न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

दलित हैं, इसलिए मैं और मल्लिकार्जुन खड़गे सीएम नहीं बन पाये :  उपमुख्यमंत्री परमेश्वर 

कांग्रेस में कुछ लोग दलितों को दबाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. वे दलितों के उत्थान को रोकने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं. कई दलित कांग्रेस नेताओं को इसकी कीमत चुकानी पड़ी है.  

50

 Bengaluru  : कांग्रेस में कुछ लोग दलितों को दबाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. वे दलितों के उत्थान को रोकने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं. कई दलित कांग्रेस नेताओं को इसकी कीमत चुकानी पड़ी है.  यह बयान कर्नाटक के कांग्रेस नेता और उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने दिया है. लोकसभा चुनाव से पहले उनका बयान  पार्टी को असहज कर देने वाला है. इस क्रम में जी परमेश्वर  ने कहा कि उऩ्हें तीन बार मुख्यमंत्री पद से इसलिए वंचित किया गया, क्योंकि वह दलित समुदाय से हैं.   दावणगेरे में एक कार्यक्रम में बोलते हुए दलित नेता और उप मुख्यमंत्री परमेश्वर ने कहा,  बसवलिंगप्पा और के एच रंगनाथ मुख्यमंत्री इसीलिए नहीं बन पाये.  कहा कि हमारे बड़े भाई मल्लिकार्जुन खड़गे भी मुख्यमंत्री नहीं बन सके. मैं खुद इससे तीन बार वंचित रह गया.. कुछ संकट के बाद उन्होंने मुझे उप मुख्यमंत्री बनाया.

कुछ लोग उन्हें राजनीतिक रूप से दबाना चाहते हैं

परमेश्वर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें राजनीतिक रूप से दबाना चाहते हैं.    बता दें कि कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर पिछले साल मई में एक और बयान की वजह से सुर्खियों में रहे थे. उन्होंने कह दिया था कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी अगले पांच साल तक के लिए मुख्यमंत्री बने रहेंगे या नहीं यह अभी तय नहीं है. यह बातें उन्होंने विश्वास मत पर मतदान से एक दिन पहले कही थी. जी परमेश्वर ने कहा कि कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन ने एचडी कुमारस्वामी के पूरे पांच साल मुख्यमंत्री बने रहने के तौर- तरीकों पर अब तक चर्चा नहीं की है.  यह पूछे जाने पर कि क्या कुमारस्वामी पूरे पांच साल मुख्यमंत्री रहेंगे तो परमेश्वर ने कहा, हमने उन तौर-तरीकों पर अब तक चर्चा नहीं की है.

SMILE

इसे भी पढ़ें :   हमारी नीति, पहले परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे : मनमोहन सिंह

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: