न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

आईसीजे ने ठुकराई पाक की जाधव मामले पर सुनवाई टालने की गुजारिश

भारत और पाकिस्तान के मध्य तनाव के बीच जाधव मामले की चार दिवसीय सुनवाई सोमवार को यहां आईसीजे के मुख्यालय में शुरू हुई.

21

Hague : अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) ने नए तदर्थ न्यायाधीश नियुक्ति की तक कुलभूषण जाधव के मामले की सुनवाई स्थगित करने की पाकिस्तान की गुजारिश को मंगलवार को ठुकरा दिया. जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के मध्य तनाव के बीच जाधव मामले की चार दिवसीय सुनवाई सोमवार को यहां आईसीजे के मुख्यालय में शुरू हुई. पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों के हमले में 41 सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए. पाकिस्तान  ने मंगलवार को अपना पक्ष रख रहा है. उसने एक तदर्थ न्यायाधीश की बीमारी का हवाला देकर अंतरराष्ट्रीय अदालत से मामले की सुनवाई स्थगित करने को कहा.

‘हमने अपने अधिकार लागू किए’

आईसीजे में पाकिस्तान के तदर्थ न्यायाधीश तस्सदुक हुसैन जिलानी को सुनवाई से पहले दिल का दौरा पड़ गया. पाकिस्तान की नुमाइंदगी कर रहे अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान ने सुनवाई की शुरुआत में कहा कि  हमने अपने अधिकार लागू किए, जो हमें एक तदर्थ न्यायाधीश नियुक्त करने का हक देता है.

उन्होंने कहा कि  चूंकि इस वक्त हमारा न्यायाधीश होना जरूरी है. पाकिस्तान अदालत से कहना चाहेगा कि एक अन्य न्यायाधीश को शपथ लेनी चाहिए, जिसकी व्यवस्था अनुच्छेद 35-5 में दी गई है और न्यायाधीश को दलीलों के साथ आगे बढ़ने से पहले जानकारी का अवलोकन करने का भरपूर वक्त दिया जाए. अंतरराष्ट्रीय अदालत ने पाकिस्तान की अर्जी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और देश से तदर्थ न्यायाधीश की गैर मौजूदगी में ही दलीलें जारी रखने को कहा.

सैन्य अदालत का फैसला हास्यास्पद मामले पर आधारित

Related Posts

पाकिस्तान में आर्थिक कंगाली, 32 सालों में पहली बार आतंकी शिविरों पर ताले लगाये गये

कश्मीर रीडर ने 20 मई को खबर प्रकाशित कर बताया कि पाकिस्तान ने उन सभी आतंकवादी संगठनों के शिविरों पर ताला लगा दिया है, जो उसके इशारों पर कश्मीर में गड़बड़ी फैलाते थे.

सुनवाई के पहले दिन भारत ने आईसीजे से जाधव की मौत की सजा को बदलने और उनकी तुरंत रिहाई का आदेश देने का अनुरोध किया. भारत ने कहा कि सैन्य अदालत का फैसला हास्यास्पद मामले पर आधारित है. जो वाजिब प्रक्रिया के न्यूनतम मानकों को भी पूरा नहीं करता है. जाधव भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं. उन्हें बंद कमरे में सुनवाई के बाद अप्रैल 2017 में ‘जासूसी और आतंकवाद’ के आरोप में एक सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी.

इसे भी पढ़ें – इमरान की गीदड़भभकी पर बोले अमरिंदरः भारत को लेक्चर मत दो, अजहर मसूद को पकड़ो

इसे भी पढ़ें – स्वजन को राष्ट्ररक्षा के लिए न्यौछावर करने वाले हर परिवार का ऋण हम सभी पर : मोदी

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

hosp22
You might also like
%d bloggers like this: