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गणतंत्र दिवस पर लाल किला, आईटीओ और दिल्ली के बॉर्डर इलाके बने रणक्षेत्र, 11 मेट्रो स्टेशन बंद, गृह मंत्रालय की हाई लेवल बैठक

अराजक हुआ आंदोलन, अनुशासित ट्रैक्टर परेड के दावे की धज्जियां उड़ीं, तोड़-फोड़ पर सियासत

New Delhi. गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली रणक्षेत्र बन गयी. ट्रैक्टर रैली निकाल रहे किसानों ने जगह-जगह लगाये गये बैरिकेड तोड़ डाले. कई जगहों पर पुलिस के साथ किसानों का जबर्दस्त टकराव हुआ है. किसानों में लालकिले में घुसकर मुख्य प्राचीर के पास अपना झंडा फहरा दिया. लालकिले से किसानों को बाहर निकालने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया है. दिल्ली के 11 मेट्रो रेलवे स्टेशन बंद कर दिये गये हैं. फरीदाबाद, गाजीपुर बॉर्डर, नांगली में कहीं पथराव, कहीं तोड़फोड़ तो कहीं लाठी चार्ज के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया है. हिंसा और बवाल की खबरों के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय में हाईलेवल मीटिंग चल रही है. दिल्ली के कई इलाकों मेंं इंटरनेट बंद कर दिया गया है, ताकि अफवाहें फैलने से रोकी जा सकें. इधर आंदोलन की कमान संभालनेवाले किसान संगठनों के नेताओं ने कहा है कि तोड़-फोड और हिंसा फैलानेवाले किसान नहीं हैं. ऐसे लोग उनके संगठनों के नहीं हैं.

ट्रैक्टर रैली में शांति के दावे हुए विफल

सबसे ज्यादा बवाल दिल्ली के आईटीओ पर हुआ. यहां पुलिस ने बेकाबू किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े तो किसानों ने पत्थर बरसाये. किसानों का एक बड़ा समूह ट्रैक्टरों के साथ लालकिला के भीतर दाखिल हो गया. कुछ लोगों ने लाल किले के प्राचीर के पास किसान संगठन का झंडा फहरा दिया है. निहंगों ने लालकिले के पास हथियारों का प्रदर्शन किया. पुलिसकर्मियों ने ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश की, तो किसानों ने उनपर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की. इसके साथ ही किसान संगठनों का ट्रैक्टर रैली के दौरान शांति बनाये रखने का दावा विफल हो गया है. किसानों और पुलिस की भिड़ंत में एक दर्जन से ज्यादा लोगों के जख्मी होने की खबर है. आईटीओ के पास ट्रैक्टर पलटने से एक किसान की मौत हो गयी.

मुकरबा से लेकर आईटीओ तक भिड़ंत

जबर्दस्त बवाल की वजह से देश की राजधानी अस्त-व्यस्त हो गयी है. किसानों और पुलिस के टकराव में कई जख्मी हुए हैं. किसानों के आंदोलन की वजह से कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिये गये हैं. दिल्ली के मुकरबा चौक पर लगाए गये बैरिकेड और सीमेंट के अवरोधकों को ट्रैक्टरों से तोड़ने की कोशिश कर रहे किसानों के समूह पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. राष्ट्रीय राजधानी के सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के कुछ समूह मंगलवार सुबह दिल्ली पुलिस द्वारा ट्रैक्टर परेड के लिए निर्धारित किए गये समय से पहले अवरोधकों को तोड़कर दिल्ली में दाखिल हो गये थे.

सुबह ही तोड़ दी थी बैरिकेड

दिल्ली पुलिस के साथ आंदोलनकारी किसानों का समझौता हुआ था कि वे गणतंत्र दिवस का परेड संपन्न होने के बाद तयशुदा रूट पर शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर परेड निकालेंगे, लेकिन किसान सुबह नौ बजे के करीब ही अलग-अलग बॉर्डरों से ट्रैक्टर लेकर निकल पड़े और पुलिस के लगाये बैरिकेड तोड़कर उन इलाकों में घुस गये, जो उनके निर्धारित रूट में नहीं था. किसानों के भानु संगठन के कार्यकर्ता चिल्ला बॉर्डर से निकले तो मयूर विहार एक्सटेंशन पर पुलिस ने रोक दिया. किसान बैरिकेड तोड़ते हुए अक्षरधाम की तरफ बढ़ गए. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और डीटीसी की कई गाड़ियों के शीशे भी तोड़ डाले. राजधानी के करनाल बाईपास पर प्रदर्शनकारी किसानों के साथ ही घुड़सवार निहंग पुलिस बैरिकेड पर टूट पड़े.

बंद कर दिये गये कई मेट्रो स्टेशन

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन आईटीओ मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार को बंद कर दिया है. इसके अलावा सामयपुर बादली, रोहिणी सेक्टर 18/19, हैदरपुर बादली मोर, जहांगीर पुरी, आदर्श नगर, आज़ादपुर, मॉडल टाउन, जीटीबी नगर, विश्व विद्यालय, विधानसभा और सिविल लाइंस के प्रवेश / निकास द्वार बंद किये गये हैं. इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन के प्रवेश / निकास द्वार और ग्रीन लाइन पर सभी स्टेशन बंद हैं.

 

 

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