1st LeadJharkhandRanchiSports

IAU 24h Asia & Oceania Championships:  रांची के अल्ट्रा धावक सौरभ रंजन ने जीता रजत, 24 घंटे में दौड़े 242.56 किमी

Ranchi :  भारत के अल्ट्रा धावकों ने आईएयू 24 एच (चौबीस घंटे) एशिया एवं ओसियाना चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए बेंगलुरु के कांतीर्वा स्टेडियम में पुरुष व्यक्तिगत और टीम खिताब जीते.

अमर सिंह देवांडा की अगुवाई में भारतीय पुरुष टीम ने शनिवार सुबह आठ बजे से 24 घंटे में मिलकर 739.959 किमी की दूरी तय करके आसानी से स्वर्ण पदक पक्का किया. अमर सिंह ने निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 258.418 किमी की दूरी तय की जो उनके पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से 18 किमी से भी अधिक ज्यादा है. .

इस चैंपियनशिप में रांची के सौरभ कुमार रंजन ने 24 घंटे में 242.564 का समय निकाल कर व्यक्तगत श्रेणी में रजत पदक हासिल किया. तीसरे स्थान पर भारत के ही गीनो एंटोनी (238.977 किमी) रहे. इन तीनों के प्रदर्शनों के दम पर भारत ने टीम स्पर्द्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया.

ram janam hospital
Catalyst IAS

आइएयू 24 एच (चौबीस घंटे) एशिया एवं ओसियाना चैंपियनशिप में इस साल भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, चाइनीज ताइेपे और लेबनान की टीमों ने हिस्सा लिया. टीम वर्ग में ऑस्ट्रेलिया (628.405 किमी) दूसरे जबकि चीनी ताइपे (563.591 किमी) तीसरे स्थान पर रहा.

The Royal’s
Pitambara
Pushpanjali
Sanjeevani

रविवार को भारतीय महिला टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल किया. भारतीय टीम ने 570.70 किमी की दूरी तय की और इस दौरान शीर्ष पर रही ऑस्ट्रेलिया (607.63 किमी) को कड़ी टक्कर दी. चीनी ताइपे की महिला टीम ने 529.082 किमी के साथ तीसरा स्थान हासिल किया. महिला व्यक्तिगत वर्ग में ताइपे की कुआन जू लिन (216.877 किमी) ने शीर्ष स्थान हासिल किया. आस्ट्रेलिया की केसी कोहेन (214.990 किमी) और एलीसिया हीरोन (211.442 किमी) दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं.

इस चैंपियनशिप के पुरुष वर्ग के सिल्वर और टीम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले सौरभ कुमार रंजन रांची के बूटी मोड़ इलाके के रहने वाले हैं. न्यूजविंग से बातचीत में सौरभ ने बताया कि वे भारतीय वायुसेना में कार्यरत हैं और फिलहाल प्रयागराज (इलाहाबाद) में तैनात हैं. सौरभ की शिक्षा रांची के दीपाटोली स्थित केंद्रीय विद्यालय से हुई है. उनके पिता भी सेना में रहकर देश की सेवा कर चुके हैं.

किसी इंसान के लिए 24 घंटे लगातार दौड़ना आसान काम नहीं है. एक ही स्टेडियम में 400 मीटर के ट्रैक पर लगातार दौ़ड़ने की प्रेरणा कैसे मिली, इसपर सौरभ ने बताया कि फौज में जाने से पहले दसवीं कक्षा से ही उन्होंने दौड़ने की प्रैक्टिस शुरू कर दी थी. फिर 2012 में फौज ज्वाइन किया, तो वहां रोजाना दस किमी की रनिंग करायी जाती थी. सौरभ कहते हैं कि फौज में जब शनिवार-रविवार की दौड़ होती थी, तो वह सेंकेड-थर्ड आते थे. इससे हौसला बढ़ा. इसके बाद वर्ष 2029 में भारतीय वायुसेना ने कारगिल विजय के 20 साल पूरे होने पर कारगिल से कोहिमा तक 4500 किमी की दौड़ का आयोजन किया था. वहीं से लंबी दूरी की दौड़ (अल्ट्रा) की शुरुआत हुई. फिर एयरफोर्स ने एक 160 किमी की अल्ट्रा मैराथन का आयोजन किया.

 

 

लगातार 24 घंटे दौड़ने के लिए आपार ताकत, स्टेमिना और फिटनेस की जरूरत होती है. इसकी तैयारी कैसे करते है, इस पर सौरभ बताते हैं कि तैयारी के लिए रोजाना 40-50 किमी दौड़ते हैं. आइएयू 24 एच (चौबीस घंटे) एशिया एवं ओसियाना चैंपियनशिप की तैयारी तीन महीने पहले से कर रहे थे. खाने-पीने का खास ध्यान रखना पड़ता है. पिछले साल वे चंडीगढ़ में हुई प्रतियोगिता में 230 किमी दौड़कर इस चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई हुए थे.

महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी ट्वीट करके इस चैंपियनशिप में भारतीय टीम का विजयी होने की शुभकामनाएं दी थी और जीत के बाद उन्होंने ट्वीट के माध्यम से भारतीय दल. को टीम में जीतने की बधाई भी दी है.

 

इसे भी पढ़ें : सीढ़ी से गिरे RJD सुप्रीमो लालू यादव के कंधे की हड्डी टूटी, राबड़ी आवास पर हुई घटना

Related Articles

Back to top button