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हे भगवान ! ऐसे में कैसे मिलेगी नौकरी? अब तक एग्जामिनेशन कैलेंडर तक नहीं आया

20 साल में जेएसएससी को ले लेनी थी 20 इंटर और स्नातक स्तरीय परीक्षाएं

  • अब तक एक ही संयुक्त स्तरीय परीक्षा का हुआ है आयोजन

Ranchi: राज्य सरकार ने साल 2021 को नियुक्तियों का वर्ष घोषित किया है. युवाओं को रोजगार मिले इसे लेकर तैयारियां करने की बात कही जा रही है. राज्य में बड़ी संख्या में नौकरी देने वाली दो ही एजेंसी है. पहली झारखंड लोकसेवा आयोग और दूसरी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग. जिसमें झारखंड कर्मचारी चयन आयोग, नियुक्ति करने वाली राज्य की ऐसी एजेंसी है जिसके पास रोजगार की संख्या झारखंड लोकसेवा आयोग के मुकाबले अधिक है. लेकिन साल शुरू होते ही असमंजस की स्थिति शुरू हो गयी है.
नियुक्ति वर्ष की शुरुआत में पहली वेकेंसी झारखंड लोकसेवा आयोग ने जारी की. वह भी केवल 256 पदों के लिए. लेकिन नियुक्ति वर्ष के दो माह बीतने को है पर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने अब तक अपना एग्जामिनेशन कैलेंडर भी जारी नहीं किया है. ऐसे में सवाल उठता है कि कैसे मिलेगी नौकरी? जिसके पास नौकरियों की संख्या सबसे ज्यादा उसने अब एग्जामिनेशन कैलेंडर तक जारी नहीं किया है.

जेपीएससी से नियमिति की उम्मीद, जेएसएससी पर चुप्पी क्यों?

राज्य के युवाओं को रोजगार देने की बात पर जेपीएससी को उदाहरण बनाया जाता है. लेकिन जेएसएससी के मामले में चुप्पी साध ली जाती है. पूरे साल चर्चा में रहने के बाद जेपीएससी ने 256 सीटों में नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया है. लेकिन, जेएसएससी ने अब तक एक भी वेकेंसी जारी नहीं की है. जेएसएससी की ओर से जो परीक्षाएं तीन से चार साल पहले ली जा चुकी है, उसका भी रिजल्ट अब तक जारी नहीं किया गया है. जेएसएससी को इंटर स्तरीय संयुक्त परीक्षा और स्नातक स्तरीय संयुक्त परीक्षा एक साल में दो बार ले लेना था, लेकिन इंटर स्तरीय संयुक्त परीक्षा पिछले तीन साल से विवाद में है. वहीं संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा छह साल पहले ली गयी जिसे रद्द कर दिया गया. इसके बाद एक साल पहले आवेदन भरवाया गया, लेकिन अब तक परीक्षा भी नहीं ली गयी है.

नियमावली के अनुसार जिस तरह से झारखंड लोकसेवा आयोग को 20 साल में 20 सिविल सेवा परीक्षा ले लेना चाहिए था, उसी तरह जेएसएससी को 20 संयुक्त स्नातक स्तरीय और संयुक्त इंटर स्तरीय परीक्षा भी ले लेना चाहिए था. जेपीएससी ने तो छह सिविल सेवा परीक्षा ले भी ली मगर जेएसएससी ने इंटर और स्नातक स्तर की दूसरी संयुक्त परीक्षा भी नहीं ले पाया.

ली गयी परीक्षाओं का भी रिजल्ट नहीं दे रहा जेएसएससी

नौकरी देने के लिए जेएसएससी ने तो अब तक एक भी विज्ञापन जारी नहीं किया है. लेकिन नियुक्तियों के जो परीक्षाएं आयोग ले चुका है, उसके परिणाम भी दबाये बैठा है.

इन परीक्षाओं के परिणाम का हो रहा इंतजार

झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा 2018 इस परीक्षा के लिए 26 दिसंबर 2018 से 09 फरवरी 2019 तक आवेदन लिये गये थे. यह प्रतियोगिता परीक्षा 518 पदों पर नियुक्ति के लिए ली गयी थी, जिसमें अनारक्षित श्रेणी के लिए 264, अनुसूचित जनजाति के लिए 138, अनुसूचित जाति के लिए 50, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 22 और पिछड़ा वर्ग के लिए 44 पद निर्धारित थे. वहीं महिलाओं के लिए 13 पद अतिरिक्त थे. यह परीक्षा 04 अगस्त 2019 को ली गयी थी. लेकिन परीक्षा लिये 18 महीने बीत जाने के बाद भी अब तक रिजल्ट प्रकाशित नहीं किया गया है.

विशेष सेवा आरक्षी (क्लोज कैडर) प्रतियोगिता परीक्षा 2018

इस पद पर बहाली के लिए 04 जनवरी 2019 से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी जो 18 फरवरी तक चली. 1012 पदों के लिए यह आवेदन जारी किया गया था. इसमें अनारक्षित श्रेणी के लिए 506, अनुसूचित जनजाति के लिए 263, अनुसूचित जाति के लिए 101, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 81 और पिछड़ा वर्ग के लिए 61 पद निर्धारित थे. यह परीक्षा 01 सितंबर 2019 को रांची के 72 केंद्रों में ली गयी थी. इस परीक्षा में लगभग 35 हजार उम्मीदवार शामिल हुए थे. इस प्रतियोगिता परीक्षा का भी अब तक रिजल्ट जारी नहीं किया गया है.

 

कारा वाहन चालक प्रतियोगिता परीक्षा 2018

राज्य के विभिन्न जेलों में चालकों की नियुक्ति के लिए 2018 में आवेदन मंगाये गये थे. इस विज्ञापन से लाइट मोटर व्हीकल चालक के 73 और हेवी मोटर व्हीकल चालक के 11 पदों पर नियुक्ति होनी थी. एलएमवी के 73 पदों में से अनारक्षित कोटे के लिए 37, अनुसूचित जनजाति के लिए 19, अनुसूचित जाति के लिए 07, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 06 और पिछड़ा वर्ग के लिए 04 पद निर्धारित थे. वहीं एचएमवी के 11 पदों में से अनारक्षित कोटे के लिए 06, अनुसूचित जनजाति के लिए 03, अनुसूचित जाति के लिए 01 और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 01 पद थे. यह प्रतियोगिता परीक्षा साल 2019 में ही ली गयी लेकिन अब तक स्टूडेंट्स रिजल्ट का ही इंतजार कर रहे हैं.

इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2017

इस प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से राज्य के पंचायतों में पंचायत सचिव और लिपिक की नियुक्ति होनी है. विज्ञापन जारी होने के बाद परीक्षा ली गयी. सितंबर 2017 में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हुआ था. लेकिन, आज तक नतीजे घोषित नहीं किये गये. इस प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से तीन हजार से अधिक उम्मीदवारों की नियुक्ति होनी है.

आवेदन फॉर्म से कमा लिए करोड़ों, परीक्षा के लिए करा रहे इंतजार

जेएसएससी ने युवाओं को रोजगार देने के नाम पर आवेदन पत्र मंगवाये. आवेदन पत्र मंगाये एक साल से ऊपर हो चुके हैं, पर परीक्षा कब ली जायेगी इसकी सूचना नहीं दे रहा है. संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा के लिए सितंबर 2019 में आॅनलाइन आवेदन मंगाये गये थे. लगभग एक माह का समय आवेदन करने के लिए दिया गया था.इस परीक्षा में शामिल होने के लिए लगभग दो लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किये हैं. इस परीक्षा के आवेदन शुल्क के रूप में प्रति उम्मीदवार एक हजार रुपये लिये गये. आवेदन प्रक्रिया पूरा किये डेढ़ साल होने के बाद भी जेएसएससी ने एक भी नौकरी नहीं दी और जेएसएससी, उम्मीदवारों के आवेदन शुल्क के रूप में 20 करोड़ रुपये दबाये बैठा है.

21092 पदों पर नियुक्तियां हैं अटकी

गौरतलब है कि जेएसएससी की ओर से पिछले तीन साल से हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति और पंचायत सचिव सहित अन्य पदों पर नियुक्ति की जा रही है. जेएसएससी अब तक इस नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाया है. जेएसएससी की ओर से 18584 हाईस्कूल शिक्षक, 1539 पंचायत सचिव, 1245 एलडीसी और 24 स्टेनोग्राफर की नियुक्ति प्रक्रिया चलायी जा रही है, जो तीन साल से पूरा नहीं हो पाया है.
जेएसएससी के पास सचिवालय सहायक, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, अंचल निरीक्षक सह कानूनगो, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, प्लानिंग असिस्टेंट और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के 1260 पदों पर तत्काल नियुक्ति करने की जिम्मेदारी है. इन पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर छोड़ दिया गया है. इसके अलावा ऊर्जा विभाग आदि के लिए भी नियुक्तियां करनी हैं.

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