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कैसे बचेगी जिंदगी ? रिम्स में नहीं जीवन रक्षक दवाईयां

दवाखाना में सिर्फ 22 तरह की ही दवाईयां मौजूद

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Chandan Chaudhary

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Ranchi : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में जिंदगी बचे तो कैसे बचे. जहां जीवन रक्षक दवाईयां ही नहीं हैं.  न्यूज विंग ने अपनी पड़ताल में पाया कि रिम्स केऔषधि केंद्र में मात्र 22 तरह की ही दवाईयां हैं. रिम्स के निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव ने भी माना है कि 300 दवाओं के लिये ऑर्डर दिया गया है. फिलहाल इसकी खरीद प्रक्रिया चल रही है. मरीज के परिजन बाहर से दवाईयां खरीद रहे हैं. कभी-कभी तो आयरन और कैल्शियम की गोली भी औषधि केंद्र से खत्म हो जाती है.

22 प्रकार की दवाईयों की सूची में सिर्फ 20 प्रतिशत उपलब्ध

औषधि वितरण केंद्र के कर्मचारियों ने बताया कि दवाईयां खत्म होने पर अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी जाती है. इसके बाद दो से तीन दिन में दवाईयां उपलब्ध कराई जाती है. औषधि केंद्र में सिर्फ 22 तरह की दवाईयों की सूची चिपकाई हुई है. लेकिन दवाखाना में मात्र 20 फिसदी ही दवाईयां उपलब्ध है. रिम्स के चिकित्सक भी मरीजों को यह बताना जरूरी नहीं समझते की रिम्स के औषधि केंद्र में नि:शुल्क दवाईयां दी जाती है.

कैसे होता है खेल

रिम्स में भर्ती मरीजों का इलाज के बाद जूनियर डॉक्टर उन्हें पर्ची में दवाईयों के नाम लिखकर दे देते हैं. यदि किसी मरीज ने कह दिया कि वह गरीब है और दवाईयों के पैसे नहीं दे सकता तो डॉक्टर पर्ची में नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराने का जिक्र कर देते हैं. यदि किसी मरीज को यह जानकारी नहीं है कि रिम्स में नि:शुल्क दवा मिलती है तो उन्हें पर्ची देकर बाहर से दवा लाने को कह दिया जाता है. दवाईयों के अलावा सर्जिकल आईटम भी बाहर की दुकानों से मरीजों को खरीदना पड़ता है.

नि:शुल्क दवाईयां व सर्जिकल आईटम उपलब्ध कराने का स्वास्थ्य मंत्री ने दिया है निर्देश

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अभी हाल में एक बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने यह आदेश जारी किया था कि रिम्स में भर्ती किसी भी मरीज को बाहर से ना तो दवा और ना ही सर्जिकल आईटम खरीदने की आवश्यकता पड़ेगी. लेकिन स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश का भी रिम्स प्रबंधन पर कोई असर नहीं पड़ा. रामचंद्र चंद्रवंशी ने अपने बयान में कहा था कि दवा व सर्जिकल सामान उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी स्टोर की होगी. यदि किसी मरीज को बाहर से दवा लेने के लिए पर्ची दी जाती है तो संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी.

2541533 एवं 2452700 पर कॉल कर बाहर से दवा खरीदने की दे सकते हैं सूचना

यदि किसी चिकित्सक द्वारा पर्ची देकर बाहर से मेडिसिन लाने को कहा जाता है तो इसकी जानकारी फोन नंबर 2541533 एवं 2452700 पर दी जा सकती है. जानकारी देने वाले की सूचना की गोपनीय रखी जाती है. सूचना के आधार पर संबंधित चिकित्सक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी.

क्या कहते हैं निदेशक

रिम्स के निदेशक आरके श्रीवास्तव ने बताया कि भंडारण इंचार्ज ने बताया कि जिस प्रकार से जेनरिक स्टोर पर 300 प्रकार की दवाईयां उपलब्ध रहती है. उसी प्रकार से रिम्स के औषधी वितरण केंद्र में भी 300 दवाईयों को उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है. भंडार इंचार्ज इसकी प्रक्रिया में लगे है. एक-दो दिन में दवाईयां उपलब्ध करा दी जायेगी.

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