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इधर डीजीपी साहब नक्‍सल खत्‍म होने का कर रहे हैं दावा, उधर नक्सली लगातार दिखा रहे धमक

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Ranchi : झारखंड में नक्सली लगातार अपनी धमक दिखा रहे हैं. पुलिस के आंकड़ों के अनुसार जहां नक्सल जिले घट रहे हैं. वहीं नक्सली अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए एक के बाद एक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. पिछले एक महीने में नक्सली और पुलिस के बीच 5 मुठभेड़ हो चुकी है. वहीं नक्सली संगठन पोस्टरबाजी करके और वाहनों को आग के हवाले करके अपनी उपस्थिति का एहसास  समय-समय से कराते रहे हैं. हाल के दिनों की कई बड़ी घटनाएं पुलिस के अभियान और दावों की पोल खोलती नजर आ रही है.

राज्य में बढ़ती जा रही है नक्सली गतिविधियां

झारखंड पुलिस साल 2018 में भी नक्सली को खत्म करने में नाकाम रही. राज्य के डीजीपी डीके पांडेय ने दावा किया था कि साल 2018 तक राज्य पूरी तरह से नक्सल और उग्रवाद मुक्त होगा. लेकिन वर्तमान में जो स्थितियां दिख रही है, उसे देखकर तो यही लग रहा है कि साल 2019 भी आश्वासन में ही निकल जाएगा, क्योंकि नक्सली गतिविधियां राज्य में घटने की बजाये बढ़ती जा रही है.

क्‍यों बढ़ गयी हैं नक्‍सली घटनाएं

एक ओर पुलिस नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज करने और उन्हें आर्थिक क्षति पहुंचाने की कवायद कर रही हैं. वहीं नक्सली भी अब टूट चुके संगठन को फिर से संगठित करने के लिए लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. इसके पीछे नक्सलियों का मुख्‍य मकसद लेवी वसूलना है, ताकि लेवी के पैसे से वे फिर से संगठन को खड़ा कर सकें. हालांकि, इस संबंध में पुलिस यह दावा करती है कि हतोत्साहित होकर नक्सली वारदात कर रहे हैं. लेकिन, सवाल अपनी जगह पर कायम है कि जब पुलिस के आलाधिकारी नक्सलियों के खात्मे का दावा लगातार कर रही है, फिर वारदात होने से रोक पाने में पुलिस क्यों विफल साबित हो रही है. खासकर विकास कार्यों में लगे वाहनों और उपकरणों को क्षति पहुंचाकर सीधे-सीधे सरकार के विकास कार्यों की प्राथमिकता को नक्सली चुनौती दे रहे हैं.

अधिकतर जिलों को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया

बता दें कि झारखंड पुलिस ने केंद्र सरकार के सामने अधिकतर जिले को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार पूरे देश में 30 अति उग्रवाद प्रभावित जिले हैं. जिनमें झारखंड के 13 जिले ही शामिल हैं. इन जिलों को अगस्त महीने में केंद्रीय सहायता के रुप में 20-20 करोड़ रुपये मिले थे. झारखंड पुलिस के द्वारा केंद्र के सामने राज्‍य के 13 जिले को नक्सल मुक्त होने की घोषणा के बाद भी इन इलाकों में नक्सली लगातार अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. अगर नक्सली घटनाओं की बात करें तो जनवरी में 34, फरवरी 28, मार्च 32, अप्रैल 21, मई 32, जून 29, जुलाई 25, अगस्त 14 ,सितंबर 25, अक्टूबर 34 और नवंबर में 26 नक्सली घटनाएं हुई हैं.

 18 साल 510 पुलिस के जवान हो चुके हैं शहीद

पिछले 18 वर्षों झारखंड में कई बड़े नक्सली हमले हुए हैं. अब तक के आंकड़े देखें तो 2001 से लेकर 2018 तक पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जहां 5,688 नक्‍सली हमले और घटनाओं में अब तक 510 पुलिसकर्मी नक्‍सली हमलों में शहीद हो चुके हैं. वहीं वर्ष 2001 से 2018 तक पुलिस की कार्रवाई में 846 नक्‍सली भी मारे गये हैं, वहीं 18 साल में 1778 आम लोग की जान नक्‍सलियों के हमलों में चली गयीं है.

 पिछले कुछ महीनों ने हुए कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं

  • 4 नवंबर को नक्सलियों ने हजारीबाग के केरेडारी में 6 वाहनों को आग के हवाले किया
  • 4 नवंबर को नक्सलियों ने खलारी थाना क्षेत्र के चूड़ी होयर बस्ती से लेकर अंबाडोंगरी जतरातांड में कई निजी और सरकारी भवनों के दीवार पर माओवादी ने पुलिस विरोधी नारा लिखा. मिली जानकारी के अनुसार 60 की संख्या में नक्सली आये थे और यह सभी हथियार से लैस थे.
  • 5 नवंबर को लातेहार जिला के चंदवा थाना क्षेत्र के बरवाटोली में नक्सलियों ने पुल निर्माण में लगे एक पोकलेन और डंपर को फूंक डाला और काम बंद करने की भी चेतावनी दी.
  • 6 नवंबर को नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के दौरान पलामू चतरा सीमावर्ती क्षेत्र के रहरिया जंगल से पुलिस ने 9 शक्तिशाली बम बरामद किया. इन सभी बम को नक्सलियों ने चट्टान के दरार में छिपाकर रखे थे.
  • 16 नवंबर राजधानी रांची के लापुंग में केबलिंग का काम कर रही कंपनी के तीन वाहनों पर नक्सलियों आग के हवाले कर दिया.
  • 16 अक्टूबर को नक्सलियों ने लोहरदगा के रिचुगोटा में 5 ट्रकों में आग लगा दिया था.
  • 18 नवंबर की रात माओवादियों द्वारा खलारी के शहरी क्षेत्र में कई जगह दीवाल पर नक्सली ने पुलिस विरोध नारे का लेखन किया है. क्षेत्र के खलारी-डकरा मुख्य सड़क किनारे दीवाल पर नारे का लेखन किया गया.
  • 16 दिसंबर को नक्सलियों ने हजारीबाग के कुसुम्बा जंगल में 10 हाइवा को आग के हवाले कर दिया था.

पिछले एक महीने में हुए नक्सली और पुलिस के बीच मुठभेड़

  • 30 नवंबर 2018 लोहरदगा पुलिस और भाकपा माओवादी के जोनल कमांडर रविंद्र गंझू का दस्ता के साथ मुठभेड़ सुदूरवर्ती बिरजंघा जंगल में हुई. इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके में सर्च अभियान चलाया. इस दौरान पुलिस ने 3 नॉट 3 पुलिस राइफल, एक नक्सली पिट्ठू बरामद किया था.
  • 9 दिसंबर 2018 किस्को थाना क्षेत्र के भूसाखाड़ जंगल में पुलिस और नक्सली के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ में दोनों ओर से करीब तीन सौ राउंड गोलियां चलाई गई थी. इस मुठभेड़ में एक नक्सली को गोली भी लगी थी.
  • 15 दिसंबर 2018  झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में चाइबासा में जंबो क्षेत्र में नक्सली और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ में के दौरान कोबरा 209 बटालियन के एक जवान को गोली लग गई थी.
  • 2 जनवरी 2019  बोकारो में पुलिस और नक्सली मिथिलेश के दस्ते के बीच मुठभेड़ हो गई थी. मुठभेड़ गोमिया के रजाबेड़वा जंगल हुई. इस दौरान सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देख नक्सली मौके से भाग निकले. सुरक्षा बलों ने मौके से पिट्ठू और रोजमर्रा के सामान बरामद किये थे.
  • 4 जनवरी 2019  चतरा के जोड़ी थाना क्षेत्र के कुरखेता जंगल में जोनल कमांडर आलोक के दस्ते और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया है. तीन नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया गया था.

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