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नीति आयोग की टीम के साथ हेमंत की बैठक, मांगे जीएसटी बकाया के 1500 करोड़

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नीति आयोग की टीम के साथ आज बैठक की, जिसमें 15 विभागों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के पास करोड़ो रुपये बकाये की मांग की. बैठक में रॉयल्टी भुगतान पर भी बातें हुईं. मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की टीम से जीएसटी बकाये का 1500 करोड़ देने का आग्रह किया है. यह राशि राज्य सरकार को किस्तों में मिल रही है.

बैठक में नीति आयोग की टीम में डॉ. वीके पॉल, वरीय सलाहकार नीरज सिन्हा, संयुक्त सचिव शैलेंद्र कम करने कुमार द्विवेदी, उप सलाहकार थैयागाराजू बीएम, वरीय सहायक नमन अग्रवाल और युवा प्रोफेशनल ओर से सिद्धे जी शिंदे शामिल थे.

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि केंद्र सरकार द्वारा डीवीसी का अबतक 2200 करोड़ काट लिया गया है. उन्होंने इस पर आपत्ति जतायी है. उन्होंने बताया कि सीसीएल, बीसीसीएल समेत तमाम कोल कंपनियों पर राज्य सरकार का डेढ़ लाख करोड़ बकाया है जो राज्य सरकार को अब तक नहीं मिल पाया है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि 15वें वित्त आयोग राज्य सरकार स्वर्णरेखा परियोजना और धनबाद तथा रामगढ़ में सीवरेज प्लांट के लिए भी राशि की मांग की गयी है.

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पोषाहार के लिये 312 करोड़ जारी करने का आग्रह किया

पोषाहार के लिए मंजूर 312 करोड़ एचडीसी का रुपये जारी कराने, नमामि गंगे योजना का झारखंड में विस्तार, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना पर चर्चा की गई.

बैठक के अन्य बिंदुओं में धनबाद और रामगढ़ में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जीएसटी कंपनसेशन, स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट के लिए 200 करोड़ रुपये, 631 करोड़ की पलामू सिंचाई परियोजना में केन्द्रीय मदद बढ़ाने और उत्तरी कोयला योजना में ईटेक बेल बनाने की स्वीकृति पर भी चर्चा की गई.

केंद्र सरकार से पीएमएवाई का पोर्टल खोलने का आग्रह

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का पोर्टल बंद होने से राज्य के 3 लाख गरीबों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने आग्रह किया है कि पोर्टल जल्द खोल दिया जाये ताकि राज्य के गरीबों को इसका लाभ मिल सके. राज्य में लगभग एक साल से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नई इकाइयां स्वीकृत नहीं हो रही हैं. इससे राज्य के हिस्से में आवास योजनाएं नहीं बन पा रही है.

खनन क्षेत्रों में सोशियो इंपैक्ट एसेसमेंट सर्वे कराने का भी डिमांड मुख्यमंत्री ने

नीति आयोग के समक्ष मुख्यमंत्री ने राज्य के खनन क्षेत्रों में सोशियो इंपैक्ट एसेसमेंट सर्वे कराने की मांग रखी है. ताकि, राज्य में 100 साल से चल रहे खनन कार्यों में लगे लोगों को लाभ मिल रहा है नहीं इसका पता चल सके.

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खनिजों से संबंधित प्रोजेक्ट्स को राज्य में स्थापित करने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक ऐसा राज्य है जो खनिजों के मामले में काफी धनी है. यहां विभिन्न प्रकार के खनिज बहुतायत में हैं. यहां से यह खनिज दूसरे राज्यों और विदेशों में भेजा जाता है.

जहां उसकी प्रोसेसिंग की जाती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर खनिज यहां है तो उससे आधारित प्रोजेक्ट को भी यही स्थापित किया जाना चाहिए.

इससे राज्य के विकास के साथ यहां के लोगों का सर्वांगीण विकास संभव होगा. उन्होंने बताया कि इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं.

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अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को सपोर्ट मिले

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति बाहुल्य राज्य है. लेकिन, वे काफी पिछड़े हुए हैं. अनुसूचित जाति और जनजातियों को आगे बढ़ने का मौका मिले , इसके लिए उन्हें केंद्र से भी पूरा सपोर्ट दिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जातियों के लिए अलग से पॉलिसी बनाई जाए. ताकि उनके विकास से जुड़ी कार्ययोजना बेहतर तरीके से क्रियान्वित हो सके.

उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में खनिजों और उद्योगों के लिए भूमि का जो अधिग्रहण हो रहा है. उससे सबसे ज्यादा किसान प्रभावित हो रहे हैं. वे किसान की बजाय खेतिहर मजदूर हो गए हैं. ऐसे किसानों को भी सपोर्ट देने की दिशा में ठोस पहल होनी चाहिए.

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नीति आयोग ने कोरोना काल में राज्य सरकार के किए गए कार्यों की तारीफ की

इस मौके पर नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर संबंध और समन्वय बनाने की दिशा में नीति आयोग एक कड़ी का काम कर रहा है.

झारखंड सरकार के साथ आज की बैठक काफी अहम रही. जिसमें विकास से संबंधित मसलों पर विचारों का आदान प्रदान हुआ. इससे केंद्र और राज्य के बीच अगर कोई गतिरोध है तो उसके समाधान में सहूलियत होगी.

उन्होंने कहा कि नीति आयोग जो भी पॉलिसी बनाती है. उसमें मंत्रालय के साथ विस्तार से विचार-विमर्श होता है. वहीं, सरकार की नीतियों और योजनाओं की मॉनिटरिंग तथा वैल्यूएशन के लिए भी कई इंस्टिट्यूट हैं.

नीति आयोग का मुख्य उद्देश्य राज्यों को मजबूत बनाने के साथ नया भारत बनाना है. इसी कड़ी में झारखंड सरकार के साथ यह उच्च स्तरीय बैठक की गई. उन्होंने कोरोना काल में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों के लिए मुख्यमंत्री की तारीफ की.

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15 विभागों से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

नीति आयोग के सदस्य ने कहा कि राज्य सरकार के 15 विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. इन सभी पर केंद्र सरकार का भी रिस्पांस मिला है.

आज की बैठक में मुख्य रूप से कोयला, ऊर्जा, रेलवे राजस्व, जल संसाधन, खनिज, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, सिविल एविएशन, गृह, जनजातीय मामले, सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े विषयों पर विशेष रुप से चर्चा हुई और केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों के वरीय पदाधिकारी भी इस दौरान ऑनलाइन मौजूद रहे.

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