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सदस्यों का मानदेय 10 हजार रुपये करें, तभी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए खरीदें वाहन

जिला परिषद की मासिक बैठक में सदस्यों ने किया हंगामा

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  • सातवें वेतन के प्रस्ताव को भी सदस्यों ने किया खारिज 

Ranchi: कई महीनों बाद हुई रांची जिला परिषद बोर्ड की मासिक बैठक में जमकर हंगामा हुआ. इस बार यह हंगामा जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए खरीदे जाने वाले नये वाहनों को लेकर हुआ. वाहन खरीदने के निर्णय पर जिला परिषद सदस्यों ने न केवल हंगामा किया बल्कि इस प्रस्ताव को ही सिरे से खारिज कर दिया. बैठक में यह प्रस्ताव आया था कि जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष अपने कामों के निरीक्षण के लिए हमेशा क्षेत्र भ्रमण करते हैं. लेकिन सरकार द्वारा इन्हें किसी प्रकार के वाहन नहीं उपलब्ध कराने पर काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस पर परिषद के सदस्यों ने कहा कि उन्हें भी तो वर्तमान में केवल 1500 रूपये मानदेह मिलता है. यह मानदेह एक मजदूर और कुली से भी काफी कम है. ऐसे में जरूरी है कि पहले उनका वेतन 10,000 रूपये किया जाये, तभी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के लिए वाहन खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी जायेगी.

7.50 लाख रुपये तक की थी अनुमति 

मालूम हो कि विभाग ने जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को 7.50 लाख रुपये तक के वाहन खरीदने की अनुमति दी थी. लेकिन परिषद के सदस्यों ने ही इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया. बैठक में अध्यक्ष सुकरा मुंडा, उपाध्यक्ष पार्वती देवी, डीडीसी सह जिला परिषद सचिव दिव्यांशु झा, अनिल टाइगर, मनोज लकड़ा, गौतम साहु, अमर उरांव, रामेश्वर नाथ शाहदेव, बंदे हेरेंज, रतिया गौंझू, रंथा महली, सीमा कुजूर, मीना उरांव, सरिता देवी, मीना देवी आदि उपस्थित थे.

सातवें वेतन का प्रस्ताव भी हुआ खारिज 

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बैठक में जिला परिषद के कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों के समान सातवां वेतन देने का प्रस्ताव आया. इस पर भी सदस्यों ने सवाल खड़ा किया. उपस्थित सदस्यों ने कहा कि जब हम अपने मानदेय बढ़ोतरी के लिए लगातार आंदोलन कर रहे हैं. लेकिन हमें हमारा बढ़ा हुआ मानदेय नहीं मिल रहा है. ऐसे में आखिर कैसे इन कर्मचारियों को सातवां वेतनमान का लाभ मिल सकता है. इसलिए जब तक सदस्यों का वेतन नहीं बढ़ जाता है कि किसी को सातवां वेतनमान का लाभ नहीं मिलेगा.

पीए के कार्यों पर हुआ हंगामा 

बैठक में जिला परिषद के एक पूर्व सदस्य जो एक बड़े जनप्रतिनिधि के पीए के रूप में कार्य कर रहे थे, उसकी  गलत हरकतों को लेकर जमकर हंगामा हुआ. सदस्यों ने कहा कि वह पीए बन कर यहां अभियंताओं से वसूली करते हैं. इसलिए जरूरी है कि जिला परिषद कार्यालय में उसके प्रवेश पर रोक लगायी जाये. मांग पर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित डीडीसी ने कहा कि इस पर ध्यान दिया जायेगा कि कार्यालय में उसका प्रवेश वर्जित हो. यहां तक कि अब से उस पीए के वाहन पर प्रवेश पर भी रोक लगेगी.

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