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JVM विधायक प्रदीप यादव की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, अदालत ने केस डायरी मांगी  

जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत में सुनवाई के  दौरान अदालत ने केस डायरी की मांग की. अब मामले की अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी.

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Ranchi :  झारखंड हाई कोर्ट में बुधवार को झाविमो विधायक प्रदीप यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई.जस्टिस आर मुखोपाध्याय की अदालत में सुनवाई के  दौरान अदालत ने केस डायरी की मांग की. अब मामले की अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी. जान लें कि अपनी ही पार्टी की नेत्री का यौन शोषण करने के आरोप में घिरे प्रदीप यादव ने हाई कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की है.

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हाईकोर्ट ने जमानत याचिका कर दी थी खारिज

झारखंड हाइकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपी  प्रदीप यादव की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. जज अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने 16 जुलाई को विधायक की याचिका खारिज की थी. विधायक ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए एक जुलाई को झारखंड हाइकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी.

इसके बाद उन्होंने निचली अदालत में आत्मसमर्पण किया और जमानत याचिका दाखिल की. निचली अदालत ने भी उनकी जमानत को नामंजूर करते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया.इसके बाद प्रदीप यादव ने हाइकोर्ट का रुख किया.

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पुलिस की जांच में दोषी पाये गये थे प्रदीप यादव

जेवीएम महिला नेत्री का यौन उत्पीड़न करने के मामले जेवीएम के पौड़ेयाहाट विधायक प्रदीप यादव को पुलिस जांच में दोषी पाया गया है. केस की अनुसंधानकर्ता साइबर डीएसपी नेहा बाला की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है. पुलिस की जांच में प्रदीप यादव के खिलाफ आइपीसी की धारा 354, 354ए, 354बी, 354डी, 506 और 509 में मामला सत्य पाया गया है.

झारखंड विकास मोर्चा की एक महिला नेता ने प्रदीप यादव पर यौन उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार करने समेत कई अन्य आरोप लगाते हुए महिला थाना में तीन मई को प्राथमिकी दर्ज करायी थी. प्राथमिकी के मुताबिक, घटना 20 अप्रैल को करनीबाग के शिव सृष्टि पैलेस होटल में हुई थी. घटना के 13 दिन बाद पीड़िता ने मामला दर्ज कराया था.

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