JharkhandRanchi

बड़ा तालाब की सफाई के लिए जारी टेंडर में कोई वेंडर नहीं आ रहा तो RMC खुद करे सफाई : हाइकोर्ट

♦चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का झाऱखंड हाइकोर्ट का निर्देश

Ranchi : राजधानी के बड़ा तालाब की बिगड़ती स्थिति को लेकर झारखंड हाइकोर्ट ने रांची नगर निगम (RMC) को कड़ी फटकार लगायी है. लगातार गिरते सीवेज के पानी से तालाब दूषित हो रहा है. तालाब में जलकुंभी लगातार बढ़ती जा रही है. इसे लेकर वकील खुशबू कटारुका द्वारा एक जनहित याचिका हाइकोर्ट में दायर की गयी थी. शुक्रवार को इसे मामले पर सुनवाई हुई.

हाइकोर्ट ने निगम से पूछा है कि आखिर तालाब की स्थिति ऐसी क्यों है. कोर्ट ने अगले चार सप्ताह में निगम को जवाब देने का निर्देश दिया. साथ ही कहा कि अगर तालाब की सफाई के काम के लिए जारी टेंडर में कोई भी वेंडर नहीं आ रहा है, तो निगम को ही खुद इसे साफ करना चाहिए. कोर्ट ने कहा है कि झील को लगातार हो रहे नुकसान को देख कर भी निगम यह बहाना नहीं बना सकता है कि तालाब की सफाई के लिए जारी टेंडर में कोई शामिल नहीं हो रहा है.

इसे भी पढ़ें – राज्यसभा चुनावः जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने मारी बाजी

सीवेज के पानी रोकने के लिए क्या है योजना, जवाब दाखिल करे निगम

जनहित याचिका में यह मुद्दा जोरों से उठाया गया है कि तालाब में सीवेज का पानी लगातार गिराया जा रहा है. इससे यहां के पारिस्थितिकी तंत्र पर काफी बुरा असर पड़ा है. मुख्य न्यायाधीश रवि रंजन और न्यायमूर्ति एसएन प्रसाद की खंडपीठ ने इस पर सुनवाई की. उन्होंने आरएमसी को निर्देश दिया कि बड़ा तालाब को बचाने के लिए अपनी योजनाओं का एक विस्तृत जवाब दाखिल कोर्ट में दाखिल करें. रिपोर्ट में इसकी भी जानकारी दी जाये कि तालाब में बहनेवाले सीवेज के पानी को रोकने के लिए उनकी क्या योजना है.

इसे भी पढ़ें – चीन को मिलेगा करारा जवाब? पीएम मोदी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक

कोर्ट ने पूछा, क्या जल स्रोतों को बचाने के लिए राज्य सरकार के पास है कोई नीति

मामले की सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से भी तालाब को लेकर सवाल पूछा है. कोर्ट ने पूछा है कि क्या राज्य के जल स्रोतों को बचाने के लिए सरकार के पास कोई नीति है. अगर है, तो उसकी जानकारी कोर्ट में दाखिल करें. कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य के सभी जल स्रोतों का संरक्षण करना सरकार का दायित्व है. कोर्ट ने निगम को कहा कि सबसे पहले उसे इस स्थिति को देखना चाहिए कि आज पूरे तालाब को जलकुंभी ने ढंका है, जो कि सीवेज का परिणाम है.

9.53 करोड़ पहले फेज में किया जा चुका है खर्च

बता दें कि राजधानी की ह्दयस्थली में स्थित रांची झील में करोड़ रुपये खर्च कर स्वामी विवेकानंद की मूर्ति लगायी थी. मूर्ति की सुंदरता तभी बन सकती थी जब तालाब के चारों ओर भी सौंदर्यीकरण का काम हो. बड़ा तालाब में जलकुंभी के जमा हो जाने से तालाब की स्थिति काफी खराब है. निगम ने दो चरणों में तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना बनायी है. पहले फेज में अब तक करीब 9.53 करोड़ रुपये खर्च कर दिये गये हैं. लेकिन तालाब में फैली जलकुंभी की समस्या लगातार बनी हुई है. लगातार मीडिया में आयी खबर के बाद निगम ने अब तालाब में जलकुंभी के सफाई का काम शुरू किया है.

इसे भी पढ़ें – JPSC ने  जारी किये 10 Exams के रिवाइज्ड एग्जामिनेशन डेट, 17 से 28 जुलाई तक होगा इंटरव्यू

Telegram
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
Close