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भला राज्य के छात्र कैसे बनेंगे टेक्निकल एक्सर्पट, यहां तो अंतिम समय में निकाली जाती हैं अधिसूचनाएं

Chhaya

Ranchi :  सरकार  राज्य को आईटी हब और युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कई योजनाओं को राज्य में लागू की. खुद मुख्यमंत्री कई बार इसपर घोषणा भी कर चुके हैं  कि राज्य के युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ाना है.

लेकिन वर्तमान में राज्य की जो स्थिति है, उससे साफ पता चलता है कि यहां के युवा भला कैसे तकनीकी एक्सपर्ट बन सकते हैं. 19 मार्च 2019 को झारखंड सरकार अंतर्गत संचालित झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद की ओर से एक अधिसूचना जारी की गई.

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जिसमें यह जानकारी दी गई कि साल 2019-20 में टेक्निकल कॉलेजों में नामांकन के लिए राज्य के छात्रों को जेईई मेंस परीक्षा पास करनी होगी. पर्षद की ओर से अधिसूचना तब जारी की गई, जब छात्र इन कॉलेजों में नामाकंन फॉर्म भरने की तैयारी में थे.

हालांकि इससे पहले राज्य के टेक्निकल कॉलेजों में झारखंड कंबाइंड परीक्षा पास करके ही छात्रों को नामांकन दिया गया. इस अधिसूचना में पर्षद की ओर से स्पष्ट कहा गया कि पर्षद परीक्षा आयोजित नहीं करेगी.

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अधिसूचना के दो दिन बाद जेईई ने जारी किया एडमिट कार्ड

भला राज्य के छात्र कैसे बनेंगे टेक्निकल एक्सर्पट, यहां तो अंतिम समय में निकाली जाती है अधिसूचनाएं

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पर्षद की ओर से 19 मार्च को अधिसूचना जारी की गई. जबकि ठीक इसके दो दिन बाद 21 मार्च को जेईई ने 7 अप्रैल से जेईई मेंस का एडमिट कार्ड जारी कर दिया. वहीं जनवरी में भी जेईई मेंस की परीक्षा 8 से 12 जनवरी तक हुई थी.

ऐसे में जो छात्र झारखंड कंबाइंड प्रवेश परीक्षा के उम्मीद में थे, उनके हाथ से दो मौका निकल गया. संभवत जो दूसरे राज्य के छात्र जेईई मेंस निकालेंगे, उनका चयन राज्य के टेक्निकल कॉलेजों में हो जाएगा. ऐसे में यहां के छात्र टेक्निकल शिक्षा से वंचित हो सकते है.

जुलाई अगस्त से शुरू होते है सत्र

कई छात्रों से जानकारी मिली कि राज्य के सभी टेक्निकल कॉलेजों में जुलाई के अंत और अगस्त के शुरूआती दिनों से सत्र शुरू हो जाते हैं. ऐसे में मार्च में पर्षद की ओर से अधिसूचना जारी करने से न ही राज्य के छात्र जेईई मेंस के लिए फॉर्म भर सकें और न ही उनका नियमित सत्र में एडमिशन हो पाएगा. राज्य से प्रति साल लगभग 60 से 70 हजार छात्र झारखंड कंबाइंड प्रवेश परीक्षा देते थे.

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ऑनलाइन काउंसेलिंग के माध्यम से होगा चयन

इस अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एनटीए की ओर से आयोजित होने वाली जेईई मेंस परीक्षा में जो छात्र सफल होंगे, तो उनके रैंक के अनुसार ही उनका ऑनलाइन  काउंसेलिंग किया जाएगा. जिसके बाद ही उन्हें कॉलेज आवंटित की जाएगी. ऐसे में छात्रों के बीच संशय है कि अगर ऑनलाइन काउंसेलिंग के माध्यम से छात्रों का चयन कैसे किया जाएगा.

एक साल पहले ही निकालती पर्षद अधिसूचना

टेक्निकल छात्र संघ के अध्यक्ष बादल सिंह ने इस संबध में कहा कि अगर पर्षद को ऐसी कोई अधिसूचना निकालनी थी, तो वो एक साल पहले निकालती. एकाएक ऐसी अधिसूचना निकलने से राज्य के कई छात्र टेक्निकल कॉलेजों में एडमिशन लेने से वंचित रह जाएंगे. जबकि राज्य में संसाधनों की कमी है. ऐसे में झारखंड कंबाइंड प्रवेश परीक्षा से छात्र आसानी से एडमिशन लेते थे.

ना तो पर्षद और ना ही अधिकारियों ने दिया सही जवाब

इस संबध में झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद के अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की गई. लेकिन उप परीक्षा नियंत्रक रंजीता हेंब्रम ने कहा कि सरकार के नियमों का पालन हो रहा है. कुछ नहीं कह सकते. वहीं तकनीकी शिक्षा निदेशालय के वरीय अधिकारियों ने कहा पॉलिसी  है. जवाब नहीं दे सकते.

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