JharkhandRanchi

हाईस्कूल शिक्षक नियुक्तिः प्राथमिक शिक्षकों के लिए आरक्षित 25 फीसदी सीट में खाली पड़े पद पर हो सकेगी सीधी भर्ती से आए अभ्यर्थियों की नियुक्ति

Ranchi: हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति में जो 25 फीसदी सीटें प्राथमिक शिक्षकों के लिए आरक्षित थीं, अब उनकी खाली पड़ी सीटों का फायदा सीधी प्रक्रिया से आए अभ्यर्थियों को हो सकता है. इस बाबत गुरुवार को विधानसभा के लंच के वक्त ध्यानाकर्षण समिति की बैठक हुई. बैठक में समिति ने यह अनुशंसा की कि प्राथमिक शिक्षकों के लिए जो 25 फीसदी सीटें आरक्षित हैं, उनके खाली पड़े पद पर वैसे अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो, जो सीधी प्रक्रिया से बहाली के लिए आये हैं. वैसा कोई अभ्यर्थी जो कट ऑफ मार्कस लाने में कामयाब रहा हो और बहाली की हर आहर्ता को पूरा करता हो, उसे खाली पड़ी सीट में ज्वाइनिंग करने दिया जाए. ध्यानाकर्षण समिति की बैठक विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव की अध्यक्षता में हुई.

अब विभाग को लेनी होगी कानूनी सलाह   

ध्यानाकर्षण समिति ने सीधी भर्ती से आये अभ्यर्थियों के पक्ष में अनुशंसा तो कर दी, लेकिन विभाग के सामने द्वंद्व की स्थिति है. विभाग चाह कर भी सीधे तौर पर अनुशंसा को लागू नहीं कर सकता है. समिति की अनुशंसा के बाद विभाग मामले में कानूनी सलाह लेगा. विभाग एजी या ऐसी कोई दूसरी संस्था जो कानूनी सलाह देने में सक्षम हो उससे सलाह मांगेगा. दरअसल विभाग की तरफ से नियुक्ति के लिए जो विज्ञापन निकाला गया था, उसमें इस बात का कहीं उल्लेख नहीं है कि 25फीसदी में से खाली पड़ी सीट पर सीधी प्रक्रिया के तहत आए अभियर्थियों की बहाली हो सकेगी. हालांकि इस बात का उल्लेख नियुक्ति संबंधी नियमावली में है. नियमावली में बात का उल्लेख होना और विज्ञापन में इस बात का उल्लेख ना होना अपने आप में एक संशय का विषय है. जिसे कानूनी सलाह लेकर सुलझाया जा सकता है.

आलमगीर आलम ने उठाया था सदन में यह सवाल, जवाब में फंसती दिखी थीं मंत्री

पाकुड़ से कांग्रेस विधायक आलमगीर आलम ने यह सवाल ध्यानाकर्षण प्रश्न काल के दौरान उठाया था. जिसका समर्थन जेवीएम के विधायक प्रदीप यादव समेत सत्ता पक्ष के मुख्य सचेतक राधा कृष्ण किशोर ने भी किया था. अध्यक्ष ने इस मामले को ध्यानाकर्षण समिति के पास भेज दिया था. विधायकों के सवाल का जवाब देने में शिक्षा मंत्री नीरा यादव सदन में सहज नहीं थी. सदन में मौजूद शिक्षा मंत्री नीरा यादव से सवाल किया कि क्या यह बात सही है कि झारखंड सरकारी माध्यमिक विद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी नियुक्ति एवं सेवा शर्त नियमावली, 2015 के अध्याय 6 के कंडिका 9(1) में स्पष्ट अंकित है कि प्रारंभिक विद्यालयों के लिए 25% आरक्षित सीट खाली रहने पर खाली सीटों को वर्तमान बहाली से सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों से भरा जाएगा. पाकुड़ विधायक आलमगीर आलम के सवाल में नीरा यादव खुद ही फंसती नजर आयीं. उन्होंने कहा कि सवाल करने से पहले माननीय सदस्य विज्ञापन को देख लें. विज्ञापन में इस बात का कहीं उल्लेख नहीं है कि सीट खाली रहने पर सीधी बहाली के अभ्यर्थियों द्वारा 25 फ़ीसदी सीट भरी जाएगी. दरअसल उच्च शिक्षक नियुक्ति नियमावली के मुताबिक 75 फ़ीसदी नियुक्ति सीधी बहाली से होनी थी और 25 फ़ीसदी नियुक्ति प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों के द्वारा की जानी थी. लेकिन यह 25 फ़ीसदी सीट प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों ने पूरी नहीं की और कई सीट खाली रह गयी है. नियुक्ति से पहले बनी नियमावली में इस बात का साफ उल्लेख है कि अगर 25 फ़ीसदी सीट में कुछ पद रिक्त रह जाती है, तो उसमें सीधी बहाली की तरफ से आये अभ्यर्थियों को बहाल किया जाएगा. लेकिन शिक्षा विभाग में नियुक्ति से पहले जो विज्ञापन निकाला उसमें इस बात का उल्लेख ही नहीं किया. इसी वजह से पूरे मामले में शंका पैदा होती है कि आखिर जब नियमावली में जो बात है वह बात विज्ञापन में क्यों नहीं.

इसे भी पढ़ें – रांची में दो व्यापारिक घरानों के कई ठिकानों पर आयकर विभाग का सर्वे

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: