न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सरकार का दावा 2019 से 24 घंटे बिजली, पर कहां से आयेगी बिजली, पावर प्लांट बनने में लगेगा दो से तीन साल

2019 में 5696 मेगावॉट बिजली की जरूरत, वर्तमान में पांचों लाइसेंसी कुल 3255 मेगावाट ही बिजली की कर रहे आपूर्ति

91

Ranchi: राज्य सरकार 2019 से पूरे प्रदेश में 24 घंटे बिजली देने का दावा कर रही है. हर जिले का पूर्ण विद्युतीकरण किया जा रहा है. पर सवाल यह खड़ा होता है कि सभी घरों को रौशन करने के लिए बिजली कहां से आयेगी. इसका स्पष्ट जवाब सरकार के पास भी नहीं है. पतरातू पावर प्लांट बनने में दो से तीन साल का समय लगेगा. वहीं टीवीएनएल के विस्तारीकरण की भी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. राजधानी में भी अब तक जीरो कट पावर नहीं हो पाया है.

इसे भी पढ़ेंः11 लाख को पानी पिलाने की योजना ठंडे बस्ते में,1100 करोड़ की…

14 हजार करोड़ का एक्शन प्लान भी पूरा नहीं

प्रदेशभर में पॉवर फॉर ऑल (सभी को बिजली) के लिए 14 हजार करोड़ रुपये का एक्शन प्लान बना. इस एक्शन प्लान को 2019 तक पूरा किया जाना चुनौती बन गया है. कई औद्योगिक घराने एमओयू भी कर चुके हैं. ऐसे में उद्योगों को बिजली देना भी चुनौती बन गयी है. जबकि एक्शन प्लान में बढ़ती आबादी और औद्योगिक विस्तार पर फोकस किया गया है. वहीं राज्य के सिर्फ एक प्लांट टीवीएनएल से ही बिजली का उत्पादन हो रहा है. शेष बिजली निजी पावर कंपनी और सेंट्रल पुल से ली जा रही है. प्लान के मुताबिक ट्रांसमिशन लाइन में 9000 करोड़ और वितरण व्यवस्था में 5000 करोड़ खर्च किया जाना है.

इसे भी पढ़ेंःकठिन डगर है गैर सेवा से आईएएस में प्रमोशन, थ्री लेयर पर आंका जाता…

2019 में 5696 मेगावाट बिजली की जरूरत

एक्शन प्लान के मुताबिक 2019 में 5696 मेगावॉट बिजली की जरूरत होगी. जबकि वर्तमान में पांचों लाइसेंसी मिलकर 3255 मेगावाट ही बिजली की आपूर्ति कर रहे हैं. डीवीसी के कमांड एरिया में अपना नेटवर्क की भी बात कही गयी है. कमांड एरिया में चतरा, गिरिडीह, कोडरमा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और हजारीबाग आता है. फिलहाल इन जिलों में डीवीसी बिजली की आपूर्ति कर रहा है. जो मांग से 18.5 फीसदी कम ही है.

कौन कंपनी कितनी करती है बिजली आपूर्ति

कंपनी का नाम                   मेगावाट

डीवीसी                                                  946

जूस्को                                                    43

टाटास्टील                                               435

सेल बोकारो                                             21

बिजली वितरण निगम                                1900 से 2000

झारखंड में कैसे बनेगा पावर हब, हकीकत कोसों दूर

सरकार ने कई मौकों पर झारखंड को पावर हब बनाने की घोषणा की. लेकिन हकीकत अब भी कोसों दूर है. राज्य में तीन अल्ट्रामेगावाट पावर प्लांट के निर्माण में अब तक पेंच फंसा हुआ है. दो साल से एक ईंच भी गाड़ी आगे नहीं बढ़ी है. रिलायंस के पीछे हटने के बाद तिलैया अल्ट्रा मेगा पावर प्वांट की स्थिति वहीं की वहीं है. टीवीएनल के विस्तारीकरण को कैबिनेट से स्वीकृति लगभग डेढ़ साल पहले मिली. काम एक ईंच भी आगे नहीं बढ़ा. देवघर अल्ट्रा मेगावाट पावर प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहण ही नहीं हुआ. इन तीनों पावर प्लांट में लगभग 56 हजार करोड़ रुपये निवेश किया जाना है. फिलहाल पतरातू प्लांट का शिलान्यास किया गया है. इसे भी बनने में 36 से 42 माह का समय लगेगा.

क्या है तिलैया अल्ट्रा मेगावाट की स्थिति

रिलायंस के पीछे हटने के बाद राज्य सरकार ने ऊर्जा मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा. पहले विकल्प के रूप में कहा गया कि फिर से रिबिडिंग (पुन: टेंडर) किया जाये. दूसरे प्रस्ताव के रूप में कहा गया कि प्लग एंड प्ले मोड (वर्तमान प्रक्रिया को बंद कर नयी प्रक्रिया के तहत किसी को दिया जाये) में प्रक्रिया शुरू की जाये. पर स्थिति जस की तस है.

देवघर अल्ट्रा मेगावाट पावर प्लांट की क्या है स्थिति

इस पावर प्लांट के लिए गोसाई पहाड़ी कोल ब्लॉक का आवंटन किया गया. 2432 एकड़ जमीन चिन्हित की गयी. इसमें 1732 एकड़ निजी, 300 एकड़ सरकारी और 400 एकड़ वन भूमि थी. प्लांट के शेयर होल्डिंग की जिम्मेवारी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन को दी गयी थी. यह 4000 मेगावाट का पावर प्लांट होगा. स्थिति जस की तस बनी हुई है.

तेनुघाट पावर प्लांट की क्या है स्थिति

तेनुघाट पावर प्लांट के विस्तारीकरण को लगभग डेढ़ साल पहले कैबिनेट से स्वीकृति मिली. अब तक काम आगे नहीं बढ़ा. विस्तारीकरण के तहत 660-660 मेगावाट की दो यूनिटें लगायी जानी थी. प्लांट के लिए राजबार कोल ब्लॉक आबंटित भी किया गया. इसका माइनिंग प्लन भी कोल मंत्रालय को भेजा गया. डेढ़ साल से स्थिति जस की तस है.

किस पावर प्लांट में कितना होता निवेश

  • तिलैया अल्ट्रा मेगा पावर प्लांट : 4000 मेगावाट: 24 हजार करोड़ रुपये.
  • देवघर अल्ट्रा मेगा पावर प्लांट : 4000 मेगावाट: 24 हजार करोड़ रुपये.
  • टीवीएनएल : 1320 मेगावाट : 7920 करोड़

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: