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#Corona से कैसे लड़ेंगे बेलगड़िया के लोग, खत्म हो रहा राशन, टाउनशिप में नहीं एक भी अस्पताल

Ranjit Kumar Singh

Dhanbad: 21 दिनों के लॉकडाउन के कारण उन लोगों के समक्ष विकट स्थिति उत्पन्न हो गयी है जो रोज कमाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. हम बात कर रहे हैं झरिया विधानसभा के अग्नि प्रभावित क्षेत्रों से पुनर्वासित किये गये लोगों की. इन लोगों को झरिया के अग्नि और भू धंसान प्रभावित क्षेत्रों से हटाकर सिंदरी विधानसभा के बेलगड़िया टाउनशिप में बसाया गया है.

इस टाउनशिप में 2300 क्वार्टर हैं, जिसमें लगभग 15 से 20 हजार लोग रहते हैं. यहां बसाये गये लोगों को सरकार और जिला प्रशासन ने कई सपने दिखाये थे. लेकिन ये सपने आज तक पूरे नहीं हुए. ऊपर से 21 दिनों के लॉकडाउन ने इनपर मुसीबतों का पहाड़ खड़ा कर दिया है.

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इस टाउनशिप में रहने वाले रोज कमाने-खाने वाले हैं. ये लोग यहां से धनबाद और झरिया जाकर मजदूरी का काम करते हैं. लेकिन लॉकडाउन के कारण ये लोग घरों से भी नहीं निकल पा रहे हैं. अब इनके सामने भोजन को लेकर भी संकट उत्पन्न होने लगे हैं. बेलगड़िया टाउनशिप के लोगों ने बताया कि अब उनके घरों में राशन कुछ ही दिनों का बचा हुआ है. अगर जल्द ही कोई व्यवस्था नहीं की गयी तो उनके समक्ष भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जायेगी.

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नेता आते हैं और सपने दिखाकर चले जाते हैं

बेलगड़िया के लोगों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने हम जैसे लोगों के लिए बजट पास तो कर दिया है लेकिन हमलोगों को किसी प्रकार की सुविधा प्राप्त नहीं हो पा रही है.

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उन्होंने कहा कि 15 से 20 हजार की आबादी वाले बेलगड़िया टाउनशिप पर न तो सांसद की नजर है न विधायक की. ये सभी प्रतिनिधि सिर्फ चुनाव के वक्त वोट मांगने आते हैं और जनता को विकास के सपने दिखाकर चले जाते हैं.

टाउनशिप में नहीं है एक भी अस्पताल

यहां के लोगों की मानें तो कोरोना वायरस के कारण खाने-पीने की दिक्कत तो हो ही रही है, साथ ही साथ भयानक बीमारी का भी हमेशा डर लगा रहता है. इतने बड़े टाउनशिप में एक भी अस्पताल नहीं है. ऐसे में यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर यहां एक भी संक्रमण का मामला पहुंचा तो कैसी स्थिति उत्पन्न होगी.

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लगा है गंदगी का अंबार, नहीं मिला सेनेटाइजर और मास्क

यहां के लोगों ने बताया कि हमें घरों में रहने के लिए कहा जाता है. मास्क और सेनेटाइजर का उपयोग करने की सलाह दी जाती है. लेकिन हम लोगों के पास न तो सेनेटाइजर है और न ही मास्क.

घरों के आस-पास गंदगी का ढेर लगा है. यहां साफ सफाई भी नहीं करायी जाती है. नालियां सड़क पर बह रही हैं लेकिन कोई इसकी सुध तक लेने वाला नहीं.

यहां संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है क्योंकि यहां पहले से ही गंदगी का अंबार लगा हुआ है. नालियों की सफाई करने के लिए कोई सफाई कर्मी नहीं आता है. इस क्षेत्र में आज तक नालियों की साफ-सफाई भी नहीं करायी गयी है. इस वायरस के दहशत के वक्त भी जिला प्रशासन और नेताओं ने बेलगड़िया के लोगों को मौत के कगार पर छोड़ दिया है.

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