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स्वामी अग्निवेश की पिटाई पर सदन में हंगामा, सीपी सिंह ने बताया विदेशी दलाल-कार्यवाही बाधित

सदन की कार्यवाही 12:45 बजे तक के लिए स्थगित

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Ranchi: झारखंड विधानसभा के तीसरे दिन भी सदन की तस्वीर बदलती नहीं दिख रही. बुधवार को सदन की कार्यवाही हंगामें की भेंट चढ़ती नजर आ रही है. सुबह सदन की कार्यवाही शुरु हुए मात्र 12 मिनट ही हुए थे कि पाकुड़ में स्वामी अग्निवेश की पिटाई के मामले को लेकर विपक्ष हंगामा करने लगे. हंगामा शुरू होते देख सत्ता पक्ष के विधायक और नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने मोर्चा संभाला और साफ तौर से कहा कि अग्निवेश एक विदेशी दलाल है और फ्रॉड है. सीपी सिंह के इस बयान पर सदन में हंगामा और तेज होने लगा.

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स्वामी अग्निवेश विदेशी दलाल- सीपी सिंह

स्वामी अग्निवेश की पिटाई मामले को लेकर विरोध जता रहे विपक्ष के विधायक उस वक्त और भड़क गये जब मंत्री सीपी सिंह ने उन्हें विदेशी दलाल बताया. इसके बाद नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार के इशारे पर ऐसी घटना हुई है. पाकुड़ में भाजपा युवा मोर्चा के सदस्यों ने स्वामी अग्निवेश की पिटाई की, और सरकार को इसकी जानकारी पहले से थी.

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सरकार ने दिए जांच के आदेश-नीलकंठ

सदन में हंगामा होता देख विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने सभी विधायकों को शांत रहने को कहा. उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बची रहे इसका ख्याल रखें. साथ ही संसदीय कार्य मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा को मामले पर अपनी बात रखने को कहा. संसदीय कार्य मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए. मुख्यमंत्री को जैसे ही घटना की जानकारी हुई उन्होंने कमिश्नर और डीआईजी को मामले की जांच करने का काम सौंपा है. जांच रिपोर्ट आएगी किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, सभी पर कार्यवाही होगी.

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हेमंत सोरेन का पलटवार

सदन में हेमंत सोरेन ने नीलकंठ सिंह मुंडा की बातों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने क्या खाक संज्ञान लिया है. पकड़े गए आरोपियों को छोड़ दिया गया. नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाये कि आखिर किसके टेलीफोन जाने के बाद आरोपियों को छोड़ा गया. इसकी जांच होनी चाहिए. हेमंत के इन बातों के बाद सदन में हंगामा होने लगा प्रदीप यादव ने आरोपियों को छोड़ने की बात को लेकर अपनी आवाज बुलंद की. इसपर संसदीय कार्य मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा खूंटी के बलात्कारियों पर विपक्ष कुछ भी नहीं कहता और अग्निवेश जैसे लोगों की पिटाई पर सदन को नहीं चलने देते.

हंगामें की भेंट चढ़ी कार्यवाही

इस बात पर सदन में फिर से हंगामा शुरु हो गया. जिसके बाद स्पीकर ने कहा कि सदन को कैसे चलने दिया जाना चाहिए इस पर विचार होना चाहिए. आसन का प्रयास हर बार नाकाम होता दिख रहा है. वही विपक्ष की तरफ से सरकार के खिलाफ हाय-हाय के नारे लगने लगे. वही सत्ता पक्ष की तरफ से सीपी सिंह ने साफ कहा कि बलात्कारियों के दलाल हाय-हाय. हंगामा होता देख विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने 11:16 पर सदन की कार्यवाही को 12:45 तक के लिए स्थगित कर दिया.

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