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कब तक उधार बिजली उपलब्ध करायेगा डीवीसी : चैंबर

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Ranchi : डीवीसी कमांड एरिया में व्याप्त बिजली संकट के मुद्दे पर चैंबर ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक सरकार विद्युत वितरण की जिम्मेदारी प्रोफेशनल्स के हाथों में नहीं देगी, तब तक बिजली की समस्या बनी रहेगी. चैंबर की एनर्जी पॉलिसी उप समिति के चेयरमैन विनोद तुलस्यान ने कहा कि आखिर डीवीसी कब तक झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को उधार बिजली उपलब्ध करायेगा. आखिर उन्हें भी बिजली खरीदने के लिए पर्याप्त राशि चाहिए होगी. यह दुर्भाग्य है कि हमारे पास बिजली देनेवाले तैयार हैं, लेकिन हम बिजली लेने की स्थिति में नहीं हैं. इसका मुख्य कारण बिजली की चोरी, उपभोक्ताओं के बिजली बिल की वसूली में अनियमितता और सरकारी महकमों का भारी बकाया है. इससे निपटने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, अन्यथा जनता इसी प्रकार विद्युत के लिए त्रस्त रहेगी और राज्य का विकास भी अवरुद्ध होगा.

डीवीसी और जेबीवीएनल के आंतरिक विवाद के कारण उपभोक्ता हो रहे प्रताड़ित

चैंबर अध्यक्ष दीपक कुमार मारू ने कहा कि डीवीसी और जेबीवीएनल के आंतरिक विवाद के कारण आम उपभोक्ता प्रताड़ित हो रहे हैं, जो न्यायसंगत नहीं है. आपसी विवाद के कारण डीवीसी का पिछले चार वर्षों में 3500 करोड़ रुपये से अधिक बकाये का खामियाजा डीवीसी के कमांड एरिया के समस्त सात जिलों के उद्योग, व्यवसाय एवं आम उपभोक्ता को लगातार भुगतना पड़ रहा है. विभाग के इस आपसी विवाद से आम उपभोक्ताओं को कोई लेना-देना नहीं है. बिजली के अभाव में उद्योग-धंधे बुरी तरह प्रभावित हैं. चैंबर के पास नियमित रूप से उस जिले के उद्यमियों की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं. उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली मिले, इसकी उपलब्धता सरकार को सुनिश्चित करनी चाहिए. राज्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु बिजली का प्राइवेटाइजेशन ही एकमात्र विकल्प है और सरकार को शीघ्र इस पर विचार करना चाहिए.

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