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कोई गलती हो गयी हो, तो 3.25 करोड़ जनता मुझे माफ करे, मैं भी एक इंसान हूं : सीएम

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  • रघुवर दास ने कहा- सुशासन, विकास और भरोसा, ये मेरी तीन उपलब्धियां

Ranchi :1995 में जब मैं जनप्रतिनिधि बना. तबसे लेकर आज तक हर एक साल के बाद मैं जनता के सामने क्षेत्र में हुए काम को मीडिया के माध्यम से जनता के बीच रखता हूं. जबसे मुझे राज्य की जनता का मुख्य सेवक बनने का मौका मिला है, मैं वही परिपाटी को दोहराता आया हूं. आज झारखंड में बीजेपी की सरकार के चार साल पूरे हुए हैं. राजनीतिक स्थिरता की वजह से 3.25 करोड़ जनता गर्वान्वित महसूस कर रही है. मैं यहां किसान, मजदूर, महिला और गरीबों के लिए कुछ करने के लिए बैठा हूं. जो भी उपलब्धी इस सरकार में मिली है, उसका श्रेय मेरा मजबूत मंत्रीपरिषद, अधिकारी से लेकर चपरासी तक को जाता है. ऐसा विकास टीम झारखंड की वजह से संभव हो पाया है. ये सरकार विकास के सफर को इसलिए तय कर पायी, क्योंकि मुझे सकारात्मक दिशा में काम करने वाले मंत्री और अधिकारी की टीम मिली. रघुवर सरकार के चार साल पूरा होने पर हर साल की तरह इस साल भी अपने आवास पर तमाम मीडिया के सामने बीते सालों की उपलब्धियों को मुख्यमंत्री रघुवर दास रख रहे थे.

मुझे माफ करना, मैं भी एक इंसान

आगे बोलते हुए रघुवर दास ने कहा कि इस विकास के पीछे सत्ता के और विपक्ष के विधायकों का हाथ है. विपक्ष ने मुझे समय-समय पर मेरी गलती बतायी. मेरी कमियों को बताया. मीडिया ने अच्छे और बुरे काम सभी को छापने का काम किया. मुझे मेरी कमियां पता चली. इसलिए मैं सभी को धन्यवाद कहना चाहता हूं. अगर मुझसे कोई गलती हो गयी हो तो 3.25 करोड़ जनता मुझे माफ करे. गलती मुझसे भी होती है. मैं भी आखिर एक इंसान हूं. जब-जब मुझे मेरी गलती का एहसास हुआ है. मैंने उसे सुधारने की कोशिश की है. बीते चार सालों में सभी ने आगे बढ़ने का प्रयास किया है.

इससे पहले होता था कुर्सी से चिपकने का काम

बीते 14 सालों में झारखंड एक भ्रष्ट राज्य की श्रेणी में आता था. ऐसा इसलिए होता था क्योंकि राज्य में राजनीतिक अस्थिरता थी. सरकार को खुद पर भरोसा ही नहीं था. सभी का ध्यान सिर्फ कुर्सी से चिपकने का होता था. विकास के लिए स्थिरता जरूरी होती है. इन 14 साल के कुशासन को मैंने सुशासन में बदलने का काम किया है. स्कैम झारखंड के नाम से जाना-जाने वाला झारखंड पर आज कोई आरोप नहीं है. भ्रष्टाचार के एक भी आरोप इस सरकार पर नहीं लगा है. नक्सलवाद को इस सरकार ने उखाड़ फेका है. ग्रामीण इलाकों में शांति है. शांति की ही वजह से यह विकास हो पाया है. अगर नीति और नियत स्पष्ट रहेगी तो विकास कोई नहीं रोक सकता.

आदिवासी विकास के लिए सजग हो रहे हैं

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि बीते 14 सालों में आदिवासियों के विकास के नाम पर सभी ने सिर्फ धोखा देने का काम किया है. संथाल में मेरे चौपाल लगाने से आदिवासी विकास के लिए सजग हो रहे हैं. आज आदिवासी इलाकों में विकास दिख रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि थाल मार्च 2019 तक सभी घर में बिजली होगी. लेकिन झारखंड ने तीन महीने पहले ही 31 दिसंबर तक ही सभी घरों में बिजली पहुंचाने का काम किया है. ऐसा करने के लिए बिजली विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मियों को बधाई. जिन ग्रामीण इलाकों में सब स्टेशन लगाने में परेशानी है. उन 10,000 गांवों में सोलर साइट से बिजली पहुंचाने का काम हुआ है.

