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हूल दिवस : संथाल विद्रोह के नायकों को सीएम, शिबू सोरेन सहित कांग्रेसियों ने किया नमन

Ranchi  :  30 जून को पूरे राज्य में संथाल विद्रोह के नायकों की याद में हूल दिवस मनाया गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन सहित कांग्रेसी नेताओं ने संथाल विद्रोह के नायकों के तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री और शिबू सोरेन ने अपने-अपने आवास पर इन नायकों को श्रद्धांजलि दी. वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सह वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता सहित तमाम कांग्रेसी नेताओं ने कांके रोड स्थित सिद्धो कान्हू पार्क जाकर इनकी मूर्तियों पर श्रद्धांजलि दी.

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शहीदों की शहादत से हर झारखंडी को मिलती रहेगी प्रेरणा : हेमंत

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्रोह का नेतृत्व करनेवाले सिदो, कान्हू, चांद, भैरव, फूलो और झानो के साथ-साथ विद्रोह में शहादत देनेवाले सभी वीरों के बलिदान से हर झारखंडी को प्रेरणा मिलती रहेगी. यह महत्वपूर्ण दिवस है. कोरोना संक्रमण के इस दौर में कार्यक्रम करना संभव नहीं था. व्यक्तिगत रूप में लोग इस दिवस को मना रहे हैं. उम्मीद करता हूं, जबतक झारखंड रहेगा, शहीदों का नाम स्वर्णाक्षरों में लिखा जाता रहेगा. सीएम सोरेन ने कहा कि सभी राज्यवासी इस गौरवपूर्ण दिवस के अवसर पर वीर शहीदों को स्मरण करें. इससे आनेवाली पीढ़ी वीरों की वीर गाथा से अवगत हो गौरवान्वित हो सकेगी.

संघर्ष का परिणाम था कि आज एसपीटी-सीएनटी कानून बना है : डॉ रामेश्वर उरांव

शहीदों की शहादत को नमन करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि झारखंड का इतिहास संघर्षों से रचा बसा हुआ है. प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के पहले ही आदिवासी समाज ने अपनी परंपरा और विरासत की रक्षा को लेकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया. इसका परिणाम था कि एसपीटी और सीएनटी कानून बनाया गया. सिदो-कान्हू के वंशज को लेकर की जा रही राजनीति पर डॉ उरांव ने कहा कि झारखंड में करीब 16 वर्षों तक भाजपा की सरकार रही. इस दौरान आदिवासियों के विकास और उनके कल्याण के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया. एक प्रकरण को लेकर भाजपा जितना उद्वेलित हो रही है, उसे जवाब देना चाहिए कि 16 साल के अपने कार्यकाल में उस परिवार के लिए और संथाल के लोगों के लिए क्या किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन सरकार जनजातीय समाज के विकास के लिए काम कर रही है.

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इतिहास में सही स्थान नहीं मिल पाया

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि अमर शहीद सिदो-कान्हू, फूलो और झानो की शहादत को इतिहास में पहला स्थान नहीं मिल पाया जिसकी वह हकदार थी. उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शासन के शोषण के खिलाफ महिला होते हुए भी फूलो और झानो ने अपनी वीरता दिखाई और 21 अंग्रेजी सैनिकों को मार डाला. परंतु जिस तरह से रानी लक्ष्मीबाई की वीरता, बलिदान और क्रांति को इतिहास में स्थान मिला, वह स्थान हूल दिवस को नहीं मिल पाया. मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि जुल्मी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष के प्रतीक हूल दिवस की शहादत को कभी भुला नहीं जा सकता है. शहीदों ने जिस सपने को लेकर अपनी शहादत दी थी, झारखंड सरकार उन सपनों को पूरा करने के लिए प्रयत्नशील है.

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