न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रघुवर दास जैसा मुख्यमंत्री अपने जीवन में नहीं देखा : ददई दुबे

227
  • मजदूरों के हितों की अनदेखी करने का पूर्व सांसद ने लगाया आरोप
  • कहा- अंग्रेजी राज में भी नहीं थी रघुवर सरकार जैसी स्थिति
  • पांच फरवरी को विधानसभा घेराव और राजभवन के समक्ष धरना देने की घोषणा

Ranchi : रघुवर दास सरकार पर मजदूर हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद चंद्रशेखर दुबे (ददई दुबे) ने कहा कि आज राज्य की जो स्थिति है, वैसी अंग्रेजी राज में भी नहीं थी. राज्य के खाद्य आपूर्ति विभाग के हजारों मजदूर इन दिनों अपने ईपीएफ, जीवन सुरक्षा बीमा, न्यूनतम और एकसमान मजदूरी की मांग कर रहे हैं. करीब छह माह पहले रांची उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा गया था. लेकिन, ऐसा न कर रघुवर सरकार मजदूरों के हितों को मारने में लगी है. उन्होंने कहा कि किसी सरकार में इतना दम नहीं कि वह मजदूरों के अधिकारों को छीन सके. अगर जल्द ही सरकार ने इन मजदूरों की मांगों को पूरा नहीं किया, तो पांच फरवरी को राजभवन के समक्ष धरना देने के साथ विधानसभा का घेराव किया जायेगा.

Sport House

मजदूरों को धोखा देना बर्दाश्त से है बाहर

रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान इंटक अध्यक्ष ने कहा कि मोदी व रघुवर सरकार ने जिस तरह से देश के मजदूरों को धोखा दिया है, वह असहनीय और बर्दाश्त से बाहर की बात हो गयी है. रघुवर सरकार राज्य में कितना अच्छा काम कर रही है, उसे पूरा देश जानता है. सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में नरेंद्र मोदी जैसा पीएम और रघुवर दास जैसा मुख्यमंत्री नहीं देखा है. यह सरकार एक लंबे अरसे से मजदूरों की पसीने की कमाई के साथ खिलवाड़ कर रही है. राजभवन के पास धरना देने से पहले वह एक बार फिर रांची उपायुक्त से मिलकर अपनी बातों को प्रमुखता से रखेंगे. अगर फिर भी सरकार उनकी बातों को नहीं मानती है, तो तय कार्यक्रम के तहत इंटक अपनी रणनीति पर काम करेगा.

Related Posts

#Palamu: ‘देशद्रोहियों में #ABVP का खौफ, सीएए से वामपंथियों के पेट में हो रहा दर्द’

अभाविप का प्रांतीय अधिवेशन, निकली भव्य शोभायात्रा

चरणबद्ध तरीके से चलता रहेगा आंदोलन : संघ अध्यक्ष संतोष सोनी

खाद्य आपूर्ति विभाग मजदूर संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार सोनी ने बताया कि उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के बाद भी मजदूरों की मांगों को पूरा नहीं किया गया है. ज्ञापन सौंपने के वक्त प्रशासन ने इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया था. लेकिन, अभी तक इस दिशा में कुछ नहीं किया गया. जब तक सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है, तब तक मजदूरों का आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलता रहेगा. उन्होंने कहा कि सौंपे गये प्रमुख मांगों में ईपीएफ लागू करना, खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदाम में सीसीटीवी कैमरा लगाना, मजदूरों का मेडिक्लेम कराया जाना प्रमुख है.

Vision House 17/01/2020

इसे भी पढ़ें- लोकसभा चुनाव के लिये आजसू ने कसी कमर, हजारीबाग और गिरिडीह से उतारेगा उम्मीदवार

Mayfair 2-1-2020
SP Deoghar

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like