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किराए की बिल्डिंग को अपना बताकर एफिलिएशन बचाने में लगी है ईक्फाई यूनिवर्सिटी

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– 11 वर्षों के बाद भी इक्फाई नहीं बना पाया कैंपस

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– शिक्षामंत्री ने सख्त कार्रवाई के दिये थे निर्देश

Ranchi : रांची में 11 साल पहले यानि 2008 में निजी विश्वविद्यालय इक्फाई यूनिवर्सिटी की स्थापना की गयी. झारखंड का ये सबसे पुराना निजी विश्वविद्यालय है. इक्फाई विवि नियमों को धत्ता बताकर अभी भी अपने हिसाब से विवि का संचालन कर रहा है. विवि को नियमों के मुताबिक, 5 सालों के अंदर अपने स्थायी कैंपस में शिफ्ट कर लेना था. पिछले साल सभी ऐसे निजी विवि को छह महीने का अल्टीमेटम भी दिया गया था, लेकिन किसी ने नहीं माना.

इक्फाई यूनिवर्सिटी अब दलादली स्थित किराए के मकान में संचालित किया जा रहा है. बावजूद इसके विवि प्रबंधन का कहना है कि इक्फाई अपनी जमीन पर 2015 से ही अपने कैंपस में चल रहा है. जबकि ये प्रमाणित है कि इक्फाई के पास अभी तक अपनी जमीन भी नहीं है.

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11 वर्षों बाद भी इक्फाई नहीं बना पाया कैंपस

झारखंड में सबसे पुराने निजी विश्वविद्यालयों में एक इक्फाई यूनिवर्सिटी है. इसकी स्थापना वर्ष 2008 में की गयी. इक्फाई यूनिवर्सिटी विगत 11 वर्षों से झारखंड के छात्रों को डिग्री प्रदान कर रहा है. लेकिन अभी तक इस यूनिवर्सिटी ने अपना स्थाई कैंपस तैयार नहीं किया है.

उसी साल यानि 2008 में ही राय यूनिवसिर्टी और साईनाथ यूनिवर्सिटी भी आयी. लेकिन वर्तमान में दोनों यूनिवर्सिटी ने सरकार को अपने स्थाई कैंपस का ब्यौरा सौंप दिया है. इक्फाई यूनिवर्सिटी विगत दस सालों में कई बार अपना कैंपस बदल चुका है. इसको ध्यान में रखकर सरकार ने इक्फाई यूनिवर्सिटी को नोटिस दिया था.

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शिक्षामंत्री ने सख्त कार्रवाई के दिये थे निर्देश

मामले पर राज्य की शिक्षा मंत्री नीरा यादव की अध्यक्षता में निजी विश्वविद्यालयों के साथ बैठक भी की गयी थी. तत्कालीन विभागीय सचिव अजय सिंह और शिक्षा मंत्री ने सभी विवि को निर्देश दिये थे कि, यूजीसी की गाईडलाइन का पालन नहीं करने पर सभी विवि पर कार्रवाई की जाएगी. इक्फाई को विशेष रुप से शिक्षा मंत्री ने छह महीने के अंदर अपना स्थाई कैंपस बनाने के सख्त निर्देश दिये थे और साथ ही ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ एक्शन लेने की बात कही थी. पर सरकार ने विवि की इतनी मनमानी के बाद भी एक्शन नहीं लिया.

खत्म हो सकती है इक्फाई यूनिवर्सिटी की मान्यता

झारखंड सरकार के निजी विश्वविद्यालय की गाइड लाइन्स में स्पष्ट किया गया है कि, यदि निर्धारित समय में निजी विश्वविद्यालय स्थाई कैंपस राज्य में स्थापित नहीं करती है, तो सरकार उनकी मान्यता रद्द करने को बाध्य हो सकती है.

क्या कहता है प्रबंधन

इक्फाई विवि के प्रबंधन से न्यूज विंग ने पक्ष को जानना चाहा तो, उन्होंने साफतौर पर कहा कि इक्फाई का ये अपना कैंपस है. जब जमीन को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जमीन हमारी अपनी है और 2015 में ही हम अपने कैंपस में शिफ्ट हो गये हैं.

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