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#CoronaVirus की वैश्विक महामारी के दौरान अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो इन बातों का रखें खास ख्याल

NW Desk: यूं तो गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए किसी चुनौती से कम नहीं. कहा जाता है कि बच्चे के जन्म के साथ-साथ मां का भी पुर्नजन्म होता है. लेकिन अगर प्रेग्नेंसी के इन नौ महीनों में कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का भी सामना करना पड़े तो मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं.

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अबतक की स्टडी से ये बात सामने आ चुकी है कि जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उनके लिए कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है. और प्रेग्नेंसी के दौरान इम्यून सिस्टम ऐसे ही कमजोर हो जाता है. ऐसे में इस महामारी खुद को बचाने के साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे को भी संक्रमण से बचाने की जिम्मेदारी मां पर आ जाती है. जाहिर है परेशानियां बढ़ जाती है. ऐसे में हम आपको वो पांच टिप्स बता रहे हैं, जिनको अपना कर कोरोना महामारी के दौरान गर्भवती महिलाओं की दिक्कतें कम हो सकती हैं.

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अपनी इम्यूनिटी का रखें खास ख्याल

अगर आप मां बनने वाली हैं तो आपके ऊपर आपकी और आपके बच्चे, दोनों की जिम्मेदारी है. ऐसे में जिम्मेदारी दोगुन हो जाती है. आप जितना हेल्दी खाएंगी, आपके बच्चे की सेहत उतनी ही अच्छी होगी. और आप खुद को जितना स्वस्थ रखेंगी, बच्चा भी उतना ही स्वस्थ रहेगा.

इसलिए इश संकट की घड़ी में कोशिश करें कि आपकी इम्यूनिटी बेहतर हो. ऐसी किसी भी चीज से सख्त परहेज करें, जिससे सर्दी-जुकाम होने का खतरा हो. फिर चाहे वो फ्रीज का ठंडा पानी हो या वैसे खाद्य पदार्थ जिनकी प्रकृति ठंडी होती है. ऐसी चीजों के खाने से सर्दी-जुकाम का खतरा हो सकता है. सामान्य तौर पर होने वाले सर्दी-खांसी-जुकाम को भी हल्के में न लें और तुरंत जांच करवाएं. खुद से इलाज की कोशिश न करें. सोशल डिस्टेंसिंग का हर वक्त ख्याल रखें. प्रेग्नेंसी के दौरान किसी कार्यक्रम में शामिल होने की बिल्कुल भी कोशिश न करें.

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अस्पताल जाने से करें परहेज

आम तौर पर प्रेग्नेंसी पीरिएड में महिलाएं बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाती हैं. लेकिन इस महामारी के दौरान आपको अस्पतालों में जाने से बचना चाहिए. अगर गर्भावस्था का 12वां हफ्ता है या फिर 19वां हफ्ता है, तब तो आपको डॉक्टर की राय लेनी ही होगी, क्योंकि इस वक्त में ब्लड टेस्ट और स्कैनिंग होती है. इ

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सके अलावा कोशिश करें कि आपको डॉक्टर के पास जाने की नौबत ना आये. अस्पताल जाने से बचना चाहिए. अगर गर्भावस्था का 32वां हफ्ता चल रहा है तो आपको डॉक्टर से मिल लेना चाहिए. लेकिन अस्पताल जाने के दौरान आपको खुद की सुरक्षा का खास ख्याल रखना होगा. मास्क लगा कर और ग्लव्स पहनकर ही हॉस्पिटल जाये साथ ही सोशल डिस्टेंस मेनटेन करें.

पूरा आराम करें

कोरोना वैश्विक महामारी के कारण लॉकडाउन लगा है. ऐसे में गर्भवती का घर में रहना और जितना ज्यादा संभव हो आराम करना ज़रूरी है. हालांकि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि प्रेग्नेंसी के दौरान कोरोना संक्रमण का खतरा सामान्य महिलाओं की तुलना में ज्यादा होता है या नहीं. फिर भी कोशिश करें कि आपको घर से न ही निकलना पड़े. साथ ही टेंशन, स्ट्रेस से दूर रहें.
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सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने प्रेग्नेंसी को लेकर खास तौर पर इस बात की गाइडलाइन जारी की है. ICMR का कहना है कि अगर किसी गर्भवती को सांस लेने में थोड़ी सी भी तकलीफ हो रही है, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और डॉक्टर को भी तुरंत उसका कोविड 19 टेस्ट करना चाहिए. ऐसे में आपकी कोशिश होनी चाहिये कि आप ऊंचाई पर चढ़ाई न करें, छत पर जाने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें. क्योंकि ऐसा करने से सांस फूलती है और ऐसे में आप बिना बीमारी के भी दहशत में आ जाएंगी.

विशेष साफ-सफाई बरतें

कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग और साफ-सफाई कारगर उपाय मानें गये हैं. तो गर्भवती के लिए भी कारगर होगा ही होगा. इसलिए समय-समय पर अपने हाथ साबुन या फिर सैनिटाइजर से धोते रहें. आपको अपने टॉवेल और कपड़े घर के दूसरे सदस्यों से अलग रखने चाहिए. उन्हें धुलने के दौरान भी घर के दूसरे सदस्यों के कपड़ों से अलग कर दें ताकि संक्रमण का खतरा कम से कम हो. अगर आप कामकाजी महिला हैं तो कोशिश करें कि इस प्रेग्नेंसी के दौरान आप वर्क फ्रॉम होम कर सकें.

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