न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सहयोगी दल चाहेंगे तो जरुर बनूंगा प्रधानमंत्री- राहुल

मोदी सरकार में विश्वास और संवाद की कमी

171

New Delhi: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि अगर सहयोगी दल चाहेंगे तो वह जरूर प्रधानमंत्री बनेंगे. कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि आनेवाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुत अधिक सीटें मिलेंगी. एक अखबार के कार्यक्रम में राहुल ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘विपक्षी दलों के साथ बातचीत करने के बाद यह फैसला किया गया कि चुनाव में दो चरण की प्रक्रिया होगी. पहले चरण में हम मिलकर भाजपा को हराएंगे. चुनाव के बाद दूसरे चरण में हम (प्रधानमंत्री के बारे में) फैसला करेंगे.’’

इसे भी पढ़ेंःराज्य के 100 छोटे-बड़े खदानों का नक्शा नहीं, सरकार में प्रभावी IAS जांच के दायरे में, एक लाख करोड़ के प्रोजेक्ट पर ग्रहण

पीएम उम्मीदवारी पर भरी हामी

कार्यक्रम में यह पूछे जाने पर कि अगर विपक्षी दल और सहयोगी दल चाहेंगे तो उनका रुख क्या होगा, इस पर राहुल गांधी ने कहा कि अगर वे चाहेंगे तो मैं निश्चित तौर पर पीएम बनूंगा. दअरसल, उनसे कर्नाटक विधानसभा चुनाव के समय उनके उस बयान का हवाला देते हुए सवाल किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी हुई तो वह प्रधानमंत्री बनेंगे.

सरकार बनने की स्थिति में अपनी योजना का उल्लेख करते हुए राहुल ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आयी तो मैं तीन काम करूंगा. पहला काम छोटे और लघु उद्यमियों को मजबूत करूंगा, दूसरा- किसानों को यह एहसास कराऊंगा कि वे महत्वपूर्ण हैं. मेडिकल और शैक्षणिक संस्था खड़ी करेंगे. पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की वही स्थिति हो सकती है जो आज तेल के क्षेत्र में सऊदी अरब की है.

मोदी सरकार पर प्रहार

नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता है कि आप किसी एक वर्ग के बारे में सोचकर देश को विकसित कर सकते हैं. समस्या यह है कि आज विभिन्न समूहों के बीच बातचीत नहीं हो रही है. छोटे-मध्यम स्तर के कारोबारियों पर ध्यान देना होगा. हमें नौकरियां पैदा करनी होगी. सबके बीच संवाद स्थापित करना होगा.

इसे भी पढ़ेंःहर माह 32 करोड़ नुकसान की भरपाई कर रहे 47 लाख बिजली उपभोक्ता, सीएम ने मानी व्यवस्था में खामी

उन्होंने कहा कि जो भी किसान चाहता हैं आप उनकी हर बात को पूरी नहीं कर सकते. जो भी उद्योग जगत चाहता है उनकी सारी मांग को आप पूरा नहीं कर सकते. लेकिन आपको इनके साथ संवाद करना पड़ेगा. संवाद ही समाधान निकलेगा.

राहुल गांधी ने कहा, कोई भी गंभीर अर्थशास्त्री नोटबंदी के पक्ष में नहीं होगा. यह अतार्किक और हास्यास्पद चीज थी. उन्होंने कहा कि जीएसटी पर हमारी सोच अलग थी. हम जीएसटी का सरल स्वरूप चाहते थे. जीएसटी का मकसद लोगों को परेशान करना नहीं था. क्या हमारे छोटे और मझोले कारोबारी जीएसटी से खुश हैं? वे खुश नहीं हैं. वे कह रहे हैं कि इसे सरल बनाइए क्योंकि यह हमें खत्म कर रही है.

silk_park

मौजूदा सरकार में संवाद की कमी

मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस सरकार और हमारी सरकार में यह बुनियादी फर्क है कि हम भारत के लोगों पर विश्वास करते थे. लेकिन मौजूदा सरकार मानती है कि सारा ज्ञान उनके पास है और वे किसी से संवाद नहीं करना चाहते हैं.

इसे भी पढ़ेंःIAS अफसरों का बड़ा तबका महसूस कर रहा असहज, ऑफिसर ने बर्खास्त होना समझा मुनासिब, लेकिन वापसी मंजूर नहीं 

एनपीए को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, कांग्रेस के समय दो लाख करोड़ रुपये का एनपीए था. इनके समय में 12 लाख करोड़ रुपये का एनपीए है. कृपया बताइए कि यह एनपीए इतना कैसे हुआ है?

वही केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े करते हुए राहुल ने कहा कि पाकिस्तान का एक अलग तरह का पड़ोसी है. उसके यहां ढांचागत दिक्कतें हैं. वहां चार-पांच केंद्र हैं और यह समझ नहीं आता कि किससे बात करनी है. पाकिस्तान हमारे यहां आतंकी गतिविधियां करवाता है. उसकी बात अलग है. लेकिन दूसरे पड़ोसियों के साथ संवाद की बहुत संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा, नेपाल एक मिसाल है. वह प्रधानमंत्री मोदी को पसंद करता था, लेकिन दो महीने में ही उन्हें नापंसद करने लगा.

इसे भी पढ़ें-रिम्स में आयुष्मान भारत के लाभुक मरीजों को निःशुल्क मिलेगा पेइंग वार्ड का लाभ

मां से बहुत कुछ सीखा

गांधी ने कहा कि भारत को अमेरिका और चीन के बीच अपनी जगह बनानी होगी और यह सामरिक विदेश नीति से हो सकता है. अपनी मां सोनिया गांधी का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मैंने अपनी मां से बहुत कुछ सीखा है. मेरी मां ने मुझे धैर्य सिखाया है. मैं पहले ज्यादा धैर्यवान नहीं था, लेकिन मेरी मां ने मुझे धैर्य सिखाया.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: