Crime NewsJharkhandRanchiTop Story

पुलिस की लापरवाही के कारण खुलेआम घूम रहे मानव तस्कर ! महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी

विज्ञापन

Ranchi: मानव तस्करी का मकड़जाल झारखंड में बुरी तरह से फैला हुआ है. आए दिन मानव तस्करी से जुड़ी खबरें सामने आती रहती हैं. गरीबी के कारण मानव तस्कर बड़े आसानी से ग्रामीणों को प्रलोभन देने में सफल हो जाते हैं. यहां की भोली-भाली लड़कियों को बहला-फुसलाकर अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बड़े-बड़े महानगरों में बेचा जाता है. जहां उनका हर तरीके से शोषण होता है.

इसे भी पढ़ेंःबिजली संकट : BJP MLA ढुल्लू महतो की वजह से बिजली कंपनियों को नहीं मिल रहा 6-7 लाख टन कोयला, क्या यह राष्ट्रद्रोह नहीं!

अधिकतर मामले में मानव तस्कर को पुलिस सजा नहीं दिलवा पाती है,और ना ही कोई पुख्ता साक्ष्य पेश कर पाती है. पुलिस की इस असक्षमता के कारण मानव तस्कर खुलेआम घूम रहे हैं. सबसे बड़ी आश्चर्य की बात है कि मानव तस्करी में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी सामने आई है.

advt

मानव तस्करी के सबसे ज्यादा मामले गुमला में

मानव तस्करी के सबसे ज्यादा मामले गुमला में सामने आये हैं. गुमला के बाद मानव तस्करी के ज्यादातर मामले चाईबासा, गढ़वा, खूंटी, रांची, सिमडेगा, साहेबगंज, लोहरदगा, गोड्डा और लातेहार जिलों में दर्ज किए गए हैं. इन जिलों की युवतियां झांसे में आकर मानव तस्करों के चंगुल में फंसती रही हैं.

दिल्ली, हरियाणा, मुंबई में बेची जा रही बेटियां

दिल्ली के साकेत नगर, नोएडा के मानसा, संगरूर, मलेर कोटला, नवांशहर व लुधियाना, मानसा जिले के गांव मघनिया में झारखंड की ज्यादातर बेटियां बेची जा रही हैं. वहीं, हरियाणा के साथ अब ट्रैफिकिंग का जाल मुंबई, बेंगलुरु, राजस्थान सहित केरल तक पहुंच गया है.

इसे भी पढ़ें : PMAY: कैसे घर बनाएं हुजूर, जमादार मांग रहा 40 हजार

कैसे होती हैं शिकार

रोजगार के नाम पर कई प्लेसमेंट एजेंसियां, झारखंड के ग्रामीण आदिवासी बहुल इलाकों की अशिक्षित और कम पढ़ी- लिखी किशोरी व युवतियों को बड़े शहरों व महानगरों की राह दिखाती हैं. गरीबी की मार झेल रही ये युवतियां प्रलोभन में पड़कर इनके झांसे में आकर बिचौलिए व अन्य असामाजिक तत्वों के चंगुल में फंस रही हैं. झारखंड में मानव तस्करी का पांव बड़े इलाके में पसरा हुआ है. इसका सबसे ज्यादा असर झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पड़ रहा है.
मानव तस्करी का मुख्य उद्देश्य यौन शोषण व बंधुआ मजदूरी कराना है. युवतियों को किसी सामान की तरह खरीदा-बेचा जाता है.

adv

गरीबी का उठाते हैं फायदा

नाबालिगों को बड़े शहरों में बंधक बनाकर प्रताडि़त करने, दुष्कर्म और उनकी हत्या के मामले आए दिन आते रहते हैं. इसके बावजूद यहां के आदिवासी बहुल इलाकों में गरीबी और बेबसी का फायदा तस्कर उठाते है. गुमला, सिमडेगा और खूंटी तस्करों के लिए सेफ जोन बन गया है. छुड़ाकर लाए गए लोगों के पुनर्वास की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने के कारण, कुछ मामलों में बच्चे दोबारा इसी कतार में शामिल हो जाते हैं.

इसे भी पढ़ें-केंद्र ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का नाम बदलकर कर दिया आयुष्मान भारत

पांच सालों में मानव तस्करी के 395 मामले दर्ज

झारखंड पुलिस के आकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षो में मानव तस्करी के 395 मामले दर्ज किए गए. इनमें 152 पुरुष और 74 महिलाओं सहित कुल 226 तस्करों को गिरफ्तार किया गया. शर्मनाक स्थिति यह कि महज छह-सात मामलों में ही पुलिस दोषियों को सजा दिला पाई है. बाकी या तो जमानत पर छूट गए या साक्ष्य के अभाव में बरी हो गए. छूटने के बाद भी ये तस्कर इस धंधे में लगे हैं.

राज्य में मात्र नौ एएचटीयू

मानव तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य में वर्ष 2011 में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) का गठन किया गया था. राज्य में 24 जिले हैं, मगर सिर्फ नौ जिलों में एएचटीयू का गठन किया गया. गुमला नगर थाना, सिमडेगा नगर थाना, खूंटी नगर थाना, दुमका नगर थाना, राची कोतवाली थाना, पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा सदर थाना, लोहरदगा सदर थाना व पलामू सदर थाने में एएचटीयू का गठन हुआ. नतीजा है कि कई यूनिट में समीप के जिलों के मामले दर्ज किए जा रहे हैं.

रविवार को प्रभा मिंज गिरफ्तार

मानव तस्करी में झारखंड के किंग पिंग प्रभा मुनि की रविवार देर शाम दिल्ली के टैगोर गार्डेन से हुई गिरफ्तारी हुई. प्रभा मुनि सिमडेगा इलाके में मानव तस्करी का काम वर्षों से करते आ रहे थे. सिमडेगा इलाके में मानव तस्करी के आरोप में ही प्रभा मुनी को एटीएस ने गिरफ्तार किया. प्रभा मुनि पर सैकड़ों युवतियों की तस्करी का आरोप है. दिल्ली में पूछताछ के बाद प्रभा मुनी को झारखंड लाया जाएगा.

इसे भी पढ़ेंःकेंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 19 पुरानी योजनाओं के बदल दिये नाम

हिमाचल मैं कैद हैं झारखंड के 50 बच्चे

मानव तस्करी का शिकार हुई रांची से सटे बेड़ों की सुम्मी उराइन ने पुलिस और मीडिया को कई अहम जानकारी दी थी. रांची के एक हॉस्टल में काम दिलाने का झांसा देकर, उसे दिल्ली में 55 हजार में बेचा गया था. दिल्ली से भाग कर रांची पहुंची सुम्मी ने एंटी ह्ययूमन ट्रैफिकिंग थाना रांची में एफआईआर दर्ज कराई थी. उसने पुलिस व मीडिया को बताया कि हिमाचल प्रदेश के एक टमाटर फॉर्म में रांची, गुमला, सिमडेगा सहित कई जगहों की 50 महिलाएं और बच्चे फंसे हैं. सभी को बिरसा उरांव और सिसई निवासी विनोद लोहरा ले गए हैं.

किस जिले में कितनी प्राथमिकी और कितने हुए गिरफ्तार

जिलादर्ज मामले– गिरफ्तारी

गुमला   186– 50

खूंटी 50– 31

दुमका 12– 08

सिमडेगा 71– 43

रांची 11– 04

चाईबासा 26– 06

लोहरदगा 33– 21

पलामू 01– 02

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button