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गृह विभाग ने माना धनबाद में होता है कोयले का काला खेल, लेकिन पुलिस की संलिप्तता से किया इनकार

Ranchi : गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने मान लिया है कि धनबाद में कोयला चोरी का काला खेल होता है. विभाग ने माना है कि धनबाद में कोयला चोरी एवं अवैध कोयला कारोबार का संचालन होता है. लेकिन, यह भी स्पष्ट किया है कि किसी वरीय पुलिस पदाधिकारी की कोयल चोरी में संलिप्तता अभी तक प्रकाश में नहीं आयी है. विभाग ने विधानसभा में पूछे जानेवाले अल्प सूचित प्रश्न का जवाब देते हुए कोयला चोरी से संबंधित इस बात को स्वीकार करते हुए बताया कि उन्हें अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा एक दिसंबर 2018 को इस बात की जानकारी उपलब्ध करायी गयी है.

कोयला चोरी होनेवाले स्थान की भी सरकार को है जानकारी

गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने अपने जवाब में बताया कि अपराध अनुसंधान विभाग झारखंड ने उक्त प्रतिवेदन में कोयला चोरों के साथ-साथ कोयला चोरी के स्थानों का भी उल्लेख किया है. साथ ही किसी वरीय पुलिस अधिकारी की कोयला चोरी के कारोबार में संलिप्तता की बात से भी इनकार किया है. विधानसभा में अनुसूचित प्रश्न द्वारा यह पूछा गया था कि क्या सीआईडी ने अपनी जांच में बड़े कारोबारियों के साथ-साथ वरीय पुलिस पदाधिकारियों का नाम भी पुलिस मुख्यालय को भेजा है.

टास्क फोर्स का गठन करने का दिया है निर्देश

पुलिस मुख्यालय द्वारा अपराध अनुसंधान विभाग झारखंड रांची के प्रतिवेदन के आलोक में वरीय पुलिस अधीक्षक, धनबाद को जिला खनन पदाधिकारी, वन विभाग के पदाधिकारी तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को मिलाकर टास्क फोर्स का गठन करने का निर्देश दिया गया है. टास्क फोर्स के जरिये कोयला चोरी के कारोबार पर पूर्ण रोकथाम कर कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है.

विधायक प्रदीप यादव ने उठाया था सवाल

झाविमो के विधायक प्रदीप यादव ने अपने सवाल के जरिये विधानसभा से पूछा था कि क्या यह बात सही है कि सीआईडी जांच में खुलासा हुआ है कि धनबाद में बड़े पैमाने पर कोयला का अवैध कारोबार होता है. इसी सवाल का जवाब देते हुए गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने स्वीकार किया है कि धनबाद में कोयला चोरी एवं अवैध कोयला कारोबार की सूचना विभाग को उपलब्ध करायी गयी है.

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