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हाइकोर्ट ने एसएसपी से पूछा- असामाजिक तत्वों के खिलाफ क्यों नहीं लिया गया एक्शन

रांची एसएसपी हाइकोर्ट में हुए हाजिर, बताया 19 के खिलाफ वारंट हासिल हो गया है

Ranchi : मांडर के चान्हो में बनने वाले एकलव्य स्कूल के लिए चयनित स्थान को दूसरी जगह बदलने के खिलाफ गोपाल भगत की जनहित याचिका की सुनवाई शुक्रवार को झारखंड हाइकोर्ट में हुई. मामले में कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी जगह पर लॉ एंड ऑर्डर तोड़ने के लिए अगर सैकड़ों की संख्या में लोग आ जायें, तो पुलिस कैसे हाथ पर हाथ धरे बैठे रह सकती है. इन असामाजिक तत्वों के खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं की गयी. एफआइआर दर्ज होने के बाद किसी तरह का एक्शन पुलिस की ओर से क्यों नहीं लिया गया. नाराज कोर्ट ने द्वितीय पाली में रांची एसएसपी को तलब किया. इसके बाद कोर्ट के आदेश के आलोक में रांची एसएसपी कोर्ट में सशरीर उपस्थित हुए. उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले को लेकर 7 प्राथमिकी दर्ज की गयी है. जिसमें 38 ज्ञात और 16 सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. 19 लोगों की गिरफ्तारी के लिए अदालत से वारंट हासिल कर लिया गया है, सबसे पहले उनकी गिरफ्तारी की जायेगी. मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की सुनवाई हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई. कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि जिस जगह एकलव्य स्कूल का कंस्ट्रक्शन शुरू हो रहा था वहां से उसे दूसरी जगह बदलने का क्या आधार है. किस कारण से स्कूल के कंस्ट्रक्शन के साइट को बदलने का निर्णय लिया गया. बता दें कि मांडर जिला के चान्हो में एकलव्य स्कूल बनाने के लिए राज्य सरकार ने 52  एकड़ जमीन दी थी. इसके लिए केंद्र सरकार से फंड भी आवंटित हो गया है. लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उस स्कूल की लोकेशन को चेंज करने के लिए हंगामा किया गया था. इस मामले की शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ क्या- क्या एक्शन लिया गया और स्कूल के चयनित स्थान को बदलने का क्या-क्या आधार है. इस पर जवाब दाखिल करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है. मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी.

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