बेटियों को नये साल का तोहफा, मोदी देंगे पांच जनवरी को कई उपहार

बेटियों पर बात करते हुए रघुवर दास ने कहा कि इस साल बेटियों को यह सरकार तोहफा दे रही है. पहले से चलने वाली लक्ष्मी लाडली योजना को मोडिफाई किया गया है. अब इसे सीएम सुकन्या योजना नाम दिया जा रहा है. अब बेटी होते ही दो साल के अंदर इस योजना के तहत मां के खाते में 5000 रुपए जमा कर दिया जाएगा. जब बेटी वन क्लास में जाएगी तो 5000, फाइव में 5000, आंठवीं में 5000, दसवीं में 5000, 12वीं में 5000, उसके बाद शादी के लिए 30,000 रुपए बेटी को दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि पांच जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी पलामू आ रहे हैं. वो 2500 करोड़ से बनने वाले मंडल डैम का शिलान्यास करेंगे. जैसे उन्होंने सीएम रहते हुए कच्छ तक साबरमती का पानी पहुंचाया था, उसी तर्ज पर झारखंड में सोन नदी से पलामू गढ़वा तक सिंचाई और दूसरे कामों के लिए पानी पहुंचाया जाएगा. आखिर में उन्होंने कहा कि मेरी दूसरी दलों से अपील है कि विचारधारा को लेकर जितनी राजनीति उन्हें करनी है करें. लेकिन विकास को लेकर राजनीति ना करें.

रघुवर दास ने दिया चार साल का लेखा-जोखा

रोजगार

  • 35 लाख से ज्यादा झारखंडवासियों को रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराया गया है.
  • 1 लाख से ज्यादा युवाओं को विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी मिली जिसमें 95 फीसदी से ज्यादा झारखंडवासी हैं. 50 हजार सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है.
  • महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने के लिए एक लाख से ज्यादा सखी मंडलों के माध्यम से 17 लाख से ज्यादा बहनों को स्वरोजगार उपलब्ध कराया गया.
  • मुद्रा लोन के जरिए साढ़े 14 लाख से ज्यादा नौजवानों को स्वरोजगार उपलब्ध कराया गया.
  • मोमेंटम झारखंड के जरिए फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल एवं अन्य निजी क्षेत्र में 68 हजार से ज्यादा युवक-युवतियों को प्रत्यक्ष तथा 2 लाख को अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया गया.
  • टेक्सटाइल के क्षेत्र में 90% रोजगार हमारी बहनों को मिला है.
  • सार्वजनिक उपक्रमों के जरिए 10 हजार युवाओं को नौकरी मिली है.
  • कौशल विकास के जरिए 90 हजार से ज्यादा युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया.

हर घर बिजली

  • झारखंड के हर गांव तक बिजली पहुंच चुकी है. आधारभूत संरचना पर काम जारी है. 2019 में झारखंड के हर घर तक बिजली पहुंच जाएगी.
  • पतरातु पावर प्लांट पूर्ण होने से 4000 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू होगा, जिससे झारखंड बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा.
  • 4 साल में 10 नये ग्रिड सब-स्टेशन का निर्माण हुआ.
  • 60 ग्रिड सब-स्टेशन पर काम चल रहा है, जो 2019 में पूरा हो जाएगा. इसके अलावा कृषि और उद्योग के लिए अलग से फीडर का निर्माण जारी है.

पेयजल

  • 4 साल 8044 गांवों को सतही पेयजल से जोड़ा गया और राज्य की 32 फीसदी आबादी को पाईप लाइन से पेयजल उपलब्ध कराया गया.

108 एंबुलेंस- निःशुल्क सेवा

राज्यभर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 329 एंबुलेंस जरूरतमंदों की मदद के लिए 24 घंटे काम कर रही है. 108 एंबुलेंस सेवा वेंटीलेटर, बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम एवं अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस है. अबतक 1 लाख 25 हजार से ज्यादा मरीजों को त्वरीत इलाज मिला. 4 साल में 5 मेडिकल कॉलेज देवघर में और रांची में कैंसर अस्पताल का निर्माण जारी एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़कर 900 हो गई, 4 साल में 112 निजी और 15 सरकारी नर्सिंग कॉलेज और ट्रेनिंग सेंटर खुले. एक सरकारी और 3 निजी डेंटल कॉलेज भी खुले. अब झारखंड में 23 जिला अस्पताल और 26 ब्लड बैंक हैं.

स्वास्थ्य

  • प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान भारत के तहत झारखंड के 57 लाख गरीब परिवारों का 5 लाख रूपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कराया गया है. 3 महीनों में ही 18 हजार से ज्यादा झारखंडवासियों का मुफ्त इलाज हो चुका है.

खुले में शौच से मुक्त झारखंड

  • झारखंड अब खुले में शौच से मुक्त राज्य है. 2014 में 16.40 % घरों में शौचालय थे, जबकि 2018 तक राज्यभर में 40 लाख से भी ज्यादा शौचालय का निर्माण हुआ. अब झारखंड के घर-घर में शौचालय है.

हमारा लक्ष्य -2022 तक किसानों की आय दोगुनी

  • झारखंड देश का इकलौता राज्य है, जो किसानों के फसल बीमा का प्रीमियम भी भरता है. 2019-20 में भी किसानों का मुफ्त फसल बीमा कराया जाएगा.
  • झारखंड के किसानों को राज्य सरकार 1 साल की अवधि के लिए ब्याज रहित कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है. 14 लाख 50 हजार से ज्यादा किसानों को मिलेगा सीधा लाभ.
  • झारखंड के 28 लाख अन्नदाताओं के बीच निःशुल्क मोबाइल फोन का वितरण किया जाएगा ताकि वो ई-मार्केट से जुड़ सकें, कृषि की आधुनिक तकनीक सीख सकें.
  • 100 किसानों के दल को इजरायल दौरे पर भेजा गया. इजराइल से उन्नत कृषि तकनीक सीखकर आए किसान भाई अब राज्य के अन्य किसानों को ट्रेनिंग दे रहे हैं.
  • 2013-14 में कृषि फसल विकास दर- 4% थी, जो 2016-17 में बढ़कर 14.2% से ज्यादा हो गई, यानी 19% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई.

शिक्षा में आया बदलाव

  • 4 साल में सभी 34,939 स्कूलों में बेंच डेस्क लगवा दिए गए हैं
  • 43 नए आईटीआई बने अब इनकी संख्या 70 हो गई है. 4 साल में पॉलिटेक्निक कॉलेजों की संख्या 30 से बढ़ाकर 43 और सीटों की संख्या 8,820 से बढकर 11,575 हो गई है.
  • कृषि एवं पशु चिकित्सा कॉलेजों की संख्या 3 से बढ़कर 10 हो गई.
  • मिडिल स्कूल 3312 और हायर सेकेंडरी स्कूल 1035 हो गए. 4 साल में ड्रॉपआउट दर घटकर जीरो हो गयी.

एक रुपये में रजिस्ट्री

  • महिला सशक्तिकरण के लिए झारखंड सरकार 1 रूपये में रजिस्ट्री योजना लेकर आई, इस योजना के तहत महिलाओं के नाम पर 50 लाख तक के मकान, जमीन की रजिस्ट्री सिर्फ 1 रूपय में होती है. अब तक राज्यभर की 1 लाख 20 हजार से ज्यादा महिलाएं इस योजना का लाभ उठाकर मकान मालकिन बन चुकी हैं.

उज्जवला योजना

  • झारखंड में 26 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिला गैस कनेक्शन. झारखंड देश का इकलौता राज्य है, जहां उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन के साथ चूल्हा मुफ्त में दिया जाता है एवं झारखंड सरकार पहले रिफिल का खर्च भी झारखंड सरकार ही उठाती है.

आदिवासी कल्याण

  • झारखंड गठन के बाद जो किसी ने नहीं सोचा वह रघुवर सरकार ने किया. राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन प्रस्तावित.
  • प्री मैट्रिक तथा पोस्ट मैट्रिक के तहत SC/ST और OBC के 30 लाख से अधिक बच्चों को 527 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई है.
  • आदिवासी बहुल गांव में आदिवासी ग्राम समिति का गठन किया गया है, 5 लाख रूपये तक के विकास कार्य आदिवासी विकास समिति द्वारा ही किए जा रहे हैं. वहीं गैर आदिवासी गांव में ग्राम विकास समिति के जरिए 5 लाख रूपये तक के विकास के कार्य किए जा रहे हैं.
  • शहीद ग्राम विकास योजना के तहत अब तक 864 आवासों को मंजूरी मिल चुकी है.
  • रांची के बिरसा मुंडा जेल को संग्रहालय के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां भगवान बिरसा मुंडा के साथ सिदो-कान्हू, निलाम्बर- पिताम्बर सहित सभी वीर शहीद सेनानियों की प्रतिमा का भी निर्माण कराया जायेगा.
  • बिरसा आवास योजना के तहत जनजातीय समूहों के लिए 60 करोड़ रुपए की लागत से आवासों का भी निर्माण कराया जा रहा है.
  • आदिम जनजातीय समाज को ग्रामीण डाकिया योजना के तहत उनके घर पर प्रतिमा 35 किलो अनाज पहुंचाया जाता है.
  • झारखंड पुलिस में पहाड़िया समुदाय के लिए 2 बटालियन का गठन किया गया.
  • आदिम जनजाति विकास प्राधिकार का गठन किया गया.
  • झारखंड में पहली बार मानकी को 3000 रूपये, मुंडा और ग्राम प्रधान को 2000 रूपये, एवं डाकुवा, परगणेत, परणिक, जोगमांझी, कुड़ाम नायकी, गडैत, मूल रैयत, पड़हा राजा, ग्राम सभा का प्रधान, घटवाल एवं तावेदार को 1,000 रूपये प्रति माह सम्मान राशि दी जा रही है.
  • झारखण्ड सरकार ने लुगुबुरू मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिया. लुगुबुरू तीर्थ स्थल में मंदिर, मेडिटेशन सेंटर और अतिथिशाला का निर्माण करा दिया गया है. अगले साल तक लुगुबुरू घंटाबाड़ी धीरोम गाढ़ के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाने के लिये म्यूजियम का निर्माण किया जायेगा.
  • 2018 में जनजातीय उपयोजना के बजट को 11,997.66 करोड़ रूपये से बढ़ाकर 20,764.96 करोड़ रूपये कर दिया गया.

