Jamshedpur

वीमेंस कॉलेज में हिन्दी दिवस, हिन्दी को राजनीतिक अवसरवादिता से खतरा : डॉ लक्ष्मण प्रसाद

 

Jamshedpur : वीमेंस कॉलेज में  हिन्दी दिवस समारोह का आयोजन किया गया.  मुख्य अतिथि सह मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद कोल्हान विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण प्रसाद ने इस मौके पर कहा कि हिन्दी वही नहीं है जो साहित्य या पाठ्यक्रमों में दिखती है. हिन्दी बाजार में है. सार्वजनिक संस्थानों में है. यात्राओं में है. मंदिरों में है. कचहरी में है. हमारी दिनचर्या में हिन्दी है. हिन्दी सबसे लचीली भाषा है. इसीलिए सबसे मजबूत भी है. इसका रूप अखिल भारतीय है और यह निः संदेह भारत की लिंगुआ फ्रांका है. इसको सिर्फ पूंजीवादी और सामंतवादी सोच से ग्रस्त राजनीतिक अवसरवादिता से खतरा है. आभिजात्य वर्ग की सुविधा की राजनीति ने आमफहम की भाषा का गला दबा रखा है. इसके ऐतिहासिक संदर्भ भी हैं. परीक्षा नियंत्रक डॉ रमा सुब्रमण्यम ने तमिल भाषी होने के चलते हिन्दी सीखने में आई दिक्कतों का जिक्र करते हुए कहा कि हिन्दी सीखना इसलिए आसान होता गया क्योंकि इसका स्वरूप सहज है और इसमें सभी भारतीय भाषाओं के शब्द मौजूद हैं.

कार्यक्रम को हिन्दी विभाग की भारती कुमारी व आयशा ने भी संबोधित किया. विषय प्रवेश डॉ नूपुर अन्विता मिंज ने व संचालन डॉ. पुष्पा कुमारी ने किया. स्नातक व स्नातकोत्तर की छात्रा काजल कुमारी, संगीता कुमारी, जुही कुमारी, सुमन कुमारी मिश्रा, नेहा कुमारी महतो व तापोसी मंडल ने भी सराहनीय प्रस्तुतियां दी.स्वागत वक्तव्य प्रभारी प्राचार्य डॉ सुधीर कुमार साहू ने और धन्यवाद ज्ञापन हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ अविनाश कुमार सिंह ने दिया.

मौके पर ये थे मौजूद

कॉलेज के ऑडियो वीडियो कक्ष में कोविड 19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए डॉ जावेद अहमद, डॉ रेखा झा, डॉ सोनाली सिंह, डॉ. अंतरा कुमारी, डॉ रिजवाना परवीन, डॉ अमृता कुमारी, डॉ मनीषा टाईटस, डॉ सुशील कुमार तिवारी, डॉ शहला जबीं आदि उपस्थित थे. तकनीकी सहयोग ज्योतिप्रकाश महांती, तपन कुमार मोदक और रंजीत कुमार ने किया.

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