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सरकार मांगें पूरी करे नहीं तो राज्य स्थापना दिवस के बाद आंदोलन: संघ

सचिवालय सेवा संघ की आमसभा में कई मुद्दों पर विचार

Ranchi: झारखंड सचिवालय सेवा की आमसभा में अपनी लंबित मांगों को एक सप्ताह के अंदर पूरा करने की मांग सरकार से की गयी. आमसभा में सभी ने एकमत होकर कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो राज्य स्थापना दिवस 15 नवंबर के बाद आंदोलन किया जायेगा. सभी मांगों से मुख्य सचिव को भी अवगत कराया जायेगा.
अध्यक्ष विवेक आनंद बास्के व महासचिव पिकेश कुमार सिंह ने कहा कि एक लंबे अंतराल के बाद विकट परिस्थितियों से जूझते हुए हम सभी यहां एकत्रित हुए हैं और उम्मीद है कि अपनी लंबित मांगों के संबंध में हम लोग एक ठोस कार्यवाही करने के किसी नतीजे पर पहुंचेंगे. मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र धुर्वा के सभागार में हुई इस आमसभा में कई मांग सरकार के समक्ष की गयी.

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा एवं अमर शहीद सिद्धू कान्हो के तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई . इसके पश्चात कोरोना काल में झारखंड सचिवालय सेवा संघ के वैसे सदस्य जिनका आसमयिक निधन हो गया उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया.

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संघ के उपाध्यक्ष विनय कुमार बरनवाल के द्वारा स्वागत किया गया. दो साल बाद हुए इस आमसभा में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान झारखंड सचिवालय सेवा संघ के कोविड कोषांग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने ने वाले गौरव अभिषेक, राठौर नितांत, रजनीश कुमार शुक्ला, मनोज कुमार महतो, अमित कुमार एवं अवध किशोर भगत को सम्मानित किया गया. इसके पश्चात अमित कुमार के द्वारा कोरोना काल में संघ के द्वारा किए गए कार्यों के साथ आम सभा का विषय प्रवेश करवाया.

संघ के महासचिव पीकेश कुमार सिंह के द्वारा 10 सूत्री एजेंडा के बारे में विस्तार से चर्चा की गई और सभी मांगों के संबंध में सरकार से अब तक की गई वार्ता, ज्ञापन एवं सरकार स्तर पर की गई कार्रवाई से अवगत कराया गया. इसके साथ ही वार्षिक आय व्यय का ब्योरा भी आम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया.

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पुरानी पेंशन लागू करने की मांग हुई

नितिन कुमार के द्वारा पुरानी पेंशन योजना से संबंधित सरकार की अब तक की गतिविधि और पुरानी पेंशन योजना के लिए राष्ट्रीय आंदोलन के संबंध में आम सभा को जानकारी दिया गया. सरकार से पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की गयी. इसी दौरान कार्यकारिणी में मनोनीत सदस्यों के रूप में ब्रह्मदेव मोदी, मनीष कांत, आनंद कुमार, मनीषा कुमारी, ध्रुव ज्योति एवं अमरजीत कुमार को मनोनीत सदस्य के रूप में शामिल किया गया. कार्यकारी कोषध्यक्ष के रूप में अवध किशोर भगत का नाम प्रस्तावित किया गया जिसमें सभी ने अपनी सहमति दी.

ये मांग की गई

– केंद्रीय सचिवालय के अनुरूप सचिवालय सेवा के पदों का सृजन.
– कोऑपरेटिव बैंक खोलने एवं वार्षिक रिक्ति रोष्टर निर्धारण करना.
– प्रमोशन पर लगी रोक को अविलंब हटाते हुए सभी रिक्त पदों पर सभी माध्यमों से प्रमोश्न की कार्रवाई प्रारंभ हो.
– पुरानी पेंशन योजना लागू करना.
– केंद्र के अनुरूप शिशु देखभाल अवकाश एवं शिशु शिक्षण भत्ता लागू करना.
– सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के रिक्त पदों पर अविलंब नियुक्ति के साथ-साथ वरीय एवं कनीय सचिवालय

सहायक,कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति.

– नि:शुल्क कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू करना.
– सचिवालय सेवा के आवास के लिए भवन निर्माण विभाग के द्वारा अलग पूल घोषित करना.
– सचिवालय के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवा की सुविधा.
– सचिवालय सेवा के पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण एवं उचित बैठाने की व्यवस्था करना.
– सचिवालय में लाइब्रेरी रिक्रियेशन क्लब एवं अभिलेखागार की स्थापना.

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