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औद्योगिकीकरण के नाम पर सरकार कर रही मानवाधिकारों का हनन : राय

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Ranchi : केंद्रीय कानूनों को ताक में रख कर राज्य सरकार आदिवासी हितों का हनन कर रही है. सरकार की ओर से कई ऐसे कदम उठाये गये हैं जो आदिवासियों के साथ पर्यावरण के हनन में भी मुख्य भूमिका निभा रही है. जो आदिवासियों के भरन पोषण का मुख्य साधन है. पश्चिमी सिंहभूम जिला की बात की जायें तो यहां वन अधिकार कानूनों का धड़ल्ले उल्लंघन हो रहा. ऐसे में वन और प्रकृति में निर्भर रहने वाली आदिवासी जनता कहां जायें, इस ओर सरकार ध्यान नहीं देती. उक्त बातें जंगल बचाओ आंदोलन की ओर से आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में विसि राय डेविड ने कहा. उन्होंने कहा कि औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देते देते सरकार मूलवासियों के बारे में सोचना भूल गयी है. उन्होंने कहा कि औद्योगिकीकरण के नाम पर सरकार मानवाधिकारों का हनन कर रही है.

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औद्योगिकीकरण के नाम पर न हो शोषण

औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिये सरकार आदिवासियों की भूमि अधिग्रहण करती है. जबकि पुर्नस्थापना की बात की जायें तो इस ओर सरकार का ध्यान न के बराबर है. जमीनें अधिक लीं जा रही है, जबकि पुर्नस्थापन कम हो रहे हैं. क्योंकि सरकार के पास पुर्नस्थापना का कोई सख्त कानून नहीं है.

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सरकार पुर्नस्थापना की करें व्यवस्था

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जेवियर कुजूर ने कहा कि सरकार के औद्योगिकीकरण के लिये गांवों के गांव उजाड़े जा रहे है. ग्रीन हंट के नाम पर सरकार ने जो पश्चिम सिंहभूम के सारंडा इलाके में लोगों के साथ अन्याय किया, उसकी जितनी भ्रत्‍सना की जायें कम है. काफी संख्या में युवाओं ने गांव के गांव छोड़कर ओड़िशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में चले गये हैं. ऐसे में सरकार को चाहिये कि यदि विकास कार्यों के लिये सरकार विस्थापित करती है तो पुर्नस्थापना की भी व्यवस्था करें.

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खनन के नाम काटे जा रहे हैं पेड़, पर्यावरण पर पड़ रहा है असर

भूमि अधिग्रहण से जितना ग्रामीण जीवन और उनकी सभ्यताओं का हनन हो रहा है, उतना ही पर्यावरण को भी हानि पहुंच रहा है. इसकी जानकारी देते हुए जेवियर कुजूर ने कहा कि लौह अयस्क खनन के लिये सरकार सारंडा के जंगलों में सड़क बना रही है, सड़क के लिये भारी मात्रा में पेड़ों को काटा जा रहा है. वहीं भूमि अधिग्रहण बिल 2013 के अनुसार किसी भी उपजाउ जमीन का अधिग्रहण सरकार नहीं कर सकती, लेकिन नये नियम का हवाला देते हुए सरकार उपजाउ जमीन का भी अधिग्रहण कर रही है. मौके पर सुरेश चंद्र सोय, प्रो संजय वाषूमलिक,अभिजीम मुखर्जी समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

 

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