से कहा, हुआ अवैध खनन तो आप जिम्मेदार

क्या है मामला

सरकार ने विश्व पर्यावरण दिवस 05 जून 2018 को रांची के खेल गांव में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था. कार्यक्रम का आयोजन वन विभाग की तरफ से किया गया था. समारोह स्थल को 6.60 लाख रुपया का बैलून से सजाया था.

20,000 रूपये खर्च कर गैस भरे बैलून उड़ाये गये थे. कार्यक्रम में हुए खर्च हो लेकर 28 नवंबर 2018 को अशोक वर्मा नामक व्यक्ति ने लोकायुक्त के यहां शिकायत दर्ज करायी थी. जिसमें आरोप लगाया गया था कि कार्यक्रम में जरुरत से ज्यादा खर्च किये गये.

adv

वित्तिय अनियमितता की गयी. इसके लिये आईएफएस अफसर संजय कुमार और राजीव लोचन बख्शी जिम्मेदार हैं. लोकायुक्त ने मामले को गंभीर बताते हुए आरोपों की जांच करने का निर्देश भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दिया.

इसे भी पढ़ेंःजम्मू-कश्मीर के सोपोर में मुठभेड़, एक आतंकवादी ढेर

जांच की अनुमति देने की मांग

मामले में शिकायतकर्ता बने अशोक वर्मा ने मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग को एक पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने विभाग से अनुरोध किया है कि मामले की जांच करने की अनुमति एसीबी को दी जाये.

उन्होंने अपने पत्र में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश (माननीय उच्च न्यायालय के 5 सदस्य पीठ ने यह आदेश WRIT PETITION (CIVIL) NO.38 OF 1997 Dr.Subramanian Swamy v/s Dircector,central Bureau of Investigation) को भी हवाला दिया है.

इसे भी पढ़ेंःदर्द-ए-पारा शिक्षक: खुद का घर खर्च तो कर्जे से चलता है, अब मिड डे मील के लिए भी उधार पर निर्भर हैं मालती

05 जून 2018 को हुआ था कार्यक्रम

राजधानी के खेल गांव में आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस (पांच जून 2018) 6.60 लाख खर्च कर बैलून से सजाया था. 20,000 खर्च कर गैस बैलून उड़ाया. इस आयोजन में कुल 1.52 करोड़ रुपये खर्च किये गये.

हर साल विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन पांच जून को होता है. इसमें झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा न्यूनतम 10 से अधिकतम 20 लाख रुपये तक का खर्च किया जाता रहा है.

ब्रेक फास्ट, लंच और डीनर पर हुए 34.30 लाख व चाय व बिस्कुट पर 5.90 लाख खर्च

कार्यक्रम पांच घंटे का था. पांच घंटे (दिन के 11 बजे से दोपहर दो बजे) के कार्यक्रम में ब्रेकफास्ट, लंच और डीनर में 34.31 लाख रुपये खर्च दिखाये गये. वीवीआईपी के लिये लाये गये लंच पैकेट में 6.37 लाख रुपये खर्च किये गये.

ब्रेक फास्ट पर 5.90 लाख रुपये खर्च किया गया. इन्वॉयस नंबर 177 के अनुसार, चाय और बिस्कुट में जीएसटी जोड़ कर 5,90,000 रुपये का बिल वन विभाग को दिया गया. इसके बाद फिर चाय-बिस्कुट और डिनर में जीएसटी जोड़कर 5.60 लाख का बिल दिया गया.

इन्वॉयस नंबर 178 के अनुसार, लंच पैकेट के लिए 15 लाख 48 हजार 750 रुपये का बिल दिया गया है. हकीकत यह थी कि वहां लंच का पैकेज नहीं बफे सिस्टम की व्यवस्था थी. इसके लिए किसी भी स्तर से तकनीकी स्वीकृति भी नहीं ली गई थी. और न ही प्रशासनिक अनुमोदन प्राप्त किया गया था.

इसे भी पढ़ेंः12 हजार फीट ऊंचे पहाड़ पर मिला आई एएन-32 का मलबा, सामने आयी तस्वीर

बिना प्राक्कलन के किया गया खर्च

कार्यक्रम में होने वाले खर्च का कोई प्राक्कलन भी नहीं बना था. और न ही कोई योजना सरकार से स्वीकृत करायी गयी थी. आईएफएस अफसरों ने बिना किसी प्राक्कलन के स्वयं ही खर्च करने का निर्णय ले लिया और कार्यवाही में राशि अंकित कर दी.

किस मद में कितना खर्च किया गया

फेब्रिकेशन व प्रिंटिंग व फ्लैक्स डिस्प्ले 2309840 रुपये
स्टेज, राइसर व पोडियम 3653070 रुपये
वोलेंटियर 161900 रुपये
लेज साउंड व कल्चरल प्रोग्राम 483800 रुपये
बैलून व फूल डेकोरेशन 918748 रुपये
प्रतिभागियों पर खर्च 88200 रुपये
कोऑर्डिनेशन चार्ज 32000 रुपये
जूट झोला व नोट बुक 370143.82 रुपये
किताब प्रिंटिंग व बाइंडिंग 20000 रुपये
कॉफी-टेबल बुक 81940 रुपये
लंच डिनर व ब्रेकफास्ट 3430950 रुपये
डॉक्यूमेंटरी फिल्म 1416000 रुपये
प्रोग्राम होस्टिंग 36000 रुपये
हरियाली शपथ पत्र व प्रिंटिंग मैगजीन 666066 रुपये
एंकरिंग 6500 रुपये
फ्लैग व बैनर 1429000 रुपये
लॉ यूनिवर्सिटी 90000 रुपये

कार्यक्रम के लिए वन विभाग ने इन एजेंसियों से लिये इतने पैसे-

झारखंड राज्य वन विकास निगम 20 लाख रुपये
झारपार्क 1548750 रुपये
जैव विविधता पर्षद 20 लाख रुपये
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 25 लाख रुपये
वन संरक्षक, प्रादेशिक अंचल 7145407
कुल खर्च 15194157.82 रुपये

 

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button