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हाइकोर्ट ने कहा- जब गुटखा खुलेआम बिक रहा है, तो ऐसे प्रतिबंध का क्या मतलब?

  • झारखंड हाइकोर्ट ने नशीले पदार्थ की बिक्री पर जतायी नाराजगी

Ranchi: गुटखा और तंबाकू जैसे पदार्थों पर प्रतिबंध के बावजूद राज्य में इनकी बिक्री होने पर हाइकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है.

हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और डॉ सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि हर गली मोहल्ले में गुटखा आसानी से उपलब्ध है. इसकी बिक्री खुले आम हो रही है.

अदालत ने कहा कि सरकार जब कानून का पालन नहीं करा सकती तो ऐसा कानून बनाती ही क्यों है? इस मामले में अदालत ने अगली सुनवाई के लिए नवंबर में तिथि निर्धारित की है.

अदालत ने कहा है कि अगली तिथि में सरकार इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट दे. कहा गया कि सरकार अगली तिथि को आकर बताए कि राज्य गुटखा और तंबाकू जनित पदार्थों से पूरी तरह मुक्त हो गया है.

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सरकार ने जवाब फाइल करने के लिए समय मांगा

आज सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि जवाब तैयार है लेकिन आज फाइल नहीं किया जा सका है. जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की गयी है.

कहा गया कि गुटखा की बिक्री करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. छापामारी की जा रही है. बिक्री करने वालों से जुर्माना भी वसूला गया है. इस पर कोर्ट ने कहा कि जो इन प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं उनसे जुर्माना भी वसूला गया है.

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इस पर कोर्ट ने कहा कि हमें नहीं सुनना कि सरकार ने क्या कार्रवाई की है. हम जानते हैं कि यह सिर्फ कागजों में ही है. हमें यह नहीं सुनना है कि सरकार ने क्या कार्रवाई की है. सरकार बताये कि राज्य पूरी तरह गुटखा से मुक्त हो गया है.

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