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#Parliament में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, दिल्ली हिंसा सुनियोजित साजिश, कोई भी दोषी बच नहीं पायेगा, विपक्ष का वॉकआउट

मैं सदन के माध्यम से दिल्ली और देश की जनता को कहना चाहता हूं कि जिन्होंने भी दंगा करने की हिमाकत की है, वो लोग कानून की गिरफ्त से इधर-उधर एक इंच भी भाग नहीं पायेंगे. 

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NewDelhi : गृह मंत्री अमित शाह ने आज बुधवार को संसद में दिल्ली हिंसा पर बयान देते हुए कहा कि दिल्ली हिंसा को सुनियोजित षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया. कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जायेगा. साथ ही कहा कि किसी निर्दोष को परेशान नहीं होने दिया जायेगा. लोकसभा में  दिल्ली हिंसा पर हुई चर्चा में करीब सभी मुख्य विपक्षी पार्टियां शामिल हुईं. चर्चा के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के हर सवालों का जवाब दिया.  हिंसा को रोकने में दिल्ली पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने हिंसा को पूरी दिल्ली में नहीं फैलने देने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. हालांकि अमित शाह अपना जवाब दे ही रहे थे कि विपक्ष विरोध करते हुए वॉकआउट कर गया.

शाह ने दिल्ली हिंसा में मारे गये लोगों के प्रति श्रद्धांजलि प्रकट की

लोकसभा में दिल्ली हिंसा पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए शाह ने सबसे पहले दिल्ली हिंसा में मारे गये लोगों के प्रति श्रद्धांजलि प्रकट की. अमित शाह ने कहा, दंगों में जिनकी जान गयी है उन सभी के लिए मैं दुख प्रकट करता हूं और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं. उन्होंने कहा कि 24 फरवरी की दोपहर 2 बजे हिंसा की पहली घटना की सूचना आयी और 25 फरवरी को रात 11 बजे के बाद सांप्रदायिक हिंसा की कोई घटना नहीं घटी. उन्होंने शाहीन बाग का जिक्र करते हुए कहा कि यहीं से घटनाओं की शुरुआत हुई.

अमित शाह ने कहा, फेस आइडेंटिटी सॉफ्टवेयर के माध्यम से हमने 1,100 से ज्यादा लोगों का फेस आइडेंटिफाई किया है, उनकी पहचान कर ली गयी है. इनको अरेस्ट करने के लिए 40 टीमें बनाई गयी हैं, जो दिन-रात लगी हुई हैं. मैं सदन के माध्यम से दिल्ली और देश की जनता को कहना चाहता हूं कि जिन्होंने भी दंगा करने की हिमाकत की है, वो लोग कानून की गिरफ्त से इधर-उधर एक इंच भी भाग नहीं पायेंगे.

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300 से ज्यादा लोग यूपी से हिंसा करने आये थे

अमित शाह ने संसद में बताया कि घनी आबादी के चलते उत्तर-पूर्वी दिल्ली (North-East Delhi) में पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं जा पाती हैं. उन्होंने कहा कि यह इलाका यूपी के बॉर्डर से भी जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि स्वयं मैंने हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा इसलिए नहीं किया क्योंकि ऐसा करने से पुलिस मेरे साथ-साथ लगी रहती. गृहमंत्री ने कहा कि 300 से ज्यादा लोग यूपी से उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में हिंसा करने के लिए आये थे. उन्होंने कहा कि 24 तारीख की रात को ही यूपी का बॉर्डर (UP Boarder) सील कर दिया गया था. यह काम सबसे पहले किया गया.

27 फरवरी से अभी तक 700 लोगों पर FIR गयी है. गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि 24 फरवरी को 40, 25 फरवरी को 50 और 26 फरवरी से 80 कंपनियां तैनात उत्तर-पूर्वी दिल्ली में तैनात हैं. अभी तक वे कंपनियां वहीं तैनात हैं. गृहमंत्री ने बताया कि इस हिंसा में हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है. इसके गुनाहगारों को भी पकड़ने की कार्रवाई भी जारी कर दी गयी है.

2647 लोग गिरफ्तार किये गये हैं

उन्होंने ओवैसी के एक ही समुदाय के 1100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किये जाने की बात का जिक्र करते हुए बताया कि 2647 लोग गिरफ्तार किये गये हैं. गृहमंत्री अभी अपना जवाब पूरा नहीं कर पाये थे कि कांग्रेस के नेता सदन से वॉकआउट कर गये. इसके बाद भी गृहमंत्री ने अपनी बात जारी रखते हुए अंकित शर्मा की हत्या का जिक्र किया और कहा कि इसका एक वीडियो एक नागरिक ने भेजा है और उसका भेद उसी वीडियो से सामने आने वाला है.

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इंसानियत हार गयी  : अधीर रंजन चौधरी 

इससे पहले लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने दिल्ली में पिछले दिनों भड़की हिंसा को इंसानियत की हार बताया और बुधवार को कहा कि सरकार चाहती तो समय रहते दंगों पर काबू कर सकती थी. चौधरी ने सदन में दिल्ली हिंसा पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने दावा किया कि हिंदू जीत गये, कुछ ने कहा कि मुस्लिम जीत गये लेकिन सच यह है कि इंसानियत हार गयी.

 हिंसा केवल 12 थाना क्षेत्रों तक सीमित रही

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में कुल 203 थाने हैं और हिंसा केवल 12 थाना क्षेत्रों तक सीमित रही. दिल्ली पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए शाह ने साफ कहा कि पुलिस की सबसे पहली जिम्मेदारी हिंसा को रोकने की थी. उन्होंने कहा कि 24 फरवरी को दोपहर 2 बजे के आसपास हिंसा की घटना की पहली सूचना मिली और अंतिम सूचना 25 फरवरी 11 बजे मिली, यानी ज्यादा से ज्यादा 36 घंटे हिंसा चली. दिल्ली पुलिस ने हिंसा को पूरी दिल्ली में नहीं फैलने देने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई.

पुलिस ने  36 घंटे में हिंसा को रोकने का काम किया 

अमित शाह ने कहा, दिल्ली पुलिस ने 36 घंटे में हिंसा को रोकने का काम किया और इसे फैलने की आशंका को शून्य कर दिया. गृह मंत्री ने यह भी कहा, 36 घंटे में जो हुआ, उसे मैं नजरंदाज नहीं कर रहा. 50 से ज्यादा लोग मारे गये और हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ जो छोटी बात नहीं है. उन्होंने कहा, दिल्ली दंगों के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा और कोई निर्दोष परेशान नहीं होगा. इसके लिए वैज्ञानिक तरीके से जांच हो रही है.

इस क्रम में शाह ने कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान दिल्ली के उनके कार्यक्रमों में नहीं गये और पूरे समय दिल्ली पुलिस के साथ बैठकें कर हिंसा को नियंत्रित करने की दिशा में लगे रहे. उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्व दिल्ली की हिंसा की घटनाओं के मामलों में कुल 2647 लोग हिरासत में लिये गये हैं या गिरफ्तार किये गये हैं. कहा कि सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है.

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