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अब आईएएस अफसर खुद करेंगे अपने काम का मूल्यांकन, लिखेंगे सीआर

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Ranchi : अब आईएएस अफसर अपने काम का खुद मूल्यांकन करेंगे और अपनी गोपनीय चारित्री भी लिखेंगे. अखिल भारतीय सेवा के प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार के अधीन विभिन्न पदों पर कार्यरत आईएएस अफसर एनुअल परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (एपीएआर) प्रावधानों के अनुसार लिखेंगे. भारत सरकार द्वारा विभिन्न स्तर के पदाधिकारियों के लिए निर्धारित प्रपत्र में राज्य के कार्मिक विभाग द्वारा अफसरों की एपीएआर निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन जेनरेट की जायेगी. भारत सरकार के नये प्रावधान के अनुसार अफसर स्वयं  अपनी एपीएआर निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन जेनरेट करेंगे. एपीएआर फ्लो के अनुसार जेनरेट की जायेगी.

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स्वमूल्यांकन भी ऑनलाइन

एपीएआर ऑनलाइन जेनरेट होने के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों को अपना स्वमूल्यांकन प्रतिवेदन भारत सरकार द्वारा निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन जमा करना होगा. स्वमूल्यांकन प्रतिवेदन ऑनलाइन प्रतिवेदक प्राधिकार के पास जायेगा, जो निर्धारित तिथि तक अपनी अभ्युक्ति अंकित करेंगे. इसके बाद यह प्रतिवेदन समीक्षा प्राधिकार के पास जायेगा. इसमें अफसरों के ट्रांसफर और रिटायरमेंट की स्थिति भी अंकित की जायेगी. रिटायर होने बाद एक माह तक संबंधित प्राधिकार अभ्युक्ति अंकित करने के लिए सक्षम होंगे.

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तीन माह से अधिक अवधि का ही होगा मूल्यांकन

नये प्रावधान के अनुसार प्राधिकार द्वारा आईएएस अफसरों की तीन माह से अधिक अवधि तक के लिए धारित पदों के संबंध में मूल्यांकन अंकित किया जायेगा. तीन माह से कम अवधि की कार्यावधि के लिए नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट जारी किया जायेगा. अगर स्थानांतरण के फलस्वरूप एक वित्तीय वर्ष में पदाधिकारी एक से अधिक पदों पर कार्यरत रहते हैं, तो ऐसी स्थिति में तीन माह से अधिक अवधि तक के लिए धारित पदों के कार्यों के संबंध में अलग-अलग स्वमूल्यांकन प्रतिवेदन समर्पित किया जायेगा.

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भारत सरकार के नियमों के अनुसार होगी कार्रवाई

पूर्ण एपीएआर पर मंत्वय प्राप्ति के क्रम में प्रतिकूल टिप्पणियों-ग्रेडिंग आदि के विरुद्ध यदि आईएएस अफसर अपनी आपत्तियां दर्ज करायेंगे, तो उस पर कार्रवाई भारत सरकार के नियमों के अनुसार की जायेगी. एपीएआर  अभिलेखन से संबंधित सभी बिंदु भारत सरकार के नियमों व प्रावधानों के अनुसार दिशा-निर्देशित हों.

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