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इमरान खान इतने ही उदार और स्टेट्समैन हैं तो वह मसूद अजहर को हमें सौंप दें : सुषमा

NewDelhi : इंडियाज वर्ल्ड : मोदी गवर्नमेंट्स फॉरेन पॉलिसी  पर विचार रखते हुए सुषमा ने कहा कि पाकिस्तान को अपनी खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना पर नियंत्रण करने की जरूरत है जोकि द्विपक्षीय संबंधों को बार-बार नष्ट करने पर तुले रहते हैं.  हम आतंकवाद पर बात नहीं करना चाहते हैं बल्कि हम इस पर कार्रवाई चाहते हैं.  जब तक पाकिस्तान अपनी सरजमीं पर मौजूद आतंकी गुटों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है तब तक उससे कोई बातचीत नहीं हो सकती है.  उन्होंने कहा कि वार्ता और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते हैं. इस क्रम में सुषमा ने वायुसेना की बालाकोट में की गयी एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के बदले की कोशिश पर भी सवाल उठाये. कहा कि भारत ने आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद को निशाना बनाया था. ऐसे में पाकिस्तानी सेना ने जैश की तरफ से हम पर हमला क्यों किया.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान न केवल जैश को अपनी सरजमीं पर पाले हुए है बल्कि फंड भी मुहैया करा रहा है. जब पीड़ित देश जैश पर कार्रवाई करते हैं तो वह आतंकी गुट की तरफ से हमला करता है. विदेश मंत्री ने कहा कि यदि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इतने ही उदार और स्टेट्समैन हैं तो वह मसूद अजहर को हमें सौंप दें.

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ओआईसी की बैठक में गेस्ट ऑफ ऑनर बनकर भारत ने अपमान का बदला लिया

सुषमा ने कहा कि आर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) की बैठक में गेस्ट ऑफ ऑनर बनकर भारत ने 50 साल पहले हुए अपमान का बदला लिया. उन्होंने कहा कि 1969 में देश को उस समय अपमानित होना पड़ा जब कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बावजूद पाकिस्तान के विरोध के चलते बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गयी थी.  लेकिन अब 50 साल बाद भारत गेस्ट ऑफ ऑनर की सीट पर था जबकि पाकिस्तान की सीट खाली पड़ी थी. मोदी सरकार की विदेश नीति का जिक्र करते हुए स्वराज ने कहा कि यह दो सिद्धांतों राष्ट्र हित सर्वोच्च  और दुनिया हमारा परिवार है पर आधारित है. पीएम समेत अन्य मंत्रियों के लगातार विदेश दौरों पर उन्होंने कहा कि हम विदेशी दौरे केवल घूमने-फिरने के लिए नहीं बल्कि अन्य देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने के लिए करते हैं.

इन देशों के संबंधों का ही परिणाम है कि हम यमन से 7000 लोगों को सुरक्षित निकाल सके. हमारे द्विपक्षीय संबंधों का असर अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) के चुनाव में भी दिखा.  इसके अलावा भी इन दौरों का प्रभाव समय-समय पर दिखता रहा है.

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