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6 लाख से अधिक किसानों का नहीं मिल रहा आधार, आखिर कर्ज कैसे माफ करे सरकार!

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  • बैंकों को कर्जधारियों का नहीं मिल रहा आधार नंबर, बढ़ी मुसीबत
  • 18 लाख कर्जधारियों में से करीब 35 प्रतिशत किसानों का आधार नंबर बैंक के पास नहीं

Anuj Tiwari

Ranchi: झारखंड सरकार का सबसे बड़ा एजेंडा राज्य के करीब 18 लाख किसानों की कर्जमाफी को लेकर है. लेकिन अभी तक सरकार कर्ज माफी को लेकर सिर्फ घोषणाएं ही कर रही है. लॉकडाउन में कर्ज माफी को लेकर कई कार्य बाधित हुए, लेकिन अनलॉक के बाद बैठकों का दौर एक बार फिर शुरू हुआ. लेकिन अभी भी किसानों की कर्ज माफी के रास्ते में कई रोड़े हैं.

सरकार ने कर्जधारी किसानों की सूची बैंक से मांगी थी. लेकिन बैंकों के सामने अब दुविधा उत्पन्न हो चुकी है. लाखों किसानों का आधार कार्ड या नंबर नहीं होने से उनकी सूची नहीं बन पा रही है. कुल 18 लाख कर्जधारियों में से करीब 35 प्रतिशत किसानों का आधार नंबर बैंक के पास नहीं है. जबकि दूसरी ओर कृषि विभाग का कहना है कि बैंक किसानों की सूची उपलब्ध कराने में देर कर रहा है.

सबसे अधिक कृषि लोन देने वालों में से बैंक ऑफ इंडिया, सहकारिता बैंक, पीएनबी, एसबीआइ, ग्रामीण बैंक सहित अन्य बैंक शामिल हैं. सरकारी बैंकों की बात की जाये तो सहकारिता बैंक में ही 30 प्रतिशत ऐसे मामले हैं जिसमें किसानों का आधार नंबर बैंक के पास नहीं है.

बैंक अधिकारियों के अनुसार अब ऐसे किसानों का पहले आधार कार्ड बनवाने की दिशा में काम चलाया जा रहा है.

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बिना आधार नंबर के ही दे दिया गया लोन

किसानों को बिना आधार नंबर के ही लोन दे दिया गया. खासकर के दस वर्ष पहले जो लोन बांटे गये, उस वक्त आधार कार्ड की कोई बात नहीं थी. किसानों का केवाइसी नहीं करवाया गया, जिसके बाद मामला अब जाकर फंसता दिख रहा है.

बैंक के सामने समस्या यह है कि वे आखिर बिना आधार नंबर के कैसे ऐसे किसानों का कर्ज माफ करें, जबकि कर्जमाफी में आधार नंबर की आवश्यकता है. इस कारण किसानों की सूची बनाने में भी दिक्कत आ रही है.

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सहकारिता बैंक ने अकेले 38 करोड़ का लोन दिया है किसानों को

सहकारिता बैंक की ओर से 38 करोड़ का लोन दिया गया है, जिसकी अगर माफी होती है तो बैंक का डूबता पैसा उन्हें वापस मिल सकता है. सरकार की ओर से माफी की घोषणा होने के बाद अधिकतर कर्जधारी किसानों ने किस्त भी जमा करना बंद कर दिया है.

हालांकि जो स्थिति है उसके बाद यह आंकलन किया जा रहा है कि कर्जमाफी अब अगले वर्ष ही संभव हो सकती है. इसमें भी पहले 25 हजार वाले कर्जधारियों का कर्ज माफ करने की पहल की जा चुकी है.

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