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आखिर कैसे पढ़ें बच्चे, शिक्षा मंत्री ने कहा था 6 मई तक दे देंगे किताब, मगर विभाग के अधिकारी सुस्त

Ranchi : राज्य के सरकारी स्कूलों के क्लास एक से 10वीं तक के लगभग 45 लाख से अधिक स्टूडेंट्स की किताबें ब्लॉक स्तर तक पहुंचे दो महीने से अधिक हो चुके हैं. स्टूडेंट्स को किताबें मिले इसके लिए आदेश भी जारी किया गया. इसके बाद भी बच्चों के हाथों तक किताबें नहीं पहुंच पायी हैं. विभाग की ओर से बच्चों की पढ़ाई को लेकर अब तक कागजों पर ही प्लानिंग बन रही है.

29 अप्रैल को शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने न्यूज विंग से बात करते हुए कहा था कि ब्लॉक में जो किताबें पहुंच चुकी हैं, उन्हें किसी भी हाल में 6 मई तक बच्चों को उपलब्ध करा दी जाये. शिक्षा मंत्री के आदेश के रूप में मिले डेटलाइन को खत्म हुए चार दिन हो गये हैं. लेकिन अब तक किताबें बच्चों को नहीं मिली हैं.

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अपरिहार्य कारण से नहीं दी जा रही किताबें

बच्चों को किताब मिले इसके लिए झारखंड शिक्षा परियोजना की ओर से पहला आदेश मार्च महीने में निकाला गया था. तब अप्रैल माह तक किताबें बच्चों को उपलब्ध करा देने की बात कही गयी थी. तब तक किताबें प्रखंड मुख्यालयों में पहुंचा दी गयी थी.

इसी बीच लॉकडाउन हो जाने से किताबें बांटने का काम रूक गया. इसके बाद फिर 21 अप्रैल को आदेश जारी हुआ. उस आदेश में स्पष्ट रूप से लिखा हुआ था कि एमडीएम अंतर्गत चावल व राशि वितरण के अनुरूप ही बच्चों को किताबें उपलब्ध करायी जायें.

ऐसा करने के पीछे तर्क था, लॉकडाउन की अवधि में बच्चों की पढ़ाई न रूके इसलिए किताबें दी जायें. इस आदेश के ठीक तीसरे दिन 24 अप्रैल को एक अन्य आदेश जारी कर पुस्तक वितरण का काम अगले आदेश के लिए रोक दिया गया.

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किताबों के लिए करना होगा इंतजार

बच्चों को किताबें कब मिलेंगी इस संबंध में पूछे जाने पर रांची जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथलेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ब्लॉक तक किताबें पहुंचा दी गयी हैं. लेकिन वितरण को लेकर विभागीय आदेश का इंतजार किया जा रहा है.

गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई के कोरम को पूरा करने के लिए व्हाट्स एप क्लासेस चलाया जा रहा है. लेकिन यह भी अच्छी तरह नहीं चल पा रहा है. शिक्षकों का कहना है कि कार्यदिवस का आधा दिन पीडीएस दुकानों में की गयी प्रतिनियुक्ति की ड्यूटी पूरा करने में बीत जा रही है. ऐसे में क्लासेस लेना कई बार संभव नहीं हो पाता है.

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