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बायोमीट्रिक हाजिरी से छूट मिली तो ‘भगोड़े’ बन गये अफसर-कर्मी, मुख्य सचिव ने लिया संज्ञान

  • सभी विभागों को अधिकारियों-कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने को लिखा पत्र, सचिवों को भी खुद अनुपालन करने का निर्देश
  • कोविड के दौरान मार्च 2020 से मिली थी छूट

 Nikhil kumar

Ranchi: कोविड-19 महामारी के दौरान बॉयोमैट्रिक हाजिरी लगाने की अनिवार्यता से मुक्त करने का सरकारी अधिकारी, कर्मी बेजा फायदा उठा रहे हैं. इसमें बड़े अधिकारी भी शामिल है. महामारी के कारण सरकार ने रजिस्टर में ही अटेंडेंस लगाने का निर्देश दिया है, लेकिन सचिवालय सहित कई कार्यालयों के कुछ कर्मचारी इसका लाभ उठा रहे हैं. दिन में कार्यालय में हाजिरी लगाकर फिर कुछ काम बता कर बाहर निकल रहे हैं, कई बार तो वे शाम तक वापस नहीं लौट रहे. लंच के समय भी लंबे समय तक कार्यालय से बाहर रहते हैं. कई माध्यमों से इसकी शिकायत राज्य के मुख्य सचिव के समक्ष गयी है. मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने इसे गंभीरता से लिया है और सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव व विभागाध्यक्षों को पत्र लिखा है.

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सीएस ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए वर्ष 2015 से लागू बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कदने की अनिवार्यता से राज्य कर्मियों को मार्च 2020 से मुक्त रखा गया है. लेकिन इसके फलस्वरूप यह देखा जा रहा है कि कुछ विभागों एवं कार्यालयों में निर्धारित समयावधि के अनुसार पदाधिकारी,कर्मचारी की उपस्थिति नहीं रहने की सूचना मिल रही है. मुख्य सचिव ने इसे गंभीरता से लिया है और सभी विभागों के प्रमुखों को कहा है कि राज्य सरकार के सभी कार्यालयों में पदाधिकारियों,कर्मियों की उपस्थिति निर्धारित समयानुसार सुनिश्चित कराते हुए स्वयं भी इस अनुदेश का अनुपालन करें.

10 से 6 बजे शाम तक है कार्यालय अवधि

झारखंड में जनहित, अनुशासन तथा राज्य सरकार की योजनाओं को समय पर लागू करने एवं इसका लाभ लाभार्थियों को समय पर सुनिश्चित कराने के उदेश्य से कार्यालयों में निर्धारित समयानुसार पदाधिकारी, कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराना आवश्यक है. इसके लिए सचिवालय एवं संलग्न कार्यालयों में कार्यावधि पूर्वाहन 10 बजे से अपराह्न 6.00 बजे तक मध्याह्न विश्रांति काल 1.30 बजे से 2.00 बजे अपराह्न निर्धारित है.

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