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85 गांवों के 3,786 घरों में 60 दिनों में कैसे पहुंचेगी बिजली

ज्रेडा ने सौभाग्य योजना के तहत अब तक निविदा को नहीं किया फाइनल

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Ranchi: झारखंड के 85 गांवों के 3,786 घरों में 60 दिनों में बिजली पहुंचाने का काम अब संभव प्रतीत नहीं हो रहा है. केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव एमके वर्मा ने झारखंड के अफसरों को ग्रामीण विद्युतीकरण कार्य को 30 नवंबर तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया है. उन्होंने ऊर्जा सचिव नितिन कुलकर्णी, बिजली वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार समेत अन्य अधिकारियों से कहा है कि वे यह सुनिश्चिति करें कि गढ़वा, पलामू, लातेहार, सिमडेगा, चतरा जिले में ग्रामीण विद्युतीकरण का काम तेज करें. वैसे गांवों में जहां बिजली नहीं है, वहां पोल, बिजली के तार, ट्रांसफारमर और अन्य सुविधाएं बहाल करनी थीं. वहीं दुरुह गांवों में झारखंड रिनिवेबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (ज्रेडा) के जरिये बिजली पहुंचाने का निर्देश दिया गया था.

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ज्रेडा भी सौभाग्य योजना में नहीं दे पा रही है कार्यादेश

इधर झारखंड गैर परंपरागत ऊर्जा विकास एजेंसी (ज्रेडा) की तरफ से नौ जिलों के 85 गांवों में सौभाग्य योजना के तहत बिजली पहुंचाने की कवायद को अब तक अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है. ज्रेडा की तरफ से दो बार निविदा निकाली जा चुकी है. अबकी बार कानपुर की मदनानी इंजीनियरिंग वर्क्स लिमिटेड, रांची की एसजी इंटरप्राइजेज लिमिटेड और बोकारो की सैमसोनाइट कंपनी का चयन तकनीकी आधार पर किया गया है. ज्रेडा के निदेशक निरंजन कुमार के नहीं रहने से निविदा में चयनित कंपनियों की वित्तीय बोली नहीं खोली जा रही है. इससे केंद्र द्वारा दिया गया समय तो बरबाद हो रहा है. पहली बार निकाली गयी निविदा में 14 कंपनियों ने आवेदन दिया था. कंपनियों के पास नेशनल एक्रीडीटेड लैब (एनएबीएल) की टेस्ट रिपोर्ट नहीं रहने की वजह से निविदा रद्द कर दी गयी. दूसरी बार फिर अगस्त माह में टेंडर निकाला गया. 14 सितंबर तक कंपनियों से आवेदन मांगे गये थे. उसके 15 दिनों के बाद भी अब तक इस पर निर्णय नहीं लिया जा सका है.

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क्या-क्या होना है ज्रेडा की निविदा के अंतर्गत

ज्रेडा की सौभाग्य योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण घरों में 220 वाट तक बिजली पहुंचानी है. इसके लिए बैटरी बैक अप, पांच एलइडी बल्ब का कनेक्शन, 20 वाट क्षमता के एक पंखे का कनेक्शन, 25 वाट क्षमता का टीवी कनेक्शन दिया जाना जरूरी है. लिथियम बैटरी की क्षमता स्टैंडर्ड पैकेज के तहत 12.6 वोल्ट का होना अनिवार्य है. इनमें चतरा जिले के 2044 घरों, हजारीबाग, लातेहार, गुमला और सिमडेगा में 325 घरों, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला के 1108 घरों, पाकुड़ के 205 और साहेबगंज जिले के 50 घरों तक बिजली पहुंचाना शामिल है.

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