न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

उच्च न्यायालय ने झारखंड में पापुलर फ्रंट अॉफ इंडिया पर लगे प्रतिबंध को किया खारिज

उच्च न्यायालय के आदेश को राज्य सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

237

Ranchi: सोमवार 27 अगस्त को झारखंड उच्च न्यायालय ने पापुलर फ्रंट आफ इंडिया पर राज्य सरकार द्वारा फरवरी, 2018 में लगाये गये प्रतिबंध को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया. न्यायाधीश रंगन मुखोपाध्याय की पीठ ने संगठन की याचिका सोमवार स्वीकार कर ली और उचित प्रक्रिया पूरी किए बगैर संगठन पर प्रतिबंध लगाने के राज्य सरकार के 21 फरवरी, 2018 के फैसले को खारिज कर दिया गया है.

इसे भी पढ़ेंः दिखावे की “चकाचौंध” में राज्य को डूबा तो नहीं रही “सरकार” ?

सरकार ने वैध ढंग से आदेश नहीं किया था लागू

संगठन की ओर से अब्दुल बदूद ने उच्च न्यायालय में सरकार के आदेश को चुनौती दी थी. उच्च न्यायालय ने केरल आधारित पीएफआई को प्रतिबंधित किए जाने के राज्य सरकार के आदेश को गजट में प्रकाशित किए बिना ही क्रियान्वित किए जाने को अवैध माना है. न्यायालय ने माना कि राज्य सरकार ने वैध ढंग से आदेश नहीं लागू किया. न्यायालय ने इसी आदेश के आधार पर संगठन के खिलाफ राज्य में दर्ज पुलिस प्राथमिकी को भी खारिज कर दिया. संगठन ने आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम की धारा 16 के तहत किसी संगठन को प्रतिबंधित करने के राज्य सरकार के अधिकार को भी चुनौती दी थी जिसे उच्च न्यायालय ने नहीं स्वीकार किया और स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को इसका अधिकार है.

इसे भी पढ़ें – पूर्व सीएस राजबाला वर्मा हो सकती हैं JPSC की अध्यक्ष! पहले सरकार की सलाहकार बनने की थी चर्चा

राज्य सरकार ने इस संगठन के अनेक लोगों को आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित बताते हुए इसे प्रतिबंधित किया था. उसके ठिकानों पर पाकुड़ में छापेमारी कर अनेक लोगों को हिरासत में लिया गया था. कई चीजें भी बरामद हुई थीं. उच्च न्यायालय के आदेश को राज्य सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

इसे भी पढ़ेंःBJP का मिशन 2019ः दिल्ली में भाजपा शासित राज्यों के सीएम के साथ मोदी-शाह की अहम बैठक

क्या है पूरा मामला

झारखंड सरकार ने 21 फरवरी 2018 में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया को आईएसआईएस से प्रभावित होने के आधार पर प्रतिबंधित घोषित कर दिया था. यह प्रतिबंध लॉ डिपार्टमेंट की सहमति के बाद पीएफआई को सीएलए एक्ट 1968 की धारा 16 के तहत किया गया था. यह संगठन पाकुड़ और साहिबगंज जिले में सक्रिय है. संथाल परगना के ये जिले बांग्लादेश की सीमा से नजदीक है. पुलिस फाइल के अनुसार अक्सर यहां राष्ट्र विरोधी गतिविधियां सुनने को मिलती हैं. इस संगठन की शुरूआत केरल से हुई थी.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: