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देवघर में ICU Bed के लिए 11 हजार से अधिक नहीं ले सकेंगे अस्पताल, जिला प्रशासन ने जारी की चेतावनी

Deoghar : देवघर जिला प्रशासन ने कोरोना संकट के बीच अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाने की पहल की है. राज्य सरकार द्वारा अस्पतालों के लिए कोरोना जांच के लिए रेट तय किये गये हैं. इसी आधार पर प्रशासन ने भी पहल की है.

डीसी मंजूनाथ भजंत्री के मुताबिक जिले में कोरोना संक्रमण का खतरा लगातार बना हुआ है. ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में एडमिट होने की भी नौबत आ रही. पर कई अस्पतालों में सरकार द्वारा तय दर से अधिक पैसे लिये जा रहे हैं.

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आम लोगों से अस्पताल प्रबंधन द्वारा अधिक पैसे की मांग की जा रही है. नागरिक 24×7 टॉल फ्री नंबर 104 पर कॉल करके सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

इसके बाद संबंधित अस्पताल संचालक पर आपदा अधिनियम सहित अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जायेगा. आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी.

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ये है अस्पतालों में दर

डीसी के मुताबिक देवघर जिला अंतर्गत एनएबीएच और नॉन एनबीएच कैटेगरी में अस्पतालों का विभाजन किया गया है. एनबीएच श्रेणी के अस्पतालों द्वारा ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड का शुल्क 7,000 रुपये, बिना वेंटीलेटर के आइसीयू सपोर्टेड बेड का शुल्क 8,500 रुपये एवं वेंटीलेटर युक्त आइसीयू सपोर्टेड बेड का शुल्क 11,000 रुपये निर्धारित किया गया है.

साथ ही नॉन एनएबीएच श्रेणी के अस्पतालों के लिए ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड का शुल्क 6,500 रुपये, बिना वेंटीलेटर के आइसीयू सपोर्टेड बेड का शुल्क 8,000 रुपये एवं वेंटीलेटर युक्त आइसीयू सपोर्टेड बेड का शुल्क 10,500 रुपये निर्धारित किया गया है. अगर अस्पताल इससे ज्यादा राशि लेंगे तो लीगल एक्शन लिया जायेगा.

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