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ठंड में सिल्‍क पार्क एक्‍सपो में बाजार गर्म, सिल्‍क उत्‍पादों की खूब हो रही खरीदारी

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Ranchi: सिल्क पार्क एक्सपो की ओर से लगे सिल्क एग्जीबिशन में महिलाओं की भीड़ देखी जा रही है. पांच दिवसीय एग्जीबिशन में देश भर से स्टॉल लगाये गये हैं. जिसमें भागलपुर, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, कश्मीरी, छत्तीसगढ़ी जैसे राज्यों के सिल्क उत्पाद लगे हैं. एक्सपो के सूरज सिद्दकी ने जानकारी दी कि एग्जीबिशन में कुल 21 स्टॉल लगाये गये हैं, जो लोगों को काफी पंसद आ रहा है. बारीक हाथों की कारीगरी इन हैंडलुम्स में देखे जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनका समूह साल भर देश के विभिन्न भागों में एक्सपो आयोजित करता है. जहां देश भर के सिल्क उत्पाद मिलते हैं. यहां न सिर्फ साड़ी और सूट बल्कि टेराकोटा ज्वेलरी भी लोगों को मिल रहा है. एग्जीबिशन का आयोजन चैम्बर भवन में किया गया है.

मधुबनी आर्ट की साड़ियां

भागलपुर से आये गुड्डु कुमार ने जानकारी दी कि उनके स्टॉल में सिल्क फैब्रिक में मधुबनी आर्ट की गयी है. जो देखने में काफी आकर्षक हैं. मधुबनी आर्ट पूरी साड़ी में की गयी है. जिसकी कीमत 8000 रुपये है. बनारसी साड़ी जिसमें महीन बारीक वर्क जरी और धागों से की गयी है, एग्जीबिशन में अधिक मिल रही है. इनकी कीमत 20,000 रुपये है.

पश्मीना साड़ी और कश्मीरी कोट

ठंड को ध्यान में रखते हुए यहां जम्मू-कश्मीर की पश्मीना साड़ी भी मिल रही है. जो दिखने में काफी हल्की और पहनने से गर्मी बनाये रखने वाली है. इसके साथ ही पश्मीना स्टॉल, कश्मीरी कोट, वुलेन कोट भी मिल रहे हैं. जिनकी कीमत तीन हजार से शुरू होती है.

सालों भर लगाते है स्टॉल

एक्सपो के अब्दूल गनी ने जानकारी दी कि उनका समूह सालों भर देश के विभिन्न भागों में स्टॉल लगाता है. पिछले पांच साल से उनका समूह यही कार्य कर रहा है. जिससे न सिर्फ हैंडलुम वर्कर्स की कमाई बल्कि लोगों को भी नया देखने को मिलता है. उन्होंने बताया कि सितंबर से मार्च तक का समय सिल्क बाजार का होता है. इस दौरान अधिक संख्या में लोग सिल्क उत्पादों की खरीदारी करते हैं. वहीं मार्च से अगस्त तक सिल्क का बाजार मंद रहता है. ऐसे में सितंबर से मार्च तक अलग-अलग राज्यों में एक्सपो लगाये जाते हैं. इन्होंने बताया कि दिल्ली, मुंबई, केरल जैसे राज्यों में सिल्क के प्रति लोगों का रूझान अधिक है.

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