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हाई इंपैक्ट मेगा वाटरशेड प्रोजेक्ट से एक लाख किसानों की आय होगी दोगुनीः मनरेगा आयुक्त

Ranchi : ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत मनरेगा द्वारा बीआरएलएफ की सहायता से झारखंड हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड परियोजना पर तीन दिवसीय जल संसाधन योजना प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण का उद्घाटन मुख्य अतिथि, मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया.

इस अवसर पर मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने आवश्यकता आधारित योजना बनाने पर ज़ोर दिया जिसमें समुदाय की सहभागिता एवं स्वामित्व हो. साथ ही परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी हर संभव सहायता का आश्वाशन दिया.

उन्होंने ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के जरिए एक लाख किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है. बीआरएलएफ के प्रतिनिधि सर्वेश कुमार ने परियोजना के पृष्ठभूमि की जानकारी दी.

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उन्होंने बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य 1 लाख किसानों की आय दोगुनी करनी है. 1.50 हेक्टयर भूमि में फसल उत्पादन को बढ़ाना और योजना से जुड़े सभी लोगों की क्षमता वृद्धि करना लक्ष्य है.

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प्रशिक्षण में जन जागरण केंद्र, कला मंदिर, सपोर्ट, प्रदान, WOTR , विकास भारती, वासन, नीड्स, TSRD, SPWD, GVT एवं आशा के 2 वाटरशेड एक्सपर्ट प्रतिभागी हैं.

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आठ आदिवासी बहुल राज्यों में काम कर रही है संस्था

मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने कहा कि बीआरएलएफ ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा गठित एक स्वायत्त संस्था है जिसका मुख्य ध्येय है सरकार से साझेदारी में स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्य विस्तार में सहयोग देना. बीआरएलएफ वर्तमान में मध्य भारत के आदिवासी बहुल 8 राज्यों में सक्रिय है.

परियोजना को राज्य सरकार के साथ मिल कर मूर्त रूप दिया गया है और इसकी विशेषता यह है कि राज्य सरकार की बिरसा हरित ग्राम योजना और नीलांबर- पितांबर जल समृद्धि योजना से पूरी तरह मेल रखती है.

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परियोजना के मुख्य बिंदु एवं लक्ष्य इस प्रकार हैं

  • इस परियोजना का लक्ष्य 24 प्रखंडों के कुल 696 वाटर शेड का विकास करना है.
  • 3 लाख 39 हजार हेक्टेयर भूमि का उपचार हो सके.
  • कम से कम 1 लाख किसानों की आय दोगुनी करना.
  • 1.5 लाख हेक्टेयर भूमि में बेहतर कृषि कार्य करना.
  • मृदा एवं जल प्रबंधन द्वारा भूमि की नमी में बढ़ोतरी करना.

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