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नेता स्वार्थ से थोड़ा ध्यान हटा राज्य के विकास पर दिमाग लगायें, तो खुशहाल हो जायेंगे झारखंड के लोग : धीरज साहू

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  • न्यूज विंग से बातचीत के दौरान राज्यसभा सांसद ने कहा- अवैध माइनिंग राज्य की सबसे बड़ी समस्या, पुलिस और अधिकारियों की होती है मिलीभगत

Kumar Gaurav

Ranchi : झारखंड में नेताओं की कमी है. सभी अपना स्वार्थ पहले देखते हैं. कांग्रेस भले ही थोड़े समय के लिए सत्ता से बाहर रही, पर 2019 में मजबूती से वापसी करेंगे. ये बातें कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू ने न्यूज विंग से खास बातचीत के दौरान कहीं. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने राज्य और कांग्रेस से जुड़ी कई बातें की. उन्होंने अवैध माइनिंग को बहुत बड़ी समस्या बताते हुए इसमें अधिकारियों और पुलिस की मिलीभगत का भी आरोप लगाया. साथ ही, लोहरदगा में होनेवाले क्रिकेट टूर्नामेंट और लोहरदगा के विकास के संदर्भ में भी कई बातें की. पढ़िये इस इंटरव्यू के मुख्य अंश :

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सवाल : क्या झारखंड राज्य की स्थापना का मकसद पूरा हो रहा है?

जवाब : देखिये, जब झारखंड राज्य बना और जिस मकसद से झारखंड राज्य बना, झारखंड के लोगों को बहुत उम्मीद थी कि राज्य बहुत तरक्की करेगा, यहां पर बहुत सारे मिनरल है,  कंपनियां हैं, लोगों को रोजी-रोजगार मिलेगा. पर, बहुत दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि झारखंड अलग राज्य बन तो गया, लेकिन जो राजनीतिक दल हैं, वहां नेताओं की कमी है. जितने भी लोग आते हैं, स्वार्थी लोग आते हैं. सभी अपना स्वार्थ देखते हैं.

सवाल : वर्तमान में कांग्रेस की स्थिति पर आप क्या कहेंगे?

जवाब : कांग्रेस पार्टी धीरे-धीरे मजबूत हो रही है. आप कोलेबिरा का उपचुनाव देखें, पाकुड़ उपचुनाव देखिये या फिर लोहरदगा में उपचुनाव हुआ, जहां भी परिवर्तन हुआ, वहां कांग्रेस जीत रही है. धीरे-धीरे मजबूत हो रही है. कांग्रेस कभी भी पूरी तरह से राज्य में सत्ता में नहीं रही है, लेकिन आनेवाले समय में लोग समझ रहे हैं कि बिना कुछ किये दाल गलनेवाली नहीं है. जनप्रतिनिधि लोग जो भी हैं, जीतने के बाद जनता को भूल जाते हैं और केवल अपने विकास में लग जाते हैं. अगर वही जनता के बारे में जरा भी सोचें और दिमाग लगायें, तो निश्चित तौर पर हम सोचते हैं कि झारखंड काफी आगे बढ़ेगा और यहां के लोग काफी खुशहाल रहेंगे.

सवाल : कॉस्ट आधारित रॉयल्टी होती, तो राज्य को ज्यादा कर मिल पाता. इस मामले में क्या राज्यसभा में आपने प्रश्न किया है?

जवाब : देखिये, मैंने कई बार हाउस में सवाल उठाया है. यहां सबसे बड़ी समस्या है अवैध माइनिंग. यहां इतनी बड़ी तादाद में अवैध माइनिंग हो रही है कि जितना भी बोलें, वह कम है. इस बारे में मैंने सरकार का कई बार सदन में ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया है, लेकिन शायद सरकार भी ध्यान नहीं देती है. ब्यूरोक्रेट की मिलीभगत से यहां बड़ी तादाद में अवैध माइनिंग हो रही है. चाहे बॉक्साइट हो या कोयला, हर मामले में अवैध माइनिंग हो रही है. मेरे पास सबूत भी हैं. ठेकेदार बेरहमी से जंगल उजाड़ रहे हैं. इस मामले को लेकर मैंने डीसी से, फॉरेस्ट अधिकारियों से खुद बात की, पर कोई सुनते नहीं हैं. कोई ध्यान नहीं देता है. पुलिस की भी मिलीभगत है इसमें.

सवाल : खनन क्षेत्रों में जो सड़कें नजर आती हैं, उन्हें न तो सरकार ने बनवाया है और न ही वन विभाग ने. अवैध खनन करनेवालों ने जंगलों के पेड़ काटकर ढुलाई के लिए सड़कें बना ली हैं. इस पर न फॉरेस्ट विभाग कार्रवाई करता है और न कोई पॉलिटीशियन इसके खिलाफ कोई आवाज उठाता है, ऐसा क्यों?

जवाब : देखिये, जहां तक मुझे याद है, मैंने इस मामले को सदन में भी उठाया था. जब मैंने उठाया, तो और लोगों ने भी बताया कि सिर्फ झारखंड में ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न इलाकों में अवैध माइनिंग हो रही है. चाहे कर्नाटक हो, राजस्थान हो. सभी लोगों ने मामला उठाया था. इसके लिए कमिटी भी गठित की थी. लेकिन, उसके बाद हमारी सरकार चली गयी, जिसके बाद मैंने कई बार शिकायत भी की, लेकिन सरकार ने ज्यादा कुछ ध्यान दिया नहीं. 2016 में भी मामले को सदन में उठाया था.

सवाल : लंबे समय तक देश में शासन चलाने और सबसे पुरानी पार्टी होने के बाद भी अब कांग्रेस को क्यों मजबूत होना पड़ रहा है?

जवाब : राहुल जी के आने से निश्चित तौर पर मैं दावे के साथ कह सकता हूं. थोड़े दिन के लिए कुछ इधर-उधर हुआ था, इससे मैं इनकार नहीं कर रहा हूं, लेकिन अभी आप जाकर देखें कि अन्य दलों से कहीं अधिक कांग्रेस के लोग मेहनत कर रहे हैं. गांव-गांव जा रहे हैं. इतना कार्यक्रम मिल गया है कि किसी के पास फुर्सत नहीं है. मैं खुद 10 से 12 प्रोग्राम कर रांची पहुंचा हूं. अभी हर स्तर पर कांग्रेस का कार्यक्रम हो रहा है, तो अब लग रहा है कि कांग्रेस में धीरे-धीरे जान आ रही है. आनेवाले दिनों में पता चल जायेगा कि जो हमारा पिछला दिन था, वह लौट रहा है.

सवाल : महागठबंधन पर आप क्या कहेंगे?

जवाब : देखिये, महागठबंधन अभी समय की मांग है. जनता इस सरकार से काफी ऊब चुकी है. हमारे रघुवर दास जी की जुमलेबाजी से भी हमारे राज्य के लोग काफी परेशान हैं. नोटबंदी से लेकर जीएसटी तक क्या हालत कर दिया देश का अब विकास नहीं, विनाश हो रहा है. आपस में लड़वाया जा रहा है. हत्याएं की जा रही हैं.

सवाल : कांग्रेस कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी?

जवाब : कांग्रेस कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, यह तो हमारा आलाकमान ही तय करेगा. अभी हमारा सर्वे चल रहा है, सर्वे के हिसाब से ही हम तय करेंगे. जनता बदलाव चाहती है और हमारा समर्थन कर रही है. हमलोग चाहते हैं कि अच्छे लोगों को टिकट मिले और हम फिर से सत्ता में आ जायें.

सवाल : लोहरदगा से लोकसभा में आपका पसंदीदा उम्मीदवार कौन होगा?

जवाब : दावेदार कई लोग होते हैं, लेकिन टिकट किसी एक को ही मिलता है. कई लोगों ने दावेदारी पेश की है, पर उम्मीदवार पर फैसला आलाकमान ही करेगा. फिलहाल गुटबाजी जैसी कोई चीज हमारी पार्टी में अभी नहीं है. अच्छी तरह से पार्टी चल रही है. 2019 में होनेवाला चुनाव बहुत ही चुनौती भरा होनेवाला है. बहुत ही इंटरेस्टिंग होगा. लोहरदगा शुरू से ही कांग्रेस का गढ़ रहा है. हमारे लोग कुछ बिखर गये थे, इसलिए हमें हार का सामना कुछ समय के लिए करना पड़ा. इस बार एकजुट हैं, इसलिए निश्चित तौर पर कांग्रेस लोहरदगा में बेहतर करेगी.

सवाल : क्रिकेट में आपकी काफी रुचि है, लोहरदगा में काफी बड़ा क्रिकेट का आप आयोजन कराते हैं, इस बार क्या होगा? कैसी तैयारी है?

जवाब : पिछली बार से भी अच्छा आयोजन इस बार हमलोग करने जा रहे हैं. लोहरदगावासियों के लिए बहुत ही गर्व की बात है कि ऐसा आयोजन होता है. इस बार 11 फरवरी को पूर्व फास्ट बॉलर आरपी सिंह उद्घाटन करेंगे. रवीना टंडन जी भी 14 तारीख को आ रही हैं. साथ ही, पंजाबी फिल्म एक्ट्रेस और एंकर जस्सी कौर भी आयेंगी. रशियन चीयर्स गर्ल्स भी आयेंगी.

सवाल : लोहरदगा लाइन में दिल्ली के लिए ट्रेन कब चालू हो पायेगी

जवाब : इसकी मांग तो मैं लंबे समय से करता आया हूं. जब ममता बनर्जी रेलवे मंत्री थीं, उस समय मैंने लोहरदगा से कोरबा के लिए ट्रेन मांगी थी, पर किसी भी कारणवश मांग अभी तक पूरी नहीं हो पायी है. जहां तक मुझे पता चला है, इसको चलाने के लिए मोदी सरकार भी अब काम कर रही है. देखिये क्या करती है. पर, जहां तक बात लोहरदगा से दिल्ली की है, तो इसको लेकर मैंने सवाल किया था. जवाब में उन्होंने कहा कि बहुत जल्द हम इस पर विचार करेंगे. अगर अगली सरकार हमारी बनती है, तो जबर्दस्ती करके मैं इस बार दिल्ली-लोहरदगा ट्रेन ले लूंगा.

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