झारखंड में जबरन धर्मांतरण गैरकानूनी

  • आदिवासी संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिये झारखंड सरकार ने जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण रोकने के लिये सख्त कानून बनाया है. धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया है. धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत 4 साल की सजा और 1 लाख रूपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.
  • सरना मसना स्थलों की घेराबंदी
  • 2014 तक सिर्फ 647 सरना मसना स्थलों की घेराबंदी की गई जबकि पिछले 4 साल में 1573 योजनाओं को मंजूरी दी गई .

पिछड़ा वर्ग

  • झारखंड में पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम का गठन होगा. पिछड़े वर्ग को उनकी आबादी के अनुरूप आरक्षण और दूसरी सुविधाएं दी जाएंगी. निगम को 2019-20 के बजट में 5 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई जाएगी.
  • पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम से पिछडे वर्ग के युवाओं को आसानी से लोन और लोन पर सब्सिडी भी मिलेगी. झारखंड के प्रत्येक जिले में वर्ग का सर्वेक्षण कराया जाएगा और उसके आधार पर उनकी आबादी के अनुरूप आरक्षण सहित अन्य सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा.

अनुसूचित जाति

  • राज्य गठन के बाद पहली बार अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया.
  • ग्राम स्वराज अभियान के तहत अनुसूचित जाति बहुल गांव में केंद्र सरकार की 7 फ्लैग शिप योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन कराया गया. इसके तहत उज्जवला, उजाला, स्वच्छता प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और मिशन इंद्रधनुष योजना शामिल है.
  • UPSC सिविल सर्विसेज की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों को 1 लाख रूपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, ताकि वो UPSC मुख्य परीक्षा की तैयारी कर सकें.
  • भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की स्मृति में विधवा बहनों के लिए आवास योजना के तहत अब तक 799 घर बनाए गए.
  • आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं (SC/ST/OBC और अल्पसंख्यक) को साइकिल खरीदने के लिए राशि 3000 को बढ़ाकर 3500 की गई.

खेल

  • 50 स्टेडियमों, 3 खेल छात्रावासों तथा दो इंडोर स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई. पूरे राज्य से 400 बच्चों का चयन कर उन्हें रांची में 11 अलग-अलग खेलों में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है. रांची में आरर्चरी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू हो चुका है तथा रांची और देवघर में फुटबॉल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू होने वाला है. खूंटी और गुमला में एस्ट्रो टर्फ की योजना की शुरुआत. 28 आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों में 700 और 85 डे बोर्डिंग प्रशिक्षण केंद्रों में 6000 खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. स्कूली खेलों में 4 साल में 58 स्वर्ण, 14 रजत और 70 कांस्य पदक हासिल हुए हैं.

पर्यटन

  • 2013 में 45,995 विदेशी पर्यटक झारखंड आये, जो 2017 में बढ़कर 1,70,987 हो गए पर्यटकों की संख्या में 271.75% की वृद्धि हुई.
  • देवघर में क्यू कॉप्लेक्स फेज-1 का निर्माण पूरा हो चुका है. रजरप्पा को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है.
  • श्रावणी मेले समेत राज्य के अन्य मेलों को राजकीय मेले का दर्जा दिया गया है.
  • मसानजोर और तिलैया डैम में बोटिंग की सुविधा शुरू. पतरातू डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है. मलूटी में स्थित स्थापत्य कला के दुर्लभ मंदिरों का संरक्षण कार्य जारी. प्रसाद योजना के अन्तर्गत देवघर का चयन.

प्रधानमंत्री आवास योजना

  • झारखंड के हर गरीब के पास अपना घर हो, झारखण्ड सरकार इसी लक्ष्य के साथ काम कर रही है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्यभर में अब तक ग्रामीण इलाकों में कुल 3,20,859 एवं शहरी क्षेत्रों में 35,932 घरों का निर्माण हुआ है.

भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार

  • रघुवर सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं. भ्रष्टाचार के मामलों में अबतक 350 से ज्यादा गिरफ्तार. राज्य में नक्सलवाद अंतिम सांसे गिन रहा है.